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अब प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों पर ऑनलाइन नजर

अब प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों पर ऑनलाइन नजर

योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तर प्रदेश में प्राइमरी स्कूलों की शिक्षा का बंटाढार कर रहे शिक्षकों की नकेल कसने की तैयारी कर ली है। बेसिक शिक्षा परिषद ‘प्रेरणा’ मोबाइल ऐप के जरिए परिषदीय प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में होने वाली हर गतिविधि को ऑनलाइन करने जा रही है। इस व्यवस्था के तहत हेडमास्टर को अब एक टैब के जरिए स्कूल खुलने और बंद होते समय बच्चों के साथ एक सेल्फी लेकर ‘प्रेरणा’ मोबाइल ऐप पर अपलोड करना पड़ेगा। इस व्यवस्था से शिक्षकों की सही रिपोर्टिंग करने में बहुत सहायता मिलेगी।

बेसिक शिक्षा के प्रमुख सचिव विजय किरण आनंद ने प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने नयी व्यवस्था के बारे में सभी को बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में खामियों को ठीक करने के लिए अब परिषदीय प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में होने वाली हर गतिविधि ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए ‘प्रेरणा’ मोबाइल ऐप बनाया गया है। हर ब्लाक के खंड शिक्षाधिकारी और हर स्कूल के हेडमास्टर को एक-एक टैब मिलेगा । जब स्कूल खुलेगा और बंद होगा, उस समय बच्चों और शिक्षकों के साथ सेल्फी लेकर ‘प्रेरणा’ मोबाइल ऐप पर अपलोड होगा। इस व्यवस्था से शिक्षकों की उपस्थिति और बच्चों की संख्या की सही जानकारी उन्हें मिलती रहेगी। इसके साथ ही सभी शिक्षकों की नियुक्ति से लेकर स्थानांतरण, पोस्टिंग, पदोन्नति सब ऑनलाइन होगी। इसकी निगरानी शासन स्तर से की जाएगी। प्राथमिक विद्यालयों में यह व्यवस्था लागू होने से जिले के 1368 प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल के लगभग 7000 शिक्षकों का विवरण ऑनलाइन होगा। बेसिक शिक्षाधिकारी जय सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षकों का सभी विवरण अब पूरी तरह ऑनलाइन होंगे और प्रतिदिन शिक्षकों को अपनी हाजिरी सेल्फी लेकर देनी होगी। इससे शिक्षकों के सही आंकड़े ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेंगे।

इस नयी व्यवस्था की प्रक्रिया में बारे में उनका कहना था कि 'प्रेरणा' मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले एंड्रायड मोबाइल पर बने एमडीएम इंस्पेक्शन आइकन को क्लिक करना होगा। इसके बाद सबसे पहले अपने मोबाइल नंबर से 'प्रेरणा' मोबाइल ऐप पर नामांकन करना होगा। इस दौरान चार अंकों का पिन बनाना होगा। और फिर मोबाइल की स्क्रीन पर प्रदर्शित 'प्रेरणा' ऐप के आइकन को क्लिक करना होगा। अगली स्क्रीन दिखेगी, इसमें आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और आपके द्वारा बनाया गया चार अंकों का पिन उपयोग करना होगा। इसके बाद लॉग-इन के बटन को दबाना होगा। ऐसा करने पर स्क्रीन पर आपको अपने विद्यालय में क्या-क्या कार्य करने हैं, उसका विवरण दिखाई देगा। इसमें अध्यापक उपस्थिति, प्रार्थना सभा की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन आदि से संबंधित विकल्प शामिल होंगे। यदि शिक्षक को अपनी उपस्थिति दर्ज करवानी है तो वह उपस्थिति दर्ज करने के लिए आइकन को क्लिक करेंगे। इसमें विद्यालय का नाम प्रदर्शित होगा। यहां पर स्वयं की उपस्थिति दर्ज करने के लिए चुनें। साथ ही अन्य शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए चुनने के विकल्प खुलेंगे। विकल्प खुलते ही मोबाइल का कैमरा खुल जाएगा। इसमें स्कूल के सभी शिक्षकों की एक ग्रुप फोटो अपलोड करनी होगी। फोटो क्लिक करने के बाद एक स्क्रीन दिखेगी, जिसमें विद्यालयों के सभी शिक्षकों की सूची प्रदर्शित होगी। इसमें जो शिक्षक अनुपस्थित होंगे, उनको अनुपस्थित पर मार्क करना होगा। मार्किंग के बाद अनुपस्थिति का कारण भी बताना होगा। अब देखना यह होगा कि उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल निकम्मे शिक्षकों की कार्यशैली में बदलाव लाती है या फिर यह प्रयास भी ढाक के तीन पात ही साबित होता है।

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हर नागरिक का मौलिक कर्तव्य 

(क) संविधान का पालन करें और उसके आदर्शों, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्र्गान का आदर करें। 

(ख) स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शो को हृदय में संजोए रखें व उनका पालन करें।

(ग) भारत की प्रभुता एकता व अखंडता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण बनाये रखें। 

(घ) देश की रक्षा करें और आवाह्न किए जाने पर राष्ट् की सेवा करें। 

(ङ) भारत के सभी लोग समरसता और सम्मान एवं भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करें जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग के भेदभाव पर आधारित न हों, उन सभी प्रथाओं का त्याग करें जो महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध हों।

(च) हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्त्व समझें और उसका परिरक्षण करें। 

(छ) प्राकृतिक पर्यावरण जिसके अंतर्गत वन, झील,नदी वन्य प्राणी आदि आते हैं की रक्षा व संवर्धन करें तथा प्राणी मात्र के प्रति दयाभाव रखें।

(ज) वैज्ञानिक दृष्टिकोण मानवतावाद व ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें । 

(झ) सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखें व हिंसा से दूर रहें। 

(ञ) व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में सतत उत्कर्ष की ओर बढ़ने का प्रयास करें, जिससे राष्ट्र प्रगति करते हुए प्रयात्न और उपलब्धि की नई ऊँचाइयों को छू ले।

(ट) यदि आप माता-पिता या संरक्षक हैं तो 6 वर्ष से 14 वर्ष आयु वाले अपने या प्रतिपाल्य (यथास्थिति) बच्चे को शिक्षा के अवसर प्रदान करें।