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अंबाला (हरियाणा)। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बिना दलील सुने ही कैथल की कष्ट निवारण समिति की बैठक में जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ को सस्पेंड कर दिया, और उसकी गिरफ्तारी के आदेश दे दिए। इसके साथ ही डिलीवरी के दौरान लापरवाही के मामले में 2 स्टाफ नर्स समेत 4 को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिया। विज से मिलने आए एम्बुलेंस चालक, ईएमटी, नर्सिंग सिस्टर और स्टाफ नर्स को बैरंग वापस लौटना पड़ गया। हालांकि इऩ कर्मचारियों ने खुद को बेकसूर बताया है। एसडीओ, अधीक्षण अभियंता और डीसी ने कहा कि शिकायत रंजिशन की गयी है, इसकी पहले जांच करा ली जाए, लेकिन विज ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया। विज ने बताया कि बीते कई हफ्ते से ऐसी शिकायतें सामने आ रही थीं, लेकिन अधिकारी कोई एक्शन नहीं ले रहे थे। एसडीओ को सस्पेंड करने पर विज ने कहा कि उक्त एसडीओ की शिकायत हर हफ्ते आ रही थी, इसलिए उसे बर्खास्त कर दिया गया।
एसडीओ वेदपाल का कहना है कि 8 मई को ठेकेदार की लेबर को पानी देने से इंकार करने पर उस पर गुहला कार्यालय में हमला कर दिया गया था। इस मामले में उसने नगर पालिका सचिव अशोक कुमार व दो अन्य के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। घटना के बाद प्रेस कान्फ्रेंस कर उन्होंने इसके लिए एक विधायक को जिम्मेदार भी बताया था, जिसके कहने पर उन्होंने ठेकेदार की लेबर के लिए पानी का सरकारी टेंकर भेजने से मना कर दिया था। हमले के इस मामले में हो रही किरकिरी के बीच शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज लघु सचिवालय में कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे। बैठक में भाजपा विधायक बाजीगर के हलके के गांव ककहेड़ी निवासी ठेकेदार दिग्विजय सिंह ने शिकायत की कि एसडीओ वेदपाल वर्क ऑर्डर काटने के नाम पर 20 प्रतिशत राशि मांग रहा है। यह सुनते ही विज ने कहा कि आप 20 प्रतिशत मांग रहे हो। एसडीओ को सस्पेंड किया जाए। इस पर वेदपाल ने कागज दिखाते हुए कहा कि शिकायतकर्ता गलत बोल रहा है और मेरे पास उसके खिलाफ सुबूत है। पहले आरोपों की जांच करा लें। अधीक्षक अभियंता एके पाहवा ने भी कहा कि आरोप रंजिशन लगाए जा रहे हैं, मामले की जांच होनी चाहिए। इस पर डीसी ने भी जांच की बात कही मगर विज नहीं माने। एसडीओ वेदपाल की सुनवाई नहीं हुई तो उसने कहा कि साहब..ये तो औरंगजेब का राज हो गया। मामले की सीबीआई से जांच करवा लो..। इस पर नाराज विज ने कहा कि बाहर निकालो इसे और इसके खिलाफ केस भी दर्ज करवाकर शाम तक गिरफ्तार किया जाए। विज यह कह कर गाड़ी में बैठकर चले गए कि मेरा फैसला कभी वापस नहीं होता है। जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस एसडीओ वेदपाल को साथ ले गई।
बिहार में आप घर बैठे ही जाति प्रमाण पत्र स्वयं ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रमाण पत्र पाने के लिए आवेदक को खुद ही अपने प्रखंड (ब्लॉक) कार्यालय में जाना होगा। और प्रमाण पत्र प्राप्त करते समय व्यक्तिगत रूप से स्वयं उपस्थित होकर शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा। इसके बाद ही आपको प्रखंड कार्यालय से जाति प्रमाण पत्र जारी किया जायेगा।
जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की अवधि-
जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के बाद सेवा प्रदान करने की समय अवधि 10 कार्य दिवस तक निर्धारित की गयी है।
अनुमंडल अधिकारी से अपील का अधिकार-
इस सेवा की खास बात यह है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के अंदर यदि आपको आय प्रमाण पत्र प्रदान नहीं किया गया, तो आप अनुमंडल अधिकारी के समक्ष 30 दिनों के अन्दर अपील दायर कर सकते हैं।
आप घर बैठे जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करें-
अब आप घर बैठे स्वयं ऑनलाइन जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करें। सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर chrome ब्राउजर को खोलें, और यूआएल http://210.212.23.51/rtps/ क्रोम ब्राउजर पर लिखें।
http://210.212.23.51/rtps/ पर क्लिक करने के बाद आपको पेज इस तरह से दिखाई देगा। अब आप पेज में बताये गए Aply Online पर क्लिक करें।
Aply online पर क्लिक करने के बाद अब आपके सामने एक नया पेज खुल जायेगा, जिस पर 'मैं सहमत हूं'। उस पर क्लिक कर दें।
I Agree पर क्लिक करने के बाद अब आपके सामने दो आप्शन देखने को मिलेंगे, जिसमें आपसे पूछा जाएगा कि आप अपना प्रमाण पत्र कहां से प्राप्त करना चाहते हैं।
अब आप अपनी पसंद के अनुसार पहले या दूसरे में से प्रखंड को सेलेक्ट करें।

प्रखंड को सेलेक्ट करने के बाद उसके नीचे एक Certificate का Option आएगा, जिसमें मांगी गयी सूचना को भरना होगा-
अब अंत में Next पर क्लिक करें। क्लिक करते ही आपके मोबाइल नंबर पर एक 4 अंको वाला RTPS वेरिफिकेशन कोड SMS के माध्यम से आपको प्राप्त होगा। अब आप 'I have Verification code' पर मार्क लगायें और फिर उसके नीचे वाला Enter Verification code बॉक्स में मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से प्राप्त हुआ 4 अंको वाला RTPS वेरिफिकेशन कोड टाइप कर Verify Code पर क्लिक कर दें।
अब एक नया पेज खुलेगा। जिसमें इस तरह का खाली फॉर्म दिखेगा, इसमें आप अपनी पूरी जानकारी भरकर Next कर क्लिक कर दीजिये।

Next पर क्लिक करने के बाद, अगले पेज में आपको भरी गयी जानकारी के साथ एक पत्र मिल जाएगा, जो कुछ इस तरह दिखाई देगा।
इस पेज के नीचे में 'मैं सहमत हूं' (I Agree) दिखाई देगा, अब आप उस पर मार्क लगाकर सबमिट पर क्लिक कर दें।
'मैं सहमत हूं' में मार्क लगते ही स्क्रीन पर Print करने के लिए रिसीविंग फॉर्म दिखेगा। इस रिसीविंग फॉर्म को प्रिंट कर 10 कार्य दिवस (10 दिन बाद , छुट्टी के दिन को छोड़कर) अपने प्रखंड (ब्लॉक) कार्यालय में जाकर अपना प्रमाण -पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
नोट- आप इस बात का विशेष ध्यान रखें कि ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए सिर्फ Google Chrome का ही इस्तेमाल करना है। यदि आप किसी दूसरे ब्राउज़र में ऑनलाइन अप्लाई करने की कोशिश करेंगे तो वो आपसे Login और Password पूछेगा और वहाँ पर Register करने का कोई भी विकल्प नहीं होगा।
जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया-
बिहार में आप घर बैठे ही आय प्रमाण पत्र स्वयं ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रमाण पत्र पाने के लिए आवेदक को खुद ही अपने प्रखंड (ब्लॉक) कार्यालय में जाना होगा। और प्रमाण पत्र प्राप्त करते समय व्यक्तिगत रूप से स्वयं उपस्थित होकर शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा। इसके बाद ही आपको प्रखंड कार्यालय से आय प्रमाण पत्र जारी किया जायेगा।
आय प्रमाण पत्र प्राप्त करने की अवधि-
आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के बाद सेवा प्रदान करने की समय अवधि 10 कार्य दिवस तक निर्धारित की गयी है।
अनुमंडल अधिकारी से अपील का अधिकार-
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आप घर बैठे आय प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करें-
अब आप घर बैठे स्वयं ऑनलाइन आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करें। सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर chrome ब्राउजर को खोलें, और यूआएल http://210.212.23.51/rtps/ क्रोम ब्राउजर पर लिखें।
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इस पेज के नीचे में 'मैं सहमत हूं' (I Agree) दिखाई देगा, अब आप उस पर मार्क लगाकर सबमिट पर क्लिक कर दें।
'मैं सहमत हूं' पर मार्क लगते ही स्क्रीन पर Print करने के लिए रिसीविंग फॉर्म दिखेगा। इस रिसीविंग फॉर्म को प्रिंट कर 10 कार्य दिवस (10 दिन बाद , छुट्टी के दिन को छोड़कर) अपने प्रखंड (ब्लॉक) कार्यालय में जाकर अपना प्रमाण -पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

नोट- आप इस बात का विशेष ध्यान रखें कि ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए सिर्फ Google Chrome का ही इस्तेमाल करना है। यदि आप किसी दूसरे ब्राउज़र में ऑनलाइन अप्लाई करने की कोशिश करेंगे तो वो आपसे Login और Password पूछेगा और वहाँ पर Register करने का कोई भी विकल्प नहीं होगा।
आय प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया-
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आवासीय प्रमाण पत्र प्राप्त करने की अवधि-
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अनुमंडल अधिकारी से अपील का अधिकार-
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आप घर बैठे आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आनलाइन आवेदन करें-
अब आप घर बैठे स्वयं ऑनलाइन आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करें। सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर chrome ब्राउजर को खोलें, और यूआएल http://210.212.23.51/rtps/ क्रोम ब्राउजर पर लिखें।
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नोट- आप इस बात का विशेष ध्यान रखें कि ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए सिर्फ Google Chrome का ही इस्तेमाल करना है। यदि आप किसी दूसरे ब्राउज़र में ऑनलाइन अप्लाई करने की कोशिश करेंगे तो वो आपसे Login और Password पूछेगा और वहाँ पर Register करने का कोई भी विकल्प नहीं होगा।
आवासीय प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया-
पटना (बिहार)। आपने मदर इंडिया फिल्म तो जरुर देखी होगी, जिसमें राधा (नरगिस) गांव की एक लड़की की इज्जत पर हाथ डालने के चलते अपने बेटे बिरजू (सुनील दत्त) को स्वयं गोली मार देती है और बिरजू उसकी बांहों में दम तोड़ देता है। इसी प्रकार का मामला पटना जिले के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में आया है, जहां एक मां ने बेटे की गंदी हरकतों से परेशान होकर उसकी हत्या की सुपारी दे दी। पुलिस ने दोनों सुपारी किलर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
आपको बता दें कि पुलिस की पूछताछ में मां रेणु ने बताया, कि मिंटू की हरकतों से पूरा गांव परेशान हो चुका था। वह राह चलते किसी भी महिला के साथ छेड़खानी कर देता था। किसी को भी परेशान करना शुरू कर देता था। तो किसी के घर में घुसकर चोरी करना और सामान छीन लेना उसकी आदत बन गई थी। और तो और वह दुष्कर्म कांड का आरोपित था और जेल भी जा चुका था। मां ने बताया, कि विवाहित महिला से शादी करने के बाद लगा था कि वह सुधर जाएगा, लेकिन जब बार-बार समझने पर भी वह नहीं माना तो उसने धर्मवीर को 40 हजार रुपये में हत्या की सुपारी दे डाली। वह मिंटू को 50 हजार रुपए दिलाने के बहाने ट्रेन से टेका बिगहा स्टेशन लेकर आई। और आकाश होटल के पीछे टाल क्षेत्र में लेकर चली गई। वहां अपराधियों ने मां के सामने ही मिंटू को लाठी-डंडों की पीट-पीटकर घायल कर दिया और फिर गोली मार कर हत्या की दी। पुलिस को धर्मवीर और श्रवण के पास से पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद कर लिया है।
गौरतलब है कि बख्तियारपुर थाना पुलिस ने सात मई को आकाश होटल के बगल में टाल क्षेत्र से शव बरामद किया था। उसके मुंह में पिस्टल घुसेड़कर गोली मारी गई थी। शव की शिनाख्त खुसरूपुर थाना क्षेत्र के घुसकीपर निवासी मिंटू राम के रूप में हुई थी। पुलिस कप्तान मनु महाराज ने बख्तियारपुर थानाध्यक्ष मो. दीवान इकराम खान, दारोगा रामजी प्रसाद एवं विनय कुमार और विशेष सेल के दारोगा मृत्युंजय कुमार की टीम गठित की थी। टीम ने मिंटू की पत्नी अंजू देवी और मां रेणु देवी से पूछताछ की। दोनों के बयान में अंतर पाए जाने पर पुलिस को शक हुआ और तफ्तीश शुरू की गई। पुलिस ने शुक्रवार को मिंटू की मां रेणु देवी, धर्मवीर कुमार व श्रवण कुमार को गिरफ्तार किया। रेणु ने धर्मवीर को मिंटू की हत्या के लिए सुपारी दी थी। धर्मवीर मूल रूप से सालिमपुर के सैदपुर का है, अभी गोपालपुर के बैरिया गांव में रहता है। धर्मवीर ने वर्ष 2003 में दो लोगों की हत्या कर दी थी। श्रवण टेका बिगहा का रहने वाला है। चकदौलत गांव निवासी दुल्हा फरार चल रहा है। शादीशुदा मिंटू की हत्या में उसकी मौसी भी थी। मौसी बैरिया गांव में रहती है। पुलिस मौसी को भी गिरफ्तार करेगी। इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई अभी जारी है।
प्रमुख रुप से कर्बोनेशियस फायर (Carbonatious Fire), ऑयल फायर (Oil Fire ) , ईलेक्ट्रिकल फायर (Electrical fire ) , जैसी तीन प्रकार की आग लगती है। जिसको बुझाने के लिए अलग-अलग यंत्रों का प्रयोग किया जाता है।
अग्नि से सुरक्षा के लिए सावधानियां-
अग्निशामक (fire extinguiser) क्या है
अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) एक आग से बचाव की एक युक्ति है, जिसकी सहायता से छोटे अकार की आग को बुझाया जा सकता है या उसे नियंत्रण में रखा जा सकता है। यह प्राय: आपातकालीन स्थितियों में उपयोग किया जाता है। किन्तु यह ऐसी आग के बुझाने या नियंत्रण के लिये प्रयुक्त नहीं होता जो बहुत विकराल रूप ले चूकी हो। प्राय: अग्निशमन यंत्र में एक बेलनाकार दाब-पात्र होता है, जिसमें एक ऐसा पदार्थ भरा रहता है जिसे छोड़ने पर आग बुझाने में सहायक होता है।
अग्निशामक (fire extinguiser) का प्रयोग कैसे करें
आग को बुझाने के लिए अग्निशामक (fire extinguiser) तो आपने देखा होगा लेकिन इसका इस्तेमाल करना अक्सर लोगों को नहीं आता है। हर जगह अग्निशामक लगे होते हैं। अग्निशामक कई आकार के आते हैं आप इन्हें किचन, गैराज और आग लगने का जहां रिस्क हो उस जगह पर लगा सकते हैं। आम तौर पर घरों में आग बुझाने के लिए छोटे अग्निशामक का प्रयोग किया जाता है। अब आपको बताते हैं कि आप अग्निशामक (fire extinguiser) का प्रयोग कैसे करें।
नोट- अब जब भी आपके घर या किसी अन्य स्थान पर आग लगे तो आप घबराएं नहीं पूरी सावधानी से तुंरत अग्निशामक (fire extinguiser) का इस्तेमाल करें और आग पर काबू पाएं। यदि आग ने विकराल रुप ले लिया है तो आप तुरंत अग्निशमन ( Fire Brigade ) विभाग को सूचित करें।
करनाल (हरियाणा)। सिटी थाने में सत्तर वर्षीय बुजुर्ग की मौत से नाराज परिजनों समेत सैकड़ों लोगों ने थाने पर हमला बोल दिया। और थाने में एसएचओ के कमरे में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। गुस्साए लोगों ने थाने में खड़ी एसएचओ की पुलिस जीप सहित कई मोटरसाइकल, कारों को भी नहीं बख्शा। उग्र भीड़ ने सिटी थाने से निकल कर पुरानी सब्जी मंडी स्थित पुलिस चौकी को अपना निशाना बनाया और वहां भी तोड़फोड़ की। और घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
बताया जा रहा है कि करनाल के सिटी थाना की पुलिस ने मंगल कॉलोनी के रहने वाले जेबा राम को गुरुवार 10 मई शाम को नशीली वस्तु बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। लेकिन शुक्रवार की सुबह परिजनों को पता चला कि थाने में ही जेबा राम की मौत हो गई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि चार पुलिसकर्मी जेबा राम को पुलिस स्टेशन लेकर गए और इस दौरान उन्होंने बुजुर्ग के साथ मारपीट की, जिससे उसकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई। जेबा राम की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने मिलकर लाठी डंडे से थाने पर हमला कर दिया। उन्हें भगाने के लिए पुलिसकर्मियों ने हवाई फायरिंग की। इसके बाद सभी वहां से फरार हो गए। फिलहाल मामला तनावपूर्ण है औऱ आला पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
हालांकि घटना के बाद पहुंचे डीएसपी वीरेंद्र सैनी ने बताया कि पुलिस ने मृतक के परिजनों की शिकायत पर तीन पुलिसकर्मियों और एक होमगार्ड पर धारा 302 का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक बुजुर्ग के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं थाने में तोड़फोड़ करने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है। जिससे कि आगे फिर इस तरह की कोई घटना न घटित हो।
केन्द्रीय सूचना आयोग को ऑनलाइन शिकायत
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
सूचना एकत्र करने के लिए प्रार्थना पत्र का नमूना- हिंदी में आरटीआई आवेदन फार्म
सेवा में
सूचना अधिकारी
विभाग ( विभाग का नाम लिखें)
पता…………………………………………….
पिन कोड……………………………………….
विषय: सूचना का अधिकार क़ानून -2005 के अंतर्गत सूचना प्राप्ति के लिए आवेदन
महोदय / महोदया,
महोदय कृपया सूचना का अधिकार क़ानून -2005 के तहत नीचे लिखे प्रश्नों का लिखित उतर देने की कृपा करें|
(क) प्रश्न एक……………………………………….
(ख) प्रश्न दो…………………………………………
( नोट: कृपया सूचना प्राप्ति का आवेदन देने से पहले अच्छी तरह पता कर लें की सूचना अधिकारी का नाम क्या है ओर उसका पता क्या है?)
कृपया निर्धारित अवधि के तहत सूचना प्रदान करने की कृपा करें|
भवदीय
( हस्ताक्षर करें)
अपना पूरा नाम लिखें
कृपया अपने घर का पूरा पता पिन कोड सहित लिखें ताकि माँगी गई सूचना सही पाते पर पहुँचे। फ़ोन संख्या- अपना फ़ोन नंबर और ईमेल लिखें।
नोट- प्रार्थना पत्र की एक कापी अपने पास ज़रूर रखें। यदि आपको एक महीने के अंदर कोई जवाब नहीं मिलता है तो आप सूचना अधिकारी की शिकायत सूचना आयुक्त से कर सकते हैं। हर राज्य में एक सूचना आयुक्त नियुक्त किया जाता है। ग़लत सूचना देने, देरी से देने और सूचना ना देने के दोषी सूचना अधिकारी के खिलाफ करवाई करने का प्रावधान है।
अपनी शिकायत की स्थिति जाँचें
द्वितीय अपील की प्रक्रिया
द्वितीय अपील आवेदन कहाँ सौंपे:
द्वितीय अपील आवेदन करने की समय-सीमा
द्वितीय अपील आवेदन का प्रारूप
आवेदन पत्र की तैयारी
आवेदन भेजने की प्रक्रिया:
सूचना उपलब्ध होने की समय-सीमा
प्रथम अपील की प्रक्रिया
प्रथम अपील करने की समय-सीमा
प्रथम अपील के लिए आवेदन
प्रथम अपील आवेदन कहाँ करें
आवेदन जमा करने की विधि:
सूचना उपलब्ध कराने की समय-सीमा:
नोटः प्रथम अपील आवेदन के साथ भेजे जाने वाले मूल आवेदन और सभी अनुलग्नकों की छायाप्रति बनाकर दो कॉपी बनाकर अपने पास सुरक्षित रख लें।
सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया
आवेदन में निम्न सूचनाएँ दें
याद रखने योग्य बातें
लोक सूचना अधिकारी
सूचना अधिकार के लिए फीस
इन बातों का रखें ध्यान
सूचना का अधिकार क्या है?
सूचना के अधिकार के तहत भारत का कोई भी नागरिक, किसी भी लोक प्राधिकारी अथवा उसके नियंत्रणाधीन, किन्ही भी दस्तावेजों,अभिलेखों का निरीक्षण कर सकता है, इन अभिलेखों,दस्तावेजों की प्रामाणिक प्रति प्राप्त कर सकता है, जहां सूचना किसी कम्प्यूटर या अन्य युक्ति में भंडारित है, तो ऐसी सूचना को डिस्केट,टेप या वीडियो कैसेट के रूप में प्राप्त कर सकता है। साथ ही इस अधिकार के तहत सामग्री के प्रामाणिक नमूने लेने का भी प्रावधान है।
सूचना के अधिकार कानून:
सूचना का अधिकार अधिनियम हर नागरिक को अधिकार देता है कि वह -
सूचना अधिकार के दायरे में विभाग
इन पर लागू नहीं होता सूचना अधिकार कानून
सूचना अधिकार के दायरे में आते हैं
मैनपुरी (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के तमाम दावों के बावजूद पुलिस प्रशासन अपना चाल और चरित्र बदलने को तैयार नहीं है। आए दिन प्रदेश में इनकी निरंकुशता देखने को मिलती ही रहती है। पुलिसवालों ने ताजा कारनामा मैनपुरी में किया है, जहां उन्होंने सारी मानवीय संवेदनाएं तार-तार कर दीं। पुलिसवालों ने एक रोती बिलखती मां को ही अपनी बच्ची के शव को सील करने का फरमान सुना दिया। इतना ही नहीं पीड़ित मां को आदेश दिया कि वह बच्ची का शव सील करने के बाद उसे पोस्टमार्टम हाउस ले चले।
आपको बता दें कि मोहन नगर निवासी स्वराज सिंह की बेटी अंजलि कक्षा 10 की छात्रा थी। यूपी बोर्ड की परीक्षा का परिणाम आया था, जिसमें वह वह फेल हो गयी थी। इस बात से वह बहुत आहत थी। गुरुवार की सुबह मां सुनीता और पिता स्वराज सिंह मजदूरी करने गए थे और छोटा भाई घर से बाहर खेलने के लिए चला गया था। अंजलि घऱ में अकेली थी, इसी दौरान उसने फांसी का फँदा लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना की सूचना मिलने के बाद मां-बाप घर पहुंचे और बेटी के शव को फंदे से नीचे उतारा। कुछ देर बाद पुलिसवाले मौके पर पहुंचे और शव पोस्टमार्टम हाउस ले जाने के लिए खुद व्यवस्था करने की बजाय परिजनों को फरमान सुना दिया। जिसके बाद परिवार के लोग शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। हद तो तब हो गयी जब परिजन घटना की तहरीर देने कोतवाली पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने मृतक बच्ची के मां-बाप को एक और फरमान सुना दिया। और कहा कि घर से कपड़ा लाकर अपनी बेटी की लाश को कपड़े में सिल दो। जिसके बाद परिवार के लोग घर से पुरानी चादर लेकर आए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने रोती बिलखती मां सुनीता से शव को कपड़े में बंद कर सिलने को कहा। बेसुध मां ने जब अपनी बेटी की लाश को कपड़े में सिलने के लिए सुई-धागा हाथ में लिया तो उसके हाथ कांपने लगे। हालांकि मौके पर मौजूद एक महिला व पड़ोसी युवक ने सुई-धागा थाम लिया और किसी तरह बच्ची के शव को कपड़े में सिला।
वहीं हमेशा की तरह मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक अजय शंकर राय ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो मामला गंभीर है। मामले की जांच कराई जाएगी। और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। अब इन आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कितनी कड़ी कार्रवाई होगी ये तो समय बताएगा, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस तरह कब तक प्रदेश की जनता पुलिस की निरंकुशता को बर्दाश्त करती रहेगी।
आप आनलाइऩ सिर्फ दो मिनट में ही नंबर प्लेट पर दिए गाड़ी के नंबर से गाड़ी के मालिक का पता लगा सकते हैं।
परिवहन विभाग के वेबसाइट (RTO Vehicle Information app) के माध्यम से किसी भी गाड़ी से सम्बंधित जानकारी जैसे- गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर, गाड़ी मालिक का नाम, रजिस्ट्रेशन डेट, मॉडल, क्लास, इंजन नंबर और चेसिस नंबर इत्यादि की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
RTO Vehicle Information app को आप https://play.google.com/store/apps/details?id=com.suitableapps.vehicleinfo&hl=en (गूगल प्ले स्टोर) से डाउनलोड कर सकते हैं।
आरटीओ विभाग में सभी तरह के वाहनों की लिस्ट और अन्य सूचनाएं ऑनलाइन जाने से वाहन मालिकों को कई फायदे होंगे।
आप पुरानी गाड़ी खरीदने जा रहे है, तो आप उस गाड़ी की सही जानकारी जानना चाहेंगे। जैसे- उसके असली मालिक कौन हैं, रजिस्ट्रेशन कहाँ से हुआ है, टैक्स कब तक अदा किया गया है आदि। आपके लिए ऐसी जानकारी प्राप्त करना अब बहुत आसान हो गया है। बस एक एसएमएस करने की जरूरत है। उसके बाद पूरी डिटेल आपको अपने मोबाइल की स्क्रीन पर मिल जाएगी। दिन हो या रात लोग किसी भी वक्त संबंधित नंबर पर मैसेज करके वाहन की पूरी डिटेल ले सकेते हैं। सुविधा से वाहनों की खरीद-फरोख्त में होने वाले फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगेगी।
एसएमएस ऐसे करें- (-एसएमएस नंबर टोल फ्री नहीं है)
एसएमएस में लिखें- VAHAN <Registration Number> और भेज दें 7738299899 पर।
उदाहरण-
एसएमएस में लिखें- VAHAN UP 05 R 1234
इस एसएमएस के बाद आपको गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के क्षेत्र, गाड़ी के मालिक, गाड़ी के प्रकार, आर सी और टैक्स भुगतान के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी।
आपको प्राप्त जानकारी इस प्रकार होगी-
UP 05 R 1234 [LUCKNOW, UP]
Owner:1- Mr. Vijai
Vehicle:Paission (Petrol) Motor Cycle
RC/FC Expiry: 01-Jan-18
MV Tax upto: Lifetime
केवल एक एसएमएस से आप किसी भी गाड़ी की पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं।
यदि सड़क पर हादसा हो जाता है तो आप आप किसी गाड़ी के प्लेट नंबर से उसकी पूरी जानकारी हासिल करके उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
यदि आप पुरानी गाड़ी ख़रीद रहे हैं, तो नंबर सही है या ग़लत, रजिस्ट्रेशन किसके नाम पर है जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां बड़ी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
एसएमएस ऐसे करें-(-एसएमएस नंबर टोल फ्री नहीं है)
मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाकर VAHAN टाइप करके स्पेस दें, फिर गाड़ी का नंबर डालें और इस नंबर 7738299899 पर एसएमएस करे दें।
SMS से कौन सी जानकारियां मिलेंगी-
पन्ना (मध्य प्रदेश)। लोकायुक्त टीम ने एक बार फिर एक डिप्टी रेंजर को 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। सागर लोकायुक्त टीम ने पन्ना टाइगर रिजर्व की चंद्रनगर रेंज में पिछले महीने हुए चीतल के शिकार से जुड़े एक मामले में शिकारी और संदेहियों को बचाने के लिए 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते डिप्टी रेंजर बाबूसिंह चंदेल को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। डिप्टी रेंजर पन्ना टाइगर रिजर्व की भुसोर बीट में पदस्थ हैं।
आपको बता दें कि दसईपुरा, राजनगर निवासी आवेदक महादेव कुशवाहा पिता जुगला कुशवाहा ने बताया कि परिछेत्र सहायक वनपाल बाबू सिंह चंदेल भुसोर ने दिनांक 10 अप्रैल को चीतल को मारने के केस में आवेदक के भाई रेखराज और जुगला को बचाने और केस को कमजोर करने के एवज में रिश्वत मांगी थी। जिसके बाद डिप्टी रेंजर के रिश्वत मांगने के बाद महादेव कुशवाहा ने सागर लोकायुक्त को 10 हजार की रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता महादेव कुशवाहा ने बुधवार की सुबह छतरपुर जिले के बमीठा के पास एक ढाबे में बैठे बाबूसिंह को जैसे ही 10 हजार रुपए की रिश्वत दी, उसी समय लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम ने उन्हें धर दबोचा। चंद्रनगर रेंज के रेंजर उमेश कुमार योगी का कहना है कि शिकार के इस प्रकरण को सिर्फ इसलिए गुप्त रखा गया क्योंकि उसमें शामिल एकमात्र नामजद आरोपित के फरार होने की आशंका थी।
गौरतलब है कि 10 अप्रैल को रेखराज और जुगला ने ओम साई पेट्रोल पंप के पास बुंदेला ढाबा, पन्ना में चीतल का शिकार किया था, जिसके कारण उन पर वन्य जीव मारने की विभिन्न धाराओं में केस चल रहा है। जिसकी शिकायत फरियादी ने लोकायुक्त सागर में की थी, जिसके बाद लोकायुक्त टीम ने सुनियोजित तरीके से छापामार कार्रवाई की।
राजस्थान के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने राजस्थान राशन कार्ड सूची 2018 को जिलेवार जारी किया है । जिन लोगों ने राजस्थान राशन कार्ड के लिए नए पंजीकरण किए हैं, वे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की योग्य सूची में अपना नाम जांच सकते हैं।
ऑनलाइन सूची देखने के लिए आपको सबसे पहले राजस्थान सरकार खाद एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आधिकारिक वेबसाइट http://food.raj.nic.in/VillageList.aspx पर जाना होगा। इसके बाद महत्वपूर्ण लिंक के अंतर्गत जिलेवार गाँव की सूची के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
इस पेज की फोटो को नीचे दिया गया है-

अब ऑनलाइन सूची का दूसरा पेज खुल जायेगा, इस पेज पर जिले के विकल्प के अंतर्गत अपने जिले के नाम का चुनाव करना होगा, फिर आपके सामने गाँव की सूची खुल जाएगी।
गांव के पेज की फोटो को नीचे देखें-
आप जिले के अंतर्गत APL/ BPL /EPL श्रेणी के अनुसार राशन कार्ड का रिपोर्ट देखने के लिए सीधे http://food.raj.nic.in/DistrictWiseCategoryDetails.aspx लिंक पर क्लिक करें।
राशन कार्ड का रिपोर्ट कार्ड के पेज की फोटो को नीचे दिया गया है-

इस पेज से आप अपना राशन कार्ड नंबर जाँच सकते हैं।
यदि आपका राशन कार्ड पहले से बना हुआ है तो अपना नाम राशन कार्ड सूची 2018 में ऑनलाइन जांचने के लिए लिंक का प्रयोग करें-
इस लिंक पर क्लिक करने के बाद एक पेज खुलेगा, जिसमें फॉर्म में मांगी गयी जानकारी भरने के बाद नीचे दिए हुए विकल्प खोजें पर क्लिक करके आप अपना नाम राजस्थान राशन कार्ड सूची 2018 ऑनलाइन में देख सकते हैं।
इस पेज की फोटो को नीचे दिया गया है-
