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जिला लेखा परीक्षा अधिकारी कौन होता है? कार्य एवं दायित्व क्या होते हैं?

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जिला लेखा परीक्षा अधिकारी कौन होता है? कार्य एवं दायित्व क्या होते हैं?

Who is a District Audit Officer? What are his duties and responsibilities? जिला लेखा परीक्षा अधिकारी कौन होता है? कार्य एवं दायित्व क्या होते हैं? हमारे देश में सहकारी समितियों एवं ग्राम पंचायतों में खर्च किए जा रहे सार्वजनिक धन के हिसाब-किताब का परीक्षण करने लिए लेखा परीक्षण विभाग की स्थापना की गयी है। इस विभाग को उत्तर प्रदेश में सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा विभाग के नाम से जाना जाता है। यह विभाग इस बात का परीक्षण करता है कि जिस सार्वजनिक धन को सहकारी समितियों या पंचायतों के द्वारा खर्च यानी व्यय किया जा रहा है वह खर्च गलत तो नहीं है। कहीं उस धन का दुरुपयोग तो नहीं हो रहा है। तथा यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है कि सार्वजनिक धन का उपयोग कुशलतापूर्वक एवं प्रभावी ढंग से हो। इस कार्य के लिए मण्डल स्तर पर उप निदेशक. जिला स्तर पर जिला लेखा परीक्षा अधिकारी. सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी एवं ज्येष्ठ लेखा परीक्षक तथा विकास खंड के स्तर पर लेखा परीक्षक की नियुक्ति की गयी है। जो सहकारी समितियों एवं ग्राम पंचायतों के लेखा परीक्षण के कार्य एवं उत्तरदायित्व को अंजाम देने का कार्य करते हैं। आपको याद होगा इससे पहले हमने आपको विकास खंड स्तर पर लेखा परीक्षण का कार्य एवं उत्तरदायित्व निभाने वाले लेखा परीक्षक के विषय में विस्तार से बताया था। अब आज हम आपको लेखा परीक्षक से वरिष्ठ अधिकारी एवं जिले स्तर पर कार्य करने वाले जिला लेखा परीक्षा अधिकारी के विषय में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए शुरु करते हैं। Follow us- वेबसाइट: https://adhikarexpress.com/ यूट्यूब: https://www.youtube.com/adhikarexpress फेसबुक: https://www.facebook.com/adhikarexpress1 इंस्टाग्राम: https://www.instagram.com/adhikarexpress For any complaint or suggestion mail to This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.. मित्रों, अधिकार एक्सप्रेस एक स्टार्ट-अप ऑनलाइन सूचना/समाचार चैनल है। इसका संचालन adhikarexpress.com दिल्ली के द्वारा किया जा रहा है। अधिकार एक्सप्रेस सरकार(लोक प्रशासन) एवं जनता के लोक सेवा अधिकारों के विषय में जानकारी देने के साथ ही इससे संबंधित समाचारों को जनता तक पहुंचाने का कार्य करता है। उपयोग की शर्तें (Disclaimer) यद्यपि, इस सामग्री की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए हमने सभी प्रयास किए हैं, फिर भी इसे कानून के एक साक्ष्य के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए या किसी कानूनी उद्देश्यों के लिए उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। इसके प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष उपयोग से उत्पन्न होने वाले या डेटा के उपयोग से उत्पन्न होने वाली किसी भी घटना के तहत adhikarexpress.com, बिना किसी सीमा के हानि या नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

नागरिक का मौलिक कर्तव्य

(क) संविधान का पालन करें और उसके आदर्शों, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्र्गान का आदर करें। 

(ख) स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शो को हृदय में संजोए रखें व उनका पालन करें।

(ग) भारत की प्रभुता एकता व अखंडता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण बनाये रखें। 

(घ) देश की रक्षा करें और आवाह्न किए जाने पर राष्ट् की सेवा करें। 

(ङ) भारत के सभी लोग समरसता और सम्मान एवं भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करें जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग के भेदभाव पर आधारित न हों, उन सभी प्रथाओं का त्याग करें जो महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध हों।

(च) हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्त्व समझें और उसका परिरक्षण करें। 

(छ) प्राकृतिक पर्यावरण जिसके अंतर्गत वन, झील,नदी वन्य प्राणी आदि आते हैं की रक्षा व संवर्धन करें तथा प्राणी मात्र के प्रति दयाभाव रखें।

(ज) वैज्ञानिक दृष्टिकोण मानवतावाद व ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें । 

(झ) सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखें व हिंसा से दूर रहें। 

(ञ) व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में सतत उत्कर्ष की ओर बढ़ने का प्रयास करें, जिससे राष्ट्र प्रगति करते हुए प्रयात्न और उपलब्धि की नई ऊँचाइयों को छू ले।

(ट) यदि आप माता-पिता या संरक्षक हैं तो 6 वर्ष से 14 वर्ष आयु वाले अपने या प्रतिपाल्य (यथास्थिति) बच्चे को शिक्षा के अवसर प्रदान करें।

बंदी (कैदी) का अधिकार