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आपने जनपद के बेसिक शिक्षा अधिकारी के बारे में अवश्य सुना होगा । यह भी हो सकता है कि आप लोगों में कई लोगों ने प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों की मनमानी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिकायत भी की होगी। जिससे प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को सुचारु रुप से अच्छी शिक्षा मिल सके। लेकिन क्या आपको जानकारी है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी कौन होता है? उसके कार्य क्या होते हैं? यदि आपको नहीं पता है तो कोई बात नहीं। ,,,,चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,,।
आपने जनपद के बेसिक शिक्षा अधिकारी के बारे में अवश्य सुना होगा । यह भी हो सकता है कि आप लोगों में कई लोगों ने प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों की मनमानी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिकायत भी की होगी। जिससे प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को सुचारु रुप से अच्छी शिक्षा मिल सके। लेकिन क्या आपको जानकारी है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी कौन होता है? उसके कार्य क्या होते हैं? यदि आपको नहीं पता है तो कोई बात नहीं। ,,,,चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,,।
आपने पढ़ा और सुना भी होगा कि कई बार पुलिस किसी अपराधी को थर्ड डिग्री देकर भी परेशान हो जाती है, लेकिन वह मुंह खोलने और अपना अपराध स्वीकार करने को तैयार नहीं होता है। वहीं कई ऐसे हाईप्रोफाइल केस आते हैं, जिन्हें खोलने का पुलिस पर बहुत दबाव होता है। लेकिन उसके सारे जांच के अस्त्र असफल साबित हो चुके होते हैं। ऐसी स्थित में अपराधी से सच उगलवाने के लिए वह नार्को टेस्ट का सहारा लेते हैं। ,,,चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,
आपने पढ़ा और सुना भी होगा कि कई बार पुलिस किसी अपराधी को थर्ड डिग्री देकर भी परेशान हो जाती है, लेकिन वह मुंह खोलने और अपना अपराध स्वीकार करने को तैयार नहीं होता है। वहीं कई ऐसे हाईप्रोफाइल केस आते हैं, जिन्हें खोलने का पुलिस पर बहुत दबाव होता है। लेकिन उसके सारे जांच के अस्त्र असफल साबित हो चुके होते हैं। ऐसी स्थित में अपराधी से सच उगलवाने के लिए वह नार्को टेस्ट का सहारा लेते हैं। ,,,चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,
आप किसी शहर यानी नगर में रहते हैं तो आप आपने पार्षद के बारे में अवश्य जानते होंगे। और हो सकता है अपने मोहल्ले के किसी विकास के कार्य को लेकर पार्षद से भेंट भी की होगी। क्योंकि वह ग्राम पंचायत की तरह आपके मोहल्ले के विकास कार्यों को करवाने के लिए उत्तरदायी होता है। लेकिन अभी भी किसी व्यक्ति को यह पता नहीं है कि पार्षद क्या होता है और उसके कार्य क्या होते हैं तो कोई बात नहीं।,,, चलिए हम आपको बताते हैं,,,।
आप किसी शहर यानी नगर में रहते हैं तो आप आपने पार्षद के बारे में अवश्य जानते होंगे। और हो सकता है अपने मोहल्ले के किसी विकास के कार्य को लेकर पार्षद से भेंट भी की होगी। क्योंकि वह ग्राम पंचायत की तरह आपके मोहल्ले के विकास कार्यों को करवाने के लिए उत्तरदायी होता है। लेकिन अभी भी किसी व्यक्ति को यह पता नहीं है कि पार्षद क्या होता है और उसके कार्य क्या होते हैं तो कोई बात नहीं।,,, चलिए हम आपको बताते हैं,,,।
देश में लोगों के बीच ये सामान्य धारणा है कि यदि किसी घटना को लेकर वह पुलिस थाने जाएंगे तो पुलिस उनका सहयोग करने की बजाय उनके साथ बुरा व्यवहार कर सकती है। और उन्हें परेशान कर सकती है। इसलिए जब तक कोई मजबूरी यानी बाध्यता न हो तब तक पुलिस वालों से दूरी बनाकर रखना ही उचित है। इसलिए पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण के समय कुछ आचरणों के पालन पर विशेष बल दिया जाता है। ,,,चलिए हम आपको बताते हैं,,,,।
देश में लोगों के बीच ये सामान्य धारणा है कि यदि किसी घटना को लेकर वह पुलिस थाने जाएंगे तो पुलिस उनका सहयोग करने की बजाय उनके साथ बुरा व्यवहार कर सकती है। और उन्हें परेशान कर सकती है। इसलिए जब तक कोई मजबूरी यानी बाध्यता न हो तब तक पुलिस वालों से दूरी बनाकर रखना ही उचित है। इसलिए पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण के समय कुछ आचरणों के पालन पर विशेष बल दिया जाता है। ,,,चलिए हम आपको बताते हैं,,,,।
क्या आप जानते हैं कि हमारे नेताओं और अन्य लोगों को जनपद यानि जिला स्तर पर किन सुरक्षा व्यवस्था संबंधी मानकों के आधार पर सुरक्षा दी जाती है। यदि आपको नहीं पता है तो कोई बात नहीं है चलिए हम आपको बताते हैं।
क्या आप जानते हैं कि हमारे नेताओं और अन्य लोगों को जनपद यानि जिला स्तर पर किन सुरक्षा व्यवस्था संबंधी मानकों के आधार पर सुरक्षा दी जाती है। यदि आपको नहीं पता है तो कोई बात नहीं है चलिए हम आपको बताते हैं।
आपने कभी न कभी पुलिस विभाग से निजी सत्यापन, पुलिस सत्यापन, सेवा सत्यापन, सैन्य सेवा सत्यापन या ठेकेदारी सत्यापन करवाया होगा। यदि नहीं करवाया है तो कभी न कभी आपको इसकी आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए आपके लिए यह जानना आवश्यक है कि इनके सत्यापन की प्रक्रिया क्या है और शासन द्वारा इन सत्यापनों के लिए समय कितना निर्धारित किया है। चलिए हम आपको बताते हैं,,,,।
आपने कभी न कभी पुलिस विभाग से निजी सत्यापन, पुलिस सत्यापन, सेवा सत्यापन, सैन्य सेवा सत्यापन या ठेकेदारी सत्यापन करवाया होगा। यदि नहीं करवाया है तो कभी न कभी आपको इसकी आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए आपके लिए यह जानना आवश्यक है कि इनके सत्यापन की प्रक्रिया क्या है और शासन द्वारा इन सत्यापनों के लिए समय कितना निर्धारित किया है। चलिए हम आपको बताते हैं,,,,।
क्या आपने कभी जानने की कोशिश की है कि जब कहीं भी आपके साथ कोई घटना घटित होती है । और फिर आप पुलिस कंट्रोल रुप को फोन करके पुलिस को सूचना देते हैं कि मेरे साथ फला घटना घटित हो गयी है, तत्काल आवश्यक कार्यवाही करें, तो पुलिस किस प्रकार से और कितने समय में आपकी शिकायत पर कार्रवाई करती है।,,,यदि नहीं जानकारी है तो कोई बात नहीं,चलिए हम आपको बताते हैं,,,,।
क्या आपने कभी जानने की कोशिश की है कि जब कहीं भी आपके साथ कोई घटना घटित होती है । और फिर आप पुलिस कंट्रोल रुप को फोन करके पुलिस को सूचना देते हैं कि मेरे साथ फला घटना घटित हो गयी है, तत्काल आवश्यक कार्यवाही करें, तो पुलिस किस प्रकार से और कितने समय में आपकी शिकायत पर कार्रवाई करती है।,,,यदि नहीं जानकारी है तो कोई बात नहीं,चलिए हम आपको बताते हैं,,,,।
हमारे देश में सामान्य रुप से देखने को मिलता है कि जब कोई साधारण व्यक्ति किसी भी घटना को लेकर पुलिस थाना जाता है, तो बहुधा यानी अक्सर पुलिसवाले उसकी एफआईआर यानी प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत नहीं करते हैं। यदि वह एफआईआर पंजीकृत भी कर भी लेते हैं तो घटना पर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। ऐसी दशा में पीड़ित व्यक्ति के पास एक ही रास्ता बचता है कि वह जनपद के पुलिस प्रमुख, यानी पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत करे और पुलिस थाने को संबंधित मामले में कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग करे। इसलिए आपके लिए यह जानना बहुत आवश्यक है कि पुलिस अधीक्षक कौन होता है और उसके अधिकार एवं कर्तव्य क्या होते हैं।
हमारे देश में सामान्य रुप से देखने को मिलता है कि जब कोई साधारण व्यक्ति किसी भी घटना को लेकर पुलिस थाना जाता है, तो बहुधा यानी अक्सर पुलिसवाले उसकी एफआईआर यानी प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत नहीं करते हैं। यदि वह एफआईआर पंजीकृत भी कर भी लेते हैं तो घटना पर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। ऐसी दशा में पीड़ित व्यक्ति के पास एक ही रास्ता बचता है कि वह जनपद के पुलिस प्रमुख, यानी पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत करे और पुलिस थाने को संबंधित मामले में कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग करे। इसलिए आपके लिए यह जानना बहुत आवश्यक है कि पुलिस अधीक्षक कौन होता है और उसके अधिकार एवं कर्तव्य क्या होते हैं।
हमारे देश में पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत गांव के विकास के लिए जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत की स्थापना की गयी है। जिससे पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से पंचायतों के विकास में ग्रामीणों की प्रभावी भागीदारी को सुनिश्चित किया जा सके। और गांवों का विकास किया जा सके। इसके लिए जिला पंचायत के स्तर पर जिला विकास अधिकारी की नियुक्त की गयी है, जो ग्राम विकास विभाग की योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।,,,,चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,,।
हमारे देश में पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत गांव के विकास के लिए जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत की स्थापना की गयी है। जिससे पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से पंचायतों के विकास में ग्रामीणों की प्रभावी भागीदारी को सुनिश्चित किया जा सके। और गांवों का विकास किया जा सके। इसके लिए जिला पंचायत के स्तर पर जिला विकास अधिकारी की नियुक्त की गयी है, जो ग्राम विकास विभाग की योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।,,,,चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,,।
देशभर में लॉकडाऊन के बाद अनलॉक का द्वितीय चरण चालू हो चुका है। वहीं कोरोना संक्रमण की गति रुकने की बजाय लगातार बढ़ती ही जा रही है। क्योंकि अनलॉक होते ही लोग दो गज की दूरी और मास्क पहनने के नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। पुलिस की सख्ती के बाद भी वाहन चालक सरेआम इस आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं। चलिए आपको दिखाते हैं,,,,,,,,।
देशभर में लॉकडाऊन के बाद अनलॉक का द्वितीय चरण चालू हो चुका है। वहीं कोरोना संक्रमण की गति रुकने की बजाय लगातार बढ़ती ही जा रही है। क्योंकि अनलॉक होते ही लोग दो गज की दूरी और मास्क पहनने के नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। पुलिस की सख्ती के बाद भी वाहन चालक सरेआम इस आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं। चलिए आपको दिखाते हैं,,,,,,,,।