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रायपुर (छत्तीसगढ़) । आप जिले की किसी भी शासकीय सेवा को प्राप्त करने को लेकर कर्मचारियों और अधिकारियों से परेशान हैं तो, आपके लिए खुशी की खबर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिया है कि वह पंद्रह दिन के अंदर सभी जिलों के कलेक्ट्रेट में चौबीस घंटे ऑनलाईन शिकायतें दर्ज करने की सेवा आंरभ करने की कार्य योजना तैयार करके पेश करे। इसके अलावा उन्होंने सभी जिलों में कॉमन हेल्पलाइन नंबर निर्धारित करने के लिए कहा है। इसमें कोई भी नागरिक किसी भी शासकीय सेवा में हो रही देरी या फिर रिश्वत मांगे जाने की शिकायत कर सकेगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निर्देश में सामान्य प्रशासन विभाग को इस संबंध में संबंधित विभागों से विभिन्न बिन्दुओं पर 10 दिनों के भीतर जानकारी पेश करने के लिए कहा है। इसके तहत योजना का नाम, योजना आरंभ करने का उद्देश्य व आरंभ वर्ष, दी जा रही सेवायें, ऑनलाईन सेवायें उपलब्ध कराये जाने पर हुआ वर्षवार व्यय, विभिन्न सेवाओं पर लिया जा रहा सेवा शुल्क, कुल वार्षिक प्राप्तियां, सेवा प्रदाता का नाम, राज्य के विभिन्न मांगो में गुणवत्ता इंटरनेट सेवा की उपलब्धता की स्थिति, अवरोध की जानकारी, किसी कारणों से सेवा/ऑनलाईन उपलब्ध नहीं होने के स्थिति में सेवा प्रदाय किये जाने हेतु वैकल्पिक व्यवस्था, जनता से फीडबैक लिये जाने की व्यवस्था की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि राज्य सरकार का यह कदम नागरिकों के हित में बहुत ही सरहानीय कदम है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इसे प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा।
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने नए केन्द्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक में किसानों, शहीदों के बच्चों और छोटे व्यापारियों को लेकर बड़ी सौगात दी है। इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का विस्तार के अलावा किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए पेंशन योजना का एलान किया गया है। साथ ही शहीदों के बच्चों की छात्रवृत्ति योजना का भी विस्तार किया गया है।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक 12.5 करोड़ किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभान्वित हो रहे थे। करीब 2 करोड़ किसान छूट रहे थे। अब सभी किसान इसके दायरे में होंगे। इस योजना पर पहले 75 हजार करोड़ खर्च होते थे, लेकिन अब 87 हजार करोड़ रुपये सालाना खर्च होगा। कृषि मंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 3 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पैसा पहुंच चुका है।
इसके अलावा किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए पेंशन योजना के तहत 18 से 40 वर्ष आयु के लोगों को 60 साल की उम्र के बाद प्रति महीने 3 हजार रुपये पेंशन मिलेगी। योजना का लाभ उन सभी कारोबारियों को मिलेगा जिनका जीएसटी के तहत सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपए से कम है। कारोबारी को इसके लिए देशभर में फैले 3.25 लाख कॉमन सर्विस केंद्रों के जरिए खुद को पंजीकृत कराना होगा। यदि लाभ पाने वाले व्यक्ति की मौत हो गई, तो उसके पति/पत्नी को 50% रकम मिलती रहेगी। इस योजना में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पेंशन स्कीम के तहत 18 वर्ष के उम्र के शख्स को 55 रुपये प्रति महीने का योगदान देना होगा। सरकार भी इतने का ही योगदान देगी। उम्र के हिसाब से योगदान की राशि बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि पेंशन योजना के तहत 12 से 13 करोड़ लोग कवर होंगे।
प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना के तहत शहीदों के बच्चों की छात्रवृत्ति बढ़ाने व राज्य पुलिस के शहीद जवानों के बच्चों को भी यह उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया है। शहीदों के बच्चों की छात्रवृत्ति योजना में लड़कों की स्कॉलरशिप मौजूदा 2000 रुपए से बढ़ाकर 2500 रुपये और लड़कियों की 2500 से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दी गई है। अब आतंकी व नक्सली हमलों में शहीद होने वाले राज्यों के जवानों के बच्चों को भी यह छात्रवृत्ति दी जाएगी। राज्य पुलिस के लिए इस छात्रवृत्ति का सालाना कोटा 500 रहेगा।
इसके अलावा गाय, भैंस, बैल के अलावा भेंड़, बकरी और सुअरों को बीमारी से बचाने के लिए टीका लगाया जाएगा और इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। पशुओं के टीकाकरण की योजना पर केंद्र सरकार करीब 13,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। भाजपा ने अपने चुनावी संकल्प पत्र में वादा किया था, जिस पर पहली ही कैबिनेट बैठक में मुहर लगाई गई है।
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने नए केन्द्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक में किसानों, शहीदों के बच्चों और छोटे व्यापारियों को लेकर बड़ी सौगात दी है। इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का विस्तार के अलावा किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए पेंशन योजना का एलान किया गया है। साथ ही शहीदों के बच्चों की छात्रवृत्ति योजना का भी विस्तार किया गया है।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक 12.5 करोड़ किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत लाभान्वित हो रहे थे। करीब 2 करोड़ किसान छूट रहे थे। अब सभी किसान इसके दायरे में होंगे। इस योजना पर पहले 75 हजार करोड़ खर्च होते थे, लेकिन अब 87 हजार करोड़ रुपये सालाना खर्च होगा। कृषि मंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 3 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पैसा पहुंच चुका है।
इसके अलावा किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए पेंशन योजना के तहत 18 से 40 वर्ष आयु के लोगों को 60 साल की उम्र के बाद प्रति महीने 3 हजार रुपये पेंशन मिलेगी। योजना का लाभ उन सभी कारोबारियों को मिलेगा जिनका जीएसटी के तहत सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपए से कम है। कारोबारी को इसके लिए देशभर में फैले 3.25 लाख कॉमन सर्विस केंद्रों के जरिए खुद को पंजीकृत कराना होगा। यदि लाभ पाने वाले व्यक्ति की मौत हो गई, तो उसके पति/पत्नी को 50% रकम मिलती रहेगी। इस योजना में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पेंशन स्कीम के तहत 18 वर्ष के उम्र के शख्स को 55 रुपये प्रति महीने का योगदान देना होगा। सरकार भी इतने का ही योगदान देगी। उम्र के हिसाब से योगदान की राशि बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि पेंशन योजना के तहत 12 से 13 करोड़ लोग कवर होंगे।
प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना के तहत शहीदों के बच्चों की छात्रवृत्ति बढ़ाने व राज्य पुलिस के शहीद जवानों के बच्चों को भी यह उपलब्ध कराने का निर्णय किया गया है। शहीदों के बच्चों की छात्रवृत्ति योजना में लड़कों की स्कॉलरशिप मौजूदा 2000 रुपए से बढ़ाकर 2500 रुपये और लड़कियों की 2500 से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दी गई है। अब आतंकी व नक्सली हमलों में शहीद होने वाले राज्यों के जवानों के बच्चों को भी यह छात्रवृत्ति दी जाएगी। राज्य पुलिस के लिए इस छात्रवृत्ति का सालाना कोटा 500 रहेगा।
इसके अलावा गाय, भैंस, बैल के अलावा भेंड़, बकरी और सुअरों को बीमारी से बचाने के लिए टीका लगाया जाएगा और इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। पशुओं के टीकाकरण की योजना पर केंद्र सरकार करीब 13,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। भाजपा ने अपने चुनावी संकल्प पत्र में वादा किया था, जिस पर पहली ही कैबिनेट बैठक में मुहर लगाई गई है।
अबकी बार केंद्र की मोदी सरकार में कुल 58 मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इनमें 25 कैबिनेट, 9 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 24 राज्य मंत्री शामिल हैं। इनमें 19 नए चेहरे लिए गए हैं। सबसे ज्यादा आठ-आठ मंत्री उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से बनाए गए हैं। इनमें से सबसे युवा मंत्री स्मृति ईरानी हैं, जबकि सबसे उम्रदराज मंत्री राम विलास पासवान हैं। मंत्रिमंडल में सबसे चौंकाने वाला चेहरा एस जयशंकर का है, जो तीन साल विदेश सचिव रह चुके हैं। सुषमा स्वराज, मेनका गांधी, राज्यवर्धन राठौर, महेश शर्मा, सुरेश प्रभु और अनुप्रिया पटेल को इस बार मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। 2014 में कुल 45 मंत्रियों ने शपथ ली थी, इनमें 23 कैबिनेट, 10 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व 12 राज्यमंत्री शामिल थे।
कुल 58 मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली
1 राजनाथ सिंह लखनऊ (उप्र)
2 अमित शाह गांधी नगर (गुजरात)
3 नितिन गडकरी नागपुर (महाराष्ट्र)
4 डीवी सदानंद गौड़ा बेंगलुरु उत्तर (कर्नाटक)
5 निर्मला सीतारमण राज्यसभा सदस्य
6 रामविलास पासवान चुनाव नहीं लड़ा
7 नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना (मप्र)
8 रविशंकर प्रसाद पटना साहिब (बिहार)
9 हरसिमरत कौर बादल बठिंडा (पंजाब)
10 थावरचंद गहलोत राज्यसभा सदस्य
11 एस जयशंकर पूर्व विदेश सचिव
12 रमेश पोखरियाल निशंक हरिद्वार (उत्तराखंड)
13 अर्जुन मुंडा खूंटी (झारखंड)
14 स्मृति ईरानी अमेठी (उप्र)
15 हर्षवर्धन चांदनी चौक (दिल्ली)
16 प्रकाश जावड़ेकर राज्यसभा सदस्य
17 पीयूष गोयल राज्यसभा सदस्य
18 धर्मेंद्र प्रधान राज्यसभा सदस्य
19 मुख्तार अब्बास नकवी राज्यसभा सदस्य
20 प्रहलाद जोशी धारवाड़ (कर्नाटक)
21 महेंद्रनाथ पांडेय चंदौली (उप्र)
22 अरविंद सावंत मुंबई दक्षिण (महाराष्ट्र)
23 गिरिराज सिंह बेगूसराय (बिहार)
24 गजेंद्र सिंह शेखावत जोधपुर (राजस्थान)
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
1 संतोष गंगवार बरेली (उप्र)
2 राव इंद्रजीत सिंह गुड़गांव (हरियाणा)
3 श्रीपद नाइक उत्तर गोवा (गोवा)
4 जितेंद्र सिंह उधमपुर (जम्मू-कश्मीर)
5 किरेन रिजिजू अरुणाचल पश्चिम
6 प्रहलाद पटेल दमोह (मप्र)
7 आरके सिंह आरा (बिहार)
8 हरदीप पुरी राज्यसभा सदस्य
9 मनसुख मांडविया राज्यसभा सदस्य
राज्य मंत्री
1 फग्गन सिंह कुलस्ते मंडला (मप्र)
2 अश्विनी चौबे बक्सर (बिहार)
3 अर्जुन राम मेघवाल बीकानेर (राजस्थान)
4 वीके सिंह गाजियाबाद (उप्र)
5 कृष्णपाल गुर्जर फरीदाबाद (हरियाणा)
6 रावसाहेब दानवे जालना (महाराष्ट्र)
7 जी किशनरेड्डी सिकंदराबाद (तेलंगाना)
8 पुरुषोत्तम रुपाला राज्यसभा सदस्य
9 रामदास आठवले राज्यसभा सदस्य
10 साध्वी निरंजन ज्योति फतेहपुर (उप्र)
11 बाबुल सुप्रियो आसनसोल (बंगाल)
12 संजीव बालियान मुजफ्फरनगर (उप्र)
13 संजय धोत्रे अकोला, महाराष्ट्र
14 अनुराग ठाकुर हमीरपुर, हिमाचल
15 सुरेश अंगड़ी बेलगाम, कर्नाटक
16 नित्यानंद राय उजियारपुर (बिहार)
17 रतन लाल कटारिया अंबाला (हरियाणा)
18 वी मुरलीधरन राज्यसभा सदस्य
19 रेणुका सिंह सरुता सरगुजा (छत्तीसगढ़)
20 सोम प्रकाश होशियारपुर (पंजाब)
21 रामेश्वर तेली डिब्रूगढ़ (असम)
22 प्रताप चंद्र सारंगी बालासोर (ओडिशा)
23 कैलाश चौधरी बाड़मेर (राजस्थान)
24 देबश्री चौधरी रायगंज (बंगाल)
रायपुर (छत्तीसगढ़)। राज्य के उपभोक्ताओं की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। इसके तहत सरकार ने सरकारी बिजली वितरण कंपनी के सभी 444 वितरण केंद्रों ऑन लाइन कर दिए हैं। इस ऑनलाइन व्यवस्था में ई-मेल, वीडियो कांफ्रेसिंग, सेप आइपी फोन, जैसे अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ उपभोक्ता सेवा में शुरु हो गया है। इसमें उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन नये बिजली कनेशन, बिल व बिजली संबंधी शिकायत-निवारण के कार्य कर सकते है।
आपको बता दें कि रायपुर के बिजली कंपनी मुख्यालय में शैलेंद्र शुक्ला कंपनी अध्यक्ष व वितरण कंपनी के एमडी मोहम्मद कैसर अब्दुल हक ने समीक्षा बैठक की। इस अहम बैठक में बिजली के बिल का यथासमय वितरण, भुगतान के आसान तरीके, बिल में गड़बड़ी के त्वरित सुधार, फोटो स्पॉट बिलिंग, ईआइटीसी, राजस्व की कार्य प्रक्रिया को उपभोक्ता हित में और बेहतर बनाने पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इस दौरान एमडी अब्दुल हक ने बताया कि कंपनी द्वारा ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों में कितने उपभोक्ताओं को बिजली बिल यथासमय जारी नहीं किये गये हैं, उसकी मॉनीटरींग की जा सकेगी। इसके लिए सुदूर ग्रामीण अंचलों में संचालित कंपनी के वितरण केंद्रों से सीधे जानकारी प्राप्त की जायेगी। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ता अपना मोबाईल नंबर वितरण कंपनी में 7879255255 पर मिस्ड कॉल करके रजिस्टर्ड करवा सकते हैं। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से उपभोक्ता 7879880880 पर मिस्ड कॉल करके अपने बिल व भुगतान की जानकारी एसएमएस के माध्यम से नि:शुल्क प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि बीपी नंबर से मोबाइल नंबर को लिंक करके वाले उपभोक्तओं को बिजली बिल से संबंधित जानकारी पहले ही एसएमएस के माध्यम से मिल रही है।
रायपुर (छत्तीसगढ़)। राज्य के उपभोक्ताओं की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। इसके तहत सरकार ने सरकारी बिजली वितरण कंपनी के सभी 444 वितरण केंद्रों ऑन लाइन कर दिए हैं। इस ऑनलाइन व्यवस्था में ई-मेल, वीडियो कांफ्रेसिंग, सेप आइपी फोन, जैसे अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ उपभोक्ता सेवा में शुरु हो गया है। इसमें उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन नये बिजली कनेशन, बिल व बिजली संबंधी शिकायत-निवारण के कार्य कर सकते है।
आपको बता दें कि रायपुर के बिजली कंपनी मुख्यालय में शैलेंद्र शुक्ला कंपनी अध्यक्ष व वितरण कंपनी के एमडी मोहम्मद कैसर अब्दुल हक ने समीक्षा बैठक की। इस अहम बैठक में बिजली के बिल का यथासमय वितरण, भुगतान के आसान तरीके, बिल में गड़बड़ी के त्वरित सुधार, फोटो स्पॉट बिलिंग, ईआइटीसी, राजस्व की कार्य प्रक्रिया को उपभोक्ता हित में और बेहतर बनाने पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इस दौरान एमडी अब्दुल हक ने बताया कि कंपनी द्वारा ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों में कितने उपभोक्ताओं को बिजली बिल यथासमय जारी नहीं किये गये हैं, उसकी मॉनीटरींग की जा सकेगी। इसके लिए सुदूर ग्रामीण अंचलों में संचालित कंपनी के वितरण केंद्रों से सीधे जानकारी प्राप्त की जायेगी। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ता अपना मोबाईल नंबर वितरण कंपनी में 7879255255 पर मिस्ड कॉल करके रजिस्टर्ड करवा सकते हैं। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से उपभोक्ता 7879880880 पर मिस्ड कॉल करके अपने बिल व भुगतान की जानकारी एसएमएस के माध्यम से नि:शुल्क प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि बीपी नंबर से मोबाइल नंबर को लिंक करके वाले उपभोक्तओं को बिजली बिल से संबंधित जानकारी पहले ही एसएमएस के माध्यम से मिल रही है।
यदि आप शराब पीकर वाहन चलाते हैं तो हो जाइये सावधान ! क्योंकि ऐसा करने पर आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है।
आप ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं तो आपको अपराध के अनुसार अलग-अलग-अलग जुर्माना भरना पड़ेगा।
आपको 100 रुपए जुर्माना भरना पड़ेगा यदि आप:
वहीं यदि आप किसी भी प्रकार से ट्रैफिक नियमों का ज्यादा गंभीर उल्लंघन करते हैं तो आपको अपराध के अनुसार ज्यादा जुर्माना भरना पड़ेगा।
आपको 100 रुपए से ज्यादा जुर्माना भरना पड़ेगा यदि आप:
यदि आप वाहन चलाते समय किसी भी प्रकार से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं तो आपको तीन प्रकार से ट्रैफिक चालान भरने पड़ेंगे।
यदि ग्रीन लाइट येलो में बदल गई है तो आपको स्टॉप लाइन क्रॉस करने का हक नहीं है। येलो लाइट है तो फौरन रुकें। क्रॉस करने की कोशिश करेंगे तो नियम का उल्लंघन होगा।
रोहतक (हरियाणा) । पुलिस का ऐसा कारनामा सामने आया है, जिसके चलते एक बीटेक के छात्र की जिंदगी नरक बन गयी है। नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में पुलिस की गलत जांच की वजह से छात्र को पांच साल की जेल में बिताना पड़ा। लेकिन निचली अदालत के फैसले को बदलते हुए हाईकोर्ट ने युवक को बरी कर दिया। छात्र बेगुनाह साबित हो गया है, लेकिन समाज उसे दागी मानकर अब स्वीकार करने को तैयार नहीं है।
आपको बता दें कि रोहतक के सांपला के निवासी प्रिंस को जेल होने की वजह से न तो नौकरी मिल रही और न ही बीटेक की आगे की पढ़ाई करने के लिए कोई कालेज प्रवेश दे रहा है। वह परिवार के गुजर बसर के लिए नौकरी की तलाश कर रहा है। ऐसे में नाबालिग से दुष्कर्म के दाग ने बीटेक के एक छात्र की जिंदगी नरक बना दी है। चाय की दुकान चलाने वाले उसके पिता को लकवा हो चुका है। और 15 लाख कर्ज होने के कारण घर भी गिरवी है। वहीं समाज के बहिष्कार से परेशान प्रिंस का कहना है कि गलती किसी ने की और भुगत वह रहा है, क्या कानून में कोई ऐसा भी नियम है, जिससे बेगुनाहों को समाज स्वीकार न करे तो कार्रवाई हो।
गौरतलब है कि रोहतक के सांपला पुलिस थाने में सितंबर 2013 में एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि उसकी चार वर्षीय की बेटी के साथ कस्बे के रहने वाले प्रिंस उर्फ चिन्नू ने दुष्कर्म किया है। शिकायत के मिलने के बाद पुलिस ने प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया। और कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया। 31 मार्च 2016 को अगली सुनवाई के दौरान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीमा सिंगल की कोर्ट ने आरोपित प्रिंस को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना लगा दिया। इसके बाद परिजन हाईकोर्ट की शरण में गए । हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई बाद चार दिसंबर 2018 को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की कोर्ट को दोबारा से मामले की सुनवाई करने के आदेश दिए। और साथ ही प्रिंस को जमानत भी दे दी। आरपी गोयल की कोर्ट में तीन माह तक चली सुनवाई के बाद फरवरी माह में प्रिंस को दोष मुक्त कर दिया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। जिसके चलते प्रिंस को पांच साल तक जेल में रहना पड़ा और उसकी जिंदगी नरक हो गयी।
रोहतक (हरियाणा) । पुलिस का ऐसा कारनामा सामने आया है, जिसके चलते एक बीटेक के छात्र की जिंदगी नरक बन गयी है। नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में पुलिस की गलत जांच की वजह से छात्र को पांच साल की जेल में बिताना पड़ा। लेकिन निचली अदालत के फैसले को बदलते हुए हाईकोर्ट ने युवक को बरी कर दिया। छात्र बेगुनाह साबित हो गया है, लेकिन समाज उसे दागी मानकर अब स्वीकार करने को तैयार नहीं है।
आपको बता दें कि रोहतक के सांपला के निवासी प्रिंस को जेल होने की वजह से न तो नौकरी मिल रही और न ही बीटेक की आगे की पढ़ाई करने के लिए कोई कालेज प्रवेश दे रहा है। वह परिवार के गुजर बसर के लिए नौकरी की तलाश कर रहा है। ऐसे में नाबालिग से दुष्कर्म के दाग ने बीटेक के एक छात्र की जिंदगी नरक बना दी है। चाय की दुकान चलाने वाले उसके पिता को लकवा हो चुका है। और 15 लाख कर्ज होने के कारण घर भी गिरवी है। वहीं समाज के बहिष्कार से परेशान प्रिंस का कहना है कि गलती किसी ने की और भुगत वह रहा है, क्या कानून में कोई ऐसा भी नियम है, जिससे बेगुनाहों को समाज स्वीकार न करे तो कार्रवाई हो।
गौरतलब है कि रोहतक के सांपला पुलिस थाने में सितंबर 2013 में एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि उसकी चार वर्षीय की बेटी के साथ कस्बे के रहने वाले प्रिंस उर्फ चिन्नू ने दुष्कर्म किया है। शिकायत के मिलने के बाद पुलिस ने प्रिंस को गिरफ्तार कर लिया। और कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया। 31 मार्च 2016 को अगली सुनवाई के दौरान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीमा सिंगल की कोर्ट ने आरोपित प्रिंस को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना लगा दिया। इसके बाद परिजन हाईकोर्ट की शरण में गए । हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई बाद चार दिसंबर 2018 को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की कोर्ट को दोबारा से मामले की सुनवाई करने के आदेश दिए। और साथ ही प्रिंस को जमानत भी दे दी। आरपी गोयल की कोर्ट में तीन माह तक चली सुनवाई के बाद फरवरी माह में प्रिंस को दोष मुक्त कर दिया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। जिसके चलते प्रिंस को पांच साल तक जेल में रहना पड़ा और उसकी जिंदगी नरक हो गयी।
भोपाल (मध्य प्रदेश)। विदेश मंत्रालय ने देशभर में पासपोर्ट के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी खुलासा किया है। धोखधड़ी का शिकार हुए लोगों की शिकायत मिलने के बाद विदेश मंत्रालय मामले की जांच में जुट गया है। मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर सहित कुछ अन्य जिलों में लोग पासपोर्ट ऑफिस की वेबसाइट से मिलते-जुलते नाम की फर्जी वेबसाइट्स के झांसे में आ गए और पासपोर्ट फीस के नाम पर हजारों रुपए अदा कर दिए, लेकिन जब वे पासपोर्ट कार्यालय पहुंचे तो उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला।
भोपाल और इंदौर के कुछ लोगों ने अपने साथ पासपोर्ट के नाम पर ऑनलाइन हुई धोखाधड़ी की जानकारी पासपोर्ट कार्यालय में दी। पासपोर्ट कार्यालय ने जब विदेश मंत्रालय को इसकी जानकारी दी तो पता चला कि अन्य राज्यों में भी लोग इस तरह धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं। देश के कई राज्यों में लोग पासपोर्ट ऑफिस की अधिकृत वेबसाइट्स से मिलते-जुलते नाम की फर्जी वेबसाइट्स पर आवेदन भरकर चार-चार हजार रुपए की फीस भी जमा कर बैठे। इतना ही नहीं फर्जी वेबसाइट्स चलाने वालों ने इंटरव्यू तक निर्धारित कर दिए। इन पर हेल्पलाइन नंबर भी दिया गया है, जो काम नहीं करता। लोग जब पासपोर्ट ऑफिस पहुंचे तो उन्हें पता चला कि वे धोखाधड़ी के शिकार हो गए हैं।
विदेश मंत्रालय को मिलते-जुलते नाम की चार-पांच वेबसाइट्स की जानकारी मिली है। विदेश मंत्रालय ने ऐसी वेबसाइट्स के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के लिए गृह मंत्रालय और सायबर सेल पुलिस में शिकायत की है। इस मामले में बड़े गिरोह के काम करने की बात सामने आ रही है। गौरतलब है कि करीब पांच साल से पासपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया काफी आसान और पूरी तरह ऑनलाइन की जा चुकी है। इसमें अब बिचौलिए की कोई भूमिका नहीं रह गयी है। पासपोर्ट के लिए विदेश मंत्रालय अपनी अधिकृत वेबसाइट passportindia.gov.in पर आवेदन मंगाकर ऑनलाइन अपाइंटमेंट जारी करता है। और वहीं सामान्य श्रेणी के पासपोर्ट की फीस 1500 रुपए और तत्काल श्रेणी के पासपोर्ट की 3500 रुपए फीस निर्धारित की है। फिर भी जागरूकता न होने के चलते लोग इनके झांसे में आ जाते हैं।
नई दिल्ली। एक जनहित याचिका की सुनावाई के दौरान दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक अहम फैसला सुनाया। उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से कहा है कि वह एसएमएस, ईमेल, और वाट्सएप के माध्यम से मिली गुमशुदगी की शिकायतों को दर्ज करने सुविधा मुहैया कराए। ताकि तत्काल प्रभाव से खोए हुए लोगों की खोजबीन की जा सके और मामले की जल्दी जांच शुरू करने में भी मदद मिल सके। यह आदेश दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मनमोहन व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने दी है।
आपको बता दें कि उच्च न्यायालय में एक महिला ने पुलिस के द्वारा अपने पति के कथित अपहरण की शिकायत की थी। इसके बाद तत्काल प्रभाव से शिकायत दर्ज कराने के लिए उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई और उसके बाद उच्च न्यायालय में यह आदेश दिया। महिला ने उच्च न्यायालय को भेजे अपने शिकायती पत्र में लिखा था कि उसके पति का अपहरण 4 अगस्त 2018 को मटरू व उसके साथियों ने किया था। महिला ने इस मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस आयुक्त को की थी, लेकिन तीन महीने तक उसकी कोई सुनवायी नहीं हुई। इस मामले में रिपोर्ट चार महीने बाद दिसंबर माह में दर्ज की गई । पुलिस की निष्क्रियता के बाद पीठ ने 26 मार्च को मामले की जांच दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी। क्राइम ब्रांच ने मामले में दिल्ली सरकार के स्टैंडिंग काउंसल राहुल मेहरा के माध्यम से स्थिति रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि व्यक्ति को बचाने के लिए दिल्ली पुलिस की तरफ से 13 कदम उठाए गए। पीठ ने क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट को देखने के बाद निर्देश दिया कि गुमशुदगी के मामले में एसएमएस, ईमेल और वाट्सएप पर मिली शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने पर विचार करें। पीठ ने कहा कि यह अदालत का सुझाव है और उम्मीद है कि ऐसे मामलों की जांच में इससे तेजी आएगी। पीठ ने इसके साथ ही क्राइम ब्रांच डीसीपी को निर्देश दिया कि छह सप्ताह में स्थिति रिपोर्ट पेश करें और बताएं कि मामले की जांच प्रक्रिया कहां तक पहुंची है। मामले पर अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। वहीं उच्च न्यायालय ने यह भी कहा है कि यदि जांच में शिकायत झूठी निकलती है तो एफआईआर रद्द कर दी जाएगी।
डाक विभाग ने ग्राहकों की शिकायतों के समाधान के लिए पोस्ट हेल्प सेंटर बनाया है। डाकघर से संबंधित सेवाओं लेकर कोई भी शिकायत है तो आप देर न करें और इसकी शिकायत तत्काल 1924 नंबर पर दर्ज कराएं।
डाक विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों की शिकायत कैसे करें
डाक विभाग की सेवाओं से आप संतुष्ट नहीं हैं तो डाक निदेशालय, नई दिल्ली को संबोधित शिकायत, सम्बंधित अधिकारी को कर सकते हैं और दिए गए ईमेल, दूरभाष संख्या या फैक्स पर भेज सकते हैं। सबसे पहले आप प्रारंभिक स्तर पर शिकायत दर्ज करें-
1- डाकघर में जहाँ लेन-देन हुआ था, वहां के डाकपाल से डाक विभाग द्वारा दी गयी सेवाओं और उससे सम्बंधित डाक विभाग के कर्मचारियों के व्यवहार के बारे में शिकायत करें।
2- प्रभाग के डाकघर के वरिष्ठ अधीक्षक/अधीक्षक, जिनके अधिकार क्षेत्र में संबंधित डाकघर आता है, से डाक विभाग द्वारा दी गयी सेवाओं और उससे सम्बंधित डाक विभाग के कर्मचारियों के व्यवहार के बारे में शिकायत करें।
3- क्षेत्र के प्रधान डाकपाल, जिनके अधिकार क्षेत्र में संबंधित डाकघर और प्रभाग आता है, डाक विभाग द्वारा दी गयी सेवाओं और उससे सम्बंधित डाक विभाग के कर्मचारियों के व्यवहार के बारे में शिकायत करें।
यदि प्रारंभिक स्तर पर, संबंधित अधिकारियों से शिकायत के बावजूद आपकी शिकायत का निपटारा अभी तक नहीं हुआ है तो आप परिमंडल के मुख्य प्रधान डाकपाल से निम्नलिखित पते पर संपर्क कर सकते हैं :
परिमंडल के मुख्य प्रधान डाकपाल
1- दिल्ली:
पता- मेघदूत भवन, लिंक रोड, नई दिल्ली 110001.
ईमेल, दूरभाष संख्या एवं फैक्स संख्या- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. 011-23620144(दूरभाष), 23627114(फैक्स)
2- उत्तर प्रदेश:
पता- ४, हजरतगंज, लखनऊ 226001.
ईमेल, दूरभाष संख्या एवं फैक्स संख्या- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. 0522-2622000 (दूरभाष), 2616855(फैक्स)
3- बिहार:
पता- पटना जीपीओ परिसर, पटना 800001.
ईमेल, दूरभाष संख्या एवं फैक्स संख्या- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
ग्राहक सेवा केंद्र/ शिकायत : 0612-2230082,2220207(दूरभाष), 2225011(फैक्स)
डाक जीवन बीमा शिकायत : टोल फ्री नं. : 18003456107, 0612-2236842
4- छत्तीसगढ़:
पता- रायपुर 472001.
ईमेल, दूरभाष संख्या एवं फैक्स संख्या- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. 0771-2233400(दूरभाष), 2233197(फैक्स)
5- हरियाणा:
पता- 107, माल रोड, अम्बाला खिचड़ी.133001.
ईमेल, दूरभाष संख्या एवं फैक्स संख्या- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. 0171-2603100(दूरभाष), 2603736(फैक्स)
6- हिमाचल प्रदेश:
पता- कैथू, शिमला 1701009.
ईमेल, दूरभाष संख्या एवं फैक्स संख्या- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. 0177-2629000(दूरभाष), 2620351(फैक्स)
7- मध्य प्रदेश:
पता- भोपाल 462012.
ईमेल, दूरभाष संख्या एवं फैक्स संख्या- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. 0755-2550836(दूरभाष), 2556547(फैक्स)
8- झारखंड:
पता- डोरंडा एच ओ काम्प्लेक्स, राँची 834019.
ईमेल, दूरभाष संख्या एवं फैक्स संख्या- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. 0651-2482345(दूरभाष), 2480153(फैक्स)
9- राजस्थान:
पता- सरदार पटेल मार्ग, जयपुर ३०२००७.
ईमेल, दूरभाष संख्या एवं फैक्स संख्या- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. 0141-2372020(दूरभाष), 2366151(फैक्स)
10- उत्तराखंड:
पता- देहरादून 248001.
ईमेल, दूरभाष संख्या एवं फैक्स संख्या- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. 0124-2658396(दूरभाष), 2650065(फैक्स)
यदि आप डाक विभाग की सेवा और उसके कर्मचारियों के व्यवहार से संबंधित आपकी शिकायत का निपटारा अभी नहीं हुआ है तो आप परिमंडल के मुख्य प्रधान डाकपाल से नीचे दिए गए पते पर संपर्क कर सकते हैं :-
उत्तर प्रदेश
पता- 4, हजरतगंज, लखनऊ 226001.
ईमेल- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
ग्राहक सेवा केंद्र/ शिकायत : 0522-2622000 (दूरभाष), 2616855 (फैक्स)
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बिहार
पता- पटना जीपीओ परिसर, पटना 800001
ईमेल- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
ग्राहक सेवा केंद्र/ शिकायत : 0612-2230082,2220207 (दूरभाष), 225011 (फैक्स)
डाक जीवन बीमा शिकायत : टोल फ्री नं. : 18003456107, 0612-2236842
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छत्तीसगढ़
पता- रायपुर, 492001.
ईमेल- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
ग्राहक सेवा केंद्र/ शिकायत : 0771-2233400 (दूरभाष), 2233194 (फैक्स)
---------------------------------------------------------
दिल्ली
पता- मेघदूत भवन, लिंक रोड, नई दिल्ली 110001.
ईमेल- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
ग्राहक सेवा केंद्र/ शिकायत : 011-26620144 (दूरभाष), 23627114 (फैक्स)
------------------------------------------------------
हरियाणा
पता- 107, माल रोड, अम्बाला खिचड़ी. 133001.
ईमेल- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
ग्राहक सेवा केंद्र/ शिकायत : 0171-2603100 (दूरभाष), 2603736 (फैक्स)
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हिमाचल प्रदेश
पता- कैथू, शिमला 171009.
ईमेल- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
ग्राहक सेवा केंद्र/ शिकायत : 0177-2629000 (दूरभाष), 2620351 (फैक्स)
----------------------------------------------------
झारखंड
पता- डोरंडा एच ओ काम्प्लेक्स, राँची 834019.
ईमेल- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
ग्राहक सेवा केंद्र/ शिकायत : 0651-2482345 (दूरभाष), 2480153 (फैक्स)
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मध्यप्रदेश
पता- भोपाल 462012.
ईमेल This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
ग्राहक सेवा केंद्र/ शिकायत : 0755-2550838 (दूरभाष), 2556547 (फैक्स)
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राजस्थान
पता- सरदार पटेल मार्ग, जयपुर 302007.
ईमेल- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
ग्राहक सेवा केंद्र/ शिकायत : 0141-2372020 (दूरभाष), 2366151 (फैक्स)
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उत्तराखंड
पता- देहरादून 248001.
ईमेल- This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
ग्राहक सेवा केंद्र/ शिकायत : 0134-2658396 (दूरभाष), 2650065 (फैक्स)
आप अपनी शिकायत की ऑनलाइन स्थिति जानने के लिए डाक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.indiapost.gov.in के मुख्य पृष्ठ पर जाएँ और वेबसाइट की बायीं तरफ दिए गए ऑप्शन 'अपनी शिकायत ट्रैक' विकल्प पर क्लिक करें।

'अपनी शिकायत ट्रैक' विकल्प पर क्लिक करते ही एक नया पेज खुल जाएगा । अब यहां आपको Track Complaint Status के अंतर्गत Complaint Number और Enter characters as displayed in image को भरने के बाद Search ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद शिकायत की स्थिति आपके सामने खुलकर आ जाएगी।

यदि आप डाक विभाग की सेवा और उसके कर्मचारियों के व्यवहार से परेशान हैं, तो आप अपनी शिकायतों के त्वरित निपटान के लिए नीचे दी गयी प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं।
आप शिकायत ऑनलाइन दर्ज करने के लिए डाक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.indiapost.gov.in के मुख्य पृष्ठ पर जाएँ। अब वेबसाइट की बायीं ओर दिए गए मीनू में से सहायता और समर्थन पर क्लिक करें।

ऐसा करने पर शिकायत संबंधी दिशानिर्देश का मीनू आपके सामने खुल जाएगा । इसके बाद आप शिकायत संबंधी दिशानिर्देश का मीनू पर क्लिक करें।

इस मीनू पर क्लिक करते ही नया मीनू ग्राहक सहायता खुल जाएगा । अब आप इस मीनू पर क्लिक करें।

ग्राहक सहायता मीनू पर क्लिक करते ही आपके सामने शिकायत दर्ज करने के लिए 'अपनी शिकायत दर्ज करें' ऑप्शन खुलकर आपके सामने आ जाएगा। अब आप इस पर क्लिक करें।

इस पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नयानया फार्म खुल जाएगा। जहां आपको Transaction, Complaint, Date of Transaction, Number, Amount, इसके साथ ही Whether you know the Transaction Post Office name, Transaction Office Details, Further Information, Sender/Applicant Details (Name, Address, max (100 chars), City, Pincode, Email, Tel., Mob, Complaint Number will be sent by SMS to the Mobile Number.), को भरना होगा, और इसके अलावा Addressee Details (Name, Address, max (100 chars), City, Pincode, Email, Tel.), Verification आदि सूचनाओं भरकर Submit बटन पर क्लिक करना होगा।

Submit बटन पर क्लिक करते ही आपकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज हो जाएगी।
यदि शिकायत का निपटारा उचित समय में नहीं होता है तो ऊपर के उच्च अधिकारी से संपर्क करें।