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जनपद के खाद्य और रसद विभाग के विपणन अधिकारी यानी मार्केटिंग इंस्पेक्टर के कारनामों के बारे में तो आपने सूना ही होगा। गलत और मनमाने ढंग से धान की खरीदी और कोटेदारों से मिली भगत करके राशन की कालाबाजारी करने के इनके कारनामों की चर्चा तो हर तरफ होती ही रहती ही है। लेकिन बहुत से लोगों को अभी पता नहीं है कि विपणन निरीक्षक क्या होता है और यह किस प्रकार के कर्तव्यों का निर्वहन करता है। ,,, चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,।
जनपद के खाद्य और रसद विभाग के विपणन अधिकारी यानी मार्केटिंग इंस्पेक्टर के कारनामों के बारे में तो आपने सूना ही होगा। गलत और मनमाने ढंग से धान की खरीदी और कोटेदारों से मिली भगत करके राशन की कालाबाजारी करने के इनके कारनामों की चर्चा तो हर तरफ होती ही रहती ही है। लेकिन बहुत से लोगों को अभी पता नहीं है कि विपणन निरीक्षक क्या होता है और यह किस प्रकार के कर्तव्यों का निर्वहन करता है। ,,, चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,।
उत्तर प्रदेश में यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी आपका काम करने के लिए घूस की मांग करता है तो अब आपको नहीं बल्कि उसे घबराने की आवश्यकता है। घूसखोर कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध सतर्कता विभाग यानी विजिलेंस डिपार्टमेंट ने कठोर कार्रवाई का मन बना लिया है।,,,, चलिए आपको हम विस्तार से बताते हैं,,,।
उत्तर प्रदेश में यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी आपका काम करने के लिए घूस की मांग करता है तो अब आपको नहीं बल्कि उसे घबराने की आवश्यकता है। घूसखोर कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध सतर्कता विभाग यानी विजिलेंस डिपार्टमेंट ने कठोर कार्रवाई का मन बना लिया है।,,,, चलिए आपको हम विस्तार से बताते हैं,,,।
यदि आप देश के किसी महानगर में रहते हैं तो आपको पता होगा कि महापौर यानी मेयर कौन होता है। हो सकता है आपने महापौर के निर्वाचन के लिए मतदान भी किया होगा, यदि किसी व्यक्ति को नहीं पता है कि महापौर कौन होता है, तो कोई बात नहीं है।,,,चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,।
http://adhikarexpress.com/
यदि आप देश के किसी महानगर में रहते हैं तो आपको पता होगा कि महापौर यानी मेयर कौन होता है। हो सकता है आपने महापौर के निर्वाचन के लिए मतदान भी किया होगा, यदि किसी व्यक्ति को नहीं पता है कि महापौर कौन होता है, तो कोई बात नहीं है।,,,चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,।
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हमारे देश में यह सामान्य धारणा बन गयी है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी भूमि की नाप के लिए लेखपाल को बुलाएगा या फिर उससे संबंधित किसी अन्य कार्य के लिए संपर्क करेगा तो वह टालमटोल करेगा। यदि वह कार्य करने के लिए तैयार भी होगा तो कार्य करने स्थान पर घूस की मांग भी कर सकता है। इसीलिए जब तक बहुत आवश्यक न हो तब तक लोग लेखपाल के पास जाने से हिचकते हैं। ऐसी दशा में लोग असहाय हो जाते हैं कि आखिर करें तो क्या करें। ,,, चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,,।
हमारे देश में यह सामान्य धारणा बन गयी है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी भूमि की नाप के लिए लेखपाल को बुलाएगा या फिर उससे संबंधित किसी अन्य कार्य के लिए संपर्क करेगा तो वह टालमटोल करेगा। यदि वह कार्य करने के लिए तैयार भी होगा तो कार्य करने स्थान पर घूस की मांग भी कर सकता है। इसीलिए जब तक बहुत आवश्यक न हो तब तक लोग लेखपाल के पास जाने से हिचकते हैं। ऐसी दशा में लोग असहाय हो जाते हैं कि आखिर करें तो क्या करें। ,,, चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,,।
हमारे देश में कोई भी नागरिक राशनकार्ड के माध्यम से शासकीय उचित मूल्य की दुकान या राशन डीलर से कम मूल्य पर राशन प्राप्त कर सकता है। लेकिन बहुधा देखने और सुनने को मिलता है कि कोटेदार कार्ड में अंकित मात्रा के अनुसार राशन नहीं देते है। निर्धनों यानी गरीबों के हिस्से का राशन निजी दुकानों में बेच दिया जाता है। कई बार दुकान समय पर ही नहीं खुलती है। ऐसी स्थिति में कई लोगों को समझ में नहीं आता है कि वह करे तो क्या करें? ,,, चलिए हम आपको बताते हैं कि आप किस प्रकार से कोटेदार या राशन डीलर की शिकायत कर सकते हैं,,,।
हमारे देश में कोई भी नागरिक राशनकार्ड के माध्यम से शासकीय उचित मूल्य की दुकान या राशन डीलर से कम मूल्य पर राशन प्राप्त कर सकता है। लेकिन बहुधा देखने और सुनने को मिलता है कि कोटेदार कार्ड में अंकित मात्रा के अनुसार राशन नहीं देते है। निर्धनों यानी गरीबों के हिस्से का राशन निजी दुकानों में बेच दिया जाता है। कई बार दुकान समय पर ही नहीं खुलती है। ऐसी स्थिति में कई लोगों को समझ में नहीं आता है कि वह करे तो क्या करें? ,,, चलिए हम आपको बताते हैं कि आप किस प्रकार से कोटेदार या राशन डीलर की शिकायत कर सकते हैं,,,।
माना जाता है कि लगभग सभी विभागों से इंस्पेक्टर राज का अंत हो चुका है, लेकिन खाद्य एवं रसद विभाग का सप्लाई इंस्पेक्टर यानी पूर्ति निरीक्षक इस मामले में अनोखा है। लोगों का कहना है कि वह मन का राजा होता है, वह चाहे तो आपका राशन कार्ड बन जाएगा और राशन भी मिल जाएगा, और यदि वह न चाहे तो फिर आप अपनी समस्या को लेकर किसी भी वरिष्ठ अधिकारी का चक्कर लगाते रहिए। इससे उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।,,, चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं कि सप्लाई इंस्पेक्टर क्या होता है,,,।
माना जाता है कि लगभग सभी विभागों से इंस्पेक्टर राज का अंत हो चुका है, लेकिन खाद्य एवं रसद विभाग का सप्लाई इंस्पेक्टर यानी पूर्ति निरीक्षक इस मामले में अनोखा है। लोगों का कहना है कि वह मन का राजा होता है, वह चाहे तो आपका राशन कार्ड बन जाएगा और राशन भी मिल जाएगा, और यदि वह न चाहे तो फिर आप अपनी समस्या को लेकर किसी भी वरिष्ठ अधिकारी का चक्कर लगाते रहिए। इससे उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।,,, चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं कि सप्लाई इंस्पेक्टर क्या होता है,,,।
भारत सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करने हेतु, प्रत्येक वर्ष नई-नई योजनाएं लागू करती है, जिससे कि किसानों की आय में बढ़ोत्तरी हो सके। केंद्र सरकार का लक्ष्य 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना है। इसी कड़ी में किसानों के अनाज का उचित मूल्य दिलाने के सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि कि एमएसपी योजना लागू कर रखा है। जिससे किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।,,,चलिए हम आपको विस्तार बताते हैं,,,,
भारत सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करने हेतु, प्रत्येक वर्ष नई-नई योजनाएं लागू करती है, जिससे कि किसानों की आय में बढ़ोत्तरी हो सके। केंद्र सरकार का लक्ष्य 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना है। इसी कड़ी में किसानों के अनाज का उचित मूल्य दिलाने के सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि कि एमएसपी योजना लागू कर रखा है। जिससे किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।,,,चलिए हम आपको विस्तार बताते हैं,,,,
नगर या गांव में, जहां भी आप रहते हैं वहां पर आप उचित दर की दुकान यानी राशन की दुकान से अवश्य परिचित होंगे। ऐसी आशा है कि इस कोरोना काल में आपको उचित दर पर खाद्यान्न यानी राशन भी मिल रहा होगा। लेकिन यदि किसी को भी खाद्यन्न नहीं मिल रहा है तो वह अपने जिले यानी जनपद के जिला पूर्ति अधिकारी से उचित दर की दुकान के विक्रेता के विरुद्ध लिखित शिकायत कर सकता है। और कार्रवाई की मांग भी कर सकता है। ,,,चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,,।
नगर या गांव में, जहां भी आप रहते हैं वहां पर आप उचित दर की दुकान यानी राशन की दुकान से अवश्य परिचित होंगे। ऐसी आशा है कि इस कोरोना काल में आपको उचित दर पर खाद्यान्न यानी राशन भी मिल रहा होगा। लेकिन यदि किसी को भी खाद्यन्न नहीं मिल रहा है तो वह अपने जिले यानी जनपद के जिला पूर्ति अधिकारी से उचित दर की दुकान के विक्रेता के विरुद्ध लिखित शिकायत कर सकता है। और कार्रवाई की मांग भी कर सकता है। ,,,चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,,।
पुलिस हिरासत और न्यायिक हिरासत दोनों शब्द एक जैसे ही लगते हैं, लेकिन दोनों में काफी अंतर है। किसी भी आरोपी व्यक्ति को पुलिस हिरासत और न्यायिक हिरासत में भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता यानी CRPC के नियमों के अनुसार रखा जाता है। चलिए हम आपको बताते हैं।
पुलिस हिरासत और न्यायिक हिरासत दोनों शब्द एक जैसे ही लगते हैं, लेकिन दोनों में काफी अंतर है। किसी भी आरोपी व्यक्ति को पुलिस हिरासत और न्यायिक हिरासत में भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता यानी CRPC के नियमों के अनुसार रखा जाता है। चलिए हम आपको बताते हैं।
आपने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई के समय शिक्षा विभाग के अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक के विषय में अवश्य सुना होगा। हो सकता है कई लोगों ने अपने विद्यालय में हो रही किसी समस्या के समाधान को लेकर भेंट भी की होगी। लेकिन फिर भी यदि आप लोगों को जानकारी नहीं है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कौन होता है और उसके कार्य क्या-क्या होते हैं, तो कोई बात नहीं है।,,,चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,,।
आपने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई के समय शिक्षा विभाग के अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक के विषय में अवश्य सुना होगा। हो सकता है कई लोगों ने अपने विद्यालय में हो रही किसी समस्या के समाधान को लेकर भेंट भी की होगी। लेकिन फिर भी यदि आप लोगों को जानकारी नहीं है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कौन होता है और उसके कार्य क्या-क्या होते हैं, तो कोई बात नहीं है।,,,चलिए हम आपको विस्तार से बताते हैं,,,,।