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आप गांव या नगर कहीं भी रहते हों, आपने जिला समाज कल्याण अधिकारी के विषय में अवश्य सुना होगा। जबकि आप लोगों में से कई लोगों ने तो कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिये जिला समाज कल्याण अधिकारी से संपर्क भी किया होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिला समाज कल्याण अधिकारी कौन होता है और उसके अधिकार एवं दायित्व क्या होते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हमने आपको पिछले भाग यानी पहले और दूसरे भाग में आपको जनपद के जन सूचना अधिकारियों और प्रथम अपील अधिकारियों के विषय में बताया था। आज हम आपको जनपद के ही बाकी जन सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों के विषय में बताने जा रहे हैं। चलिये शुरु करते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
हमने आपको पिछले भाग यानी पहले और दूसरे भाग में आपको जनपद के जन सूचना अधिकारियों और प्रथम अपील अधिकारियों के विषय में बताया था। आज हम आपको जनपद के ही बाकी जन सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों के विषय में बताने जा रहे हैं। चलिये शुरु करते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
देश के हर नागरिक को सूचना का अधिकार के अंतर्गत किसी भी लोक प्राधिकारी यानी सरकारी अधिकारी अथवा उसके नियंत्रण के अधीन किसी भी दस्तावेजों और अभिलेखों का निरीक्षण करने का अधिकार है। साथ ही इन अभिलेखों और दस्तावेजों की प्रमाणिक प्रति या टेप, पेन ड्राइव, वीडियो कैसेट आदि के रुप में प्राप्त करने का अधिकार है। इन सूचनाओं को उपलब्ध कराने के लिये प्रत्येक सरकारी विभाग या शासन द्वारा वित्तपोषित संस्था में जन सूचना अधिकारी या लोक सूचना अधिकारी की नियुक्ति की गयी है, जिसका उत्तरदायित्व है कि वह उस विभाग के विभिन्न भागों से आपके द्वारा मांगी गई जानकारी इकट्ठा करे और आपको प्रदान करे। यदि वह आवेदन के 30 दिन के भीतर आवेदक को सूचना उपलब्ध नहीं कराता है तो उस पर जुर्माना भी ठोका जा सकता है। चलिये आपको बताते हैं कि आपके जनपद में कौन-कौन से जन सूचना अधिकारी होते हैं और इसके साथ ही प्रथम अपील अधिकारी कौन-कौन होते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
देश के हर नागरिक को सूचना का अधिकार के अंतर्गत किसी भी लोक प्राधिकारी यानी सरकारी अधिकारी अथवा उसके नियंत्रण के अधीन किसी भी दस्तावेजों और अभिलेखों का निरीक्षण करने का अधिकार है। साथ ही इन अभिलेखों और दस्तावेजों की प्रमाणिक प्रति या टेप, पेन ड्राइव, वीडियो कैसेट आदि के रुप में प्राप्त करने का अधिकार है। इन सूचनाओं को उपलब्ध कराने के लिये प्रत्येक सरकारी विभाग या शासन द्वारा वित्तपोषित संस्था में जन सूचना अधिकारी या लोक सूचना अधिकारी की नियुक्ति की गयी है, जिसका उत्तरदायित्व है कि वह उस विभाग के विभिन्न भागों से आपके द्वारा मांगी गई जानकारी इकट्ठा करे और आपको प्रदान करे। यदि वह आवेदन के 30 दिन के भीतर आवेदक को सूचना उपलब्ध नहीं कराता है तो उस पर जुर्माना भी ठोका जा सकता है। चलिये आपको बताते हैं कि आपके जनपद में कौन-कौन से जन सूचना अधिकारी होते हैं और इसके साथ ही प्रथम अपील अधिकारी कौन-कौन होते हैं। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
क्या आप जानते हैं कि आपकी ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के अंतर्गत श्रमिकों को 100 दिन का कार्य उपलब्ध कराने वाला ग्राम रोजगार सेवक कौन होता है और उसके अधिकार एवं दायित्व क्या होते हैं...। यदि नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं है। चलिये हम आपको बताते हैं हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
क्या आप जानते हैं कि आपकी ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के अंतर्गत श्रमिकों को 100 दिन का कार्य उपलब्ध कराने वाला ग्राम रोजगार सेवक कौन होता है और उसके अधिकार एवं दायित्व क्या होते हैं...। यदि नहीं जानते हैं तो कोई बात नहीं है। चलिये हम आपको बताते हैं हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
ग्राम सभा के लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत सदस्य ग्राम सभा का महत्वपूर्ण अंग तो होता है, लेकिन उसके पास कोई अधिकार नहीं होते हैं। सभी अधिकार और निर्णय ग्राम प्रधान ही लेता है। इसलिए ही इस पद के लिए उन लोगों के बीच कोई रुचि नहीं है। इसलिये आज हम आपसे इस महत्वपूर्ण समस्या के विषय में चर्चा करेंगे और साथ ही विस्तार से यह भी बतायेंगे कि ग्राम पंचायत सदस्य कौन होता है और उसके अधिकार एवं दायित्व क्या होते हैं। चलिये शुरु करते हैं...। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
ग्राम सभा के लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत सदस्य ग्राम सभा का महत्वपूर्ण अंग तो होता है, लेकिन उसके पास कोई अधिकार नहीं होते हैं। सभी अधिकार और निर्णय ग्राम प्रधान ही लेता है। इसलिए ही इस पद के लिए उन लोगों के बीच कोई रुचि नहीं है। इसलिये आज हम आपसे इस महत्वपूर्ण समस्या के विषय में चर्चा करेंगे और साथ ही विस्तार से यह भी बतायेंगे कि ग्राम पंचायत सदस्य कौन होता है और उसके अधिकार एवं दायित्व क्या होते हैं। चलिये शुरु करते हैं...। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
यदि अभी तक आपने पंजीकरण न होने के कारण टीका नहीं लगवाया है तो अब आपको परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है। क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय की कड़ी फटकार के बाद केंद्र सरकार ने कहा है कि कोविड-नाइनटीन टीके के लिए अब पहले से कोविन एप पर पंजीकरण कराना आवश्यक नहीं है। लोग सीधे टीकाकरण सेंटर जाकर पंजीकरण कराने के साथ ही टीका लगवा सकते हैं। हालांकि सरकार ने अब कोविशील्ड की दोनों खुराकों के बीच का अंतराल बढ़ाकर 12-16 हफ्ते कर दिया है। चलिये आपको दिखाते हैं कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के आनापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में किस प्रकार से टीकाकरण किया जा रहा है...। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
यदि अभी तक आपने पंजीकरण न होने के कारण टीका नहीं लगवाया है तो अब आपको परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है। क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय की कड़ी फटकार के बाद केंद्र सरकार ने कहा है कि कोविड-नाइनटीन टीके के लिए अब पहले से कोविन एप पर पंजीकरण कराना आवश्यक नहीं है। लोग सीधे टीकाकरण सेंटर जाकर पंजीकरण कराने के साथ ही टीका लगवा सकते हैं। हालांकि सरकार ने अब कोविशील्ड की दोनों खुराकों के बीच का अंतराल बढ़ाकर 12-16 हफ्ते कर दिया है। चलिये आपको दिखाते हैं कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के आनापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में किस प्रकार से टीकाकरण किया जा रहा है...। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
आज हम आपको प्रयागराज जिले के श्रृंगवेरपुर विकास खंड के कोरारी गांव में ले चलेंगे, जहां आपको कोरारी गांव में अब तक हुये विकास के संबंध में गांव वालों की प्रतिक्रिया सुनायेंगे। कि किस प्रकार से मतदान के समय तो ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी गांव का विकास करने के बड़े-बड़े दावे तो करते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि वह पांच वर्ष के कार्यकाल में गांव का विकास करने की बजाय विकास योजनाओं के धन की जमकर लूट करते हैं। चलिये आपको सुनाते हैं...। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
आज हम आपको प्रयागराज जिले के श्रृंगवेरपुर विकास खंड के कोरारी गांव में ले चलेंगे, जहां आपको कोरारी गांव में अब तक हुये विकास के संबंध में गांव वालों की प्रतिक्रिया सुनायेंगे। कि किस प्रकार से मतदान के समय तो ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी गांव का विकास करने के बड़े-बड़े दावे तो करते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि वह पांच वर्ष के कार्यकाल में गांव का विकास करने की बजाय विकास योजनाओं के धन की जमकर लूट करते हैं। चलिये आपको सुनाते हैं...। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य वास्तव में गांव का विकास करते हैं...? इसी सच्चाई को जानने के लिये जब हम प्रयागराज जिले के श्रृंगवेरपुर विकास खंड के आनापुर गांव में पहुंचे तो लोग बहुत गुस्से में दिखायी दिये। उनका कहना था कि मतदान के समय तो ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी गांव का विकास करने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि वह पांच वर्ष के अपने कार्यकाल में गांव का विकास नहीं बल्कि अपना और अपने समर्थकों का विकास करते हैं। चलिये आपको सुनाते हैं...। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य वास्तव में गांव का विकास करते हैं...? इसी सच्चाई को जानने के लिये जब हम प्रयागराज जिले के श्रृंगवेरपुर विकास खंड के आनापुर गांव में पहुंचे तो लोग बहुत गुस्से में दिखायी दिये। उनका कहना था कि मतदान के समय तो ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी गांव का विकास करने के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि वह पांच वर्ष के अपने कार्यकाल में गांव का विकास नहीं बल्कि अपना और अपने समर्थकों का विकास करते हैं। चलिये आपको सुनाते हैं...।
चलिये हम आपको मिलाते हैं प्रयागराज जिले के कौड़िहार विकास खंड से निर्वाचित पूर्व बीडीसी शिव कुमार यादव से। जो आपको बीडीसी के अधिकार और दायित्व के विषय में विस्तार से जानकारी देंगे और साथ ही यह भी बतायेंगे कि बीडीसी को अपना दायित्व निभाते समय किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। चलिये शुरु करते हैं....।
चलिये हम आपको मिलाते हैं प्रयागराज जिले के कौड़िहार विकास खंड से निर्वाचित पूर्व बीडीसी शिव कुमार यादव से। जो आपको बीडीसी के अधिकार और दायित्व के विषय में विस्तार से जानकारी देंगे और साथ ही यह भी बतायेंगे कि बीडीसी को अपना दायित्व निभाते समय किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। चलिये शुरु करते हैं....।
बड़े अफसोस की बात है कि श्रृंगवेरपुर को आस्था का बड़ा केंद्र बनाने के लिये सरकार करोड़ों रुपये तो व्यय कर रही है, लेकिन वहां पर साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। श्रृंगवेरपुर घाट से लेकर शौचालय तक भारी मात्रा में गंदगी पसरी हुई है, लेकिन सफाई कर्मचारी से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक कोई भी इसकी सुध लेने को तैयार नहीं है। चलिये आपको दिखाते हैं....।
आपने मीडिया में देखा और सुना भी होगा कि अप्रैल और मई महीने में श्रृंगवेरपुर घाट के किनारे गंगा नदी में भारी संख्या में शवों को दफनाया गया था। इस समाचार के सामने आने के बाद देशभर में हड़कंप मच गया था। दूसरी ओर प्रशासन अपनी गलती मानने की बजाय शवों को दफनाने की पुरानी परम्परा की दुहाई देकर अपना पल्ला झाड़ने में जुट गया था। लेकिन मामले ने जब तूल पकड़ा तो प्रशासन को गंगा के किनारे शवों के दफनाने पर रोक लगानी पड़ी। और मौके पर पुलिस और एनडीआरएफ टीम को तैनाती करना पड़ा।
आपने मीडिया में देखा और सुना भी होगा कि अप्रैल और मई महीने में श्रृंगवेरपुर घाट के किनारे गंगा नदी में भारी संख्या में शवों को दफनाया गया था। इस समाचार के सामने आने के बाद देशभर में हड़कंप मच गया था। दूसरी ओर प्रशासन अपनी गलती मानने की बजाय शवों को दफनाने की पुरानी परम्परा की दुहाई देकर अपना पल्ला झाड़ने में जुट गया था। लेकिन मामले ने जब तूल पकड़ा तो प्रशासन को गंगा के किनारे शवों के दफनाने पर रोक लगानी पड़ी। और मौके पर पुलिस और एनडीआरएफ टीम को तैनाती करना पड़ा।