देश की राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए बिगुल बज चुका है। और आम आदमी पार्टी, कांग्रेस एवं भाजपा ने दिल्ली की सत्ता पर कब्जा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जिससे कि ये पार्टियां दिल्ली की सत्ता पर कब्जा कर जनता पर राज कर सकें। वहीं दूसरी ओर दिलचस्प बात ये है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने विधायी परिवर्तनों, विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) अधिनियम, 2021 तथा उसके बाद के अध्यादेशों के जरिए विभिन्न प्रशासनिक कार्यों पर नियंत्रण वापस उपराज्यपाल को सौंप दिया है। इसका अर्थ है कि दिल्ली के प्रशासनिक कार्यों के मालिक यानी बॉस अब निर्वाचित मुख्यमंत्री नहीं बल्कि केंद्र सरकार द्वारा नामित उप राज्यपाल होंगे।
