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आवास प्रमाण पत्र हरियाणा में रहने वाले उन निवासियों के लिए जारी किए जाते हैं जो हरियाणा में पैदा हुए हैं या हरियाणा में 15 साल से रह रहे हैं। इस प्रमाणपत्र का इस्तेमाल शिक्षा और रोजगार आदि के लिए किया जाता है।
प्रमाण पत्र के लिए प्रमाण-
फार्म डाउनलोड करने अथवा अधिक जानकारी के लिये http://saralharyana.gov.in/ क्लिक करें।
नागरिक अटल सेवा केंद्र / ई-दिशा केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
नोट- आय प्रमाण पत्र केवल छह महीने तक वैध होता है। छह माह के बाद नया प्रमाण पत्र बनवाना पड़ता है।
क्रेडिट या डेबिट कार्ड से हो रही जालसाजी से बचने के लिए आप थोड़ा सतर्क रहें। आप सुरक्षा संबंधी थोड़ी सी जानकारी रखने पर इस तरह की ठगी से बच सकते हैं।
क्रेडिट-डेबिट कार्ड की ठगी से कैसे बचें
क्रेडिट-डेबिट कार्ड की ठगी पर क्या करें
सीतापुर, (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में हर सरकारें शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए बड़े-बड़े दावे करती रही हैं। लेकिन इन सरकारों के पास स्कूल में बच्चों को शिक्षा देने में पूरी जिंदगी लगा देने वाले शिक्षकों को वेतन देने के लिए पैसे कभी नहीं रहे हैं। ऐसा ही मामला सीतापुर जिले में सामने आया है, जहां जूनियर हाईस्कूल में पढ़ा चुके शिक्षक शत्रुहन सिंह 44 वर्ष बाद सेवानिवृत्त हो गए, लेकिन उन्हें कभी वेतन ही नहीं मिला। हालांकि वेतन की आस में वह सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय लखनऊ से लेकर परिषद कार्यालय इलाहाबाद तक का चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ। और कुछ समय बाद उनकी मौत हो गयी।
आपको बता दें कि शत्रुहन सिंह सीतापुर के पिसावां के बाजनगर के विश्राम लाल जूनियर हाईस्कूल में 1971 में अंग्रेजी अध्यापक पद पर नियुक्ति हुए थे। इस स्कूल में उन्होंने 44 वर्ष तक बच्चों को लगातार शिक्षा दी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें वेतन नहीं मिला। शत्रुहन सिंह जून 2015 में सेवानिवृत्त हो गए और मार्च 2016 में उनकी मृत्यु भी हो गई। शत्रुहन सिंह की तीन संतानें है। जिसमें से उमेश उनके इकलौते बेटे हैं। उमेश का कहना है कि वह अपने पिता के बकाया वेतन को प्राप्त करने के लिए सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय लखनऊ से लेकर परिषद कार्यालय इलाहाबाद तक का चक्कर लगा चुके हैं। वह निराश होकर कहते हैं कि अब उन्हें पिता की कमाई मिलने की आस नहीं है, उम्मीद टूट चुकी है। इसलिए वह अपने गांव के बाहर चक्की-पालेशर लगाकर जीवन यापन कर रहे हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजकुमार कहते हैं कि बाजनगर में विश्राम लाल जूनियर हाईस्कूल दिसंबर 2006 को अनुदान की श्रेणी में आ गया था। इसके बावजूद प्रधानाध्यापक जयश्री शुक्ला बिना वेतन के ही 2018 में सेवानिवृत्त हो गईं।
वहीं बीएसए कार्यालय के पटल प्रभारी संजय श्रीवास्तव मुताबिक बिना वेतन शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया अपूर्ण है। इसीलिए इनका वेतन फंसा हुआ है। अब ये मामला कोर्ट व शासन में है, इसलिए उसी स्तर पर कुछ निर्णय हो सकता है। जिले में अनुदानित विद्यालयों की कुल संख्या 85 है। जबकि बीएसए अजय कुमार ने बताया कि अनुदानित जूनियर हाईस्कूलों में बिना वेतन के शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षकों के संबंध में शासन ने संज्ञान लिया है। इस मामले में शिक्षा निदेशक ने बैठक भी लगा दी है। उम्मीद है कि इन शिक्षकों का कुछ भला होगा। अब देखना यह है कि अधिकारियों के ये दावे सच होते हैं या फिर शिक्षकों को फिर नाउम्मीदी हाथ लगती है।
कटनी(मध्य प्रदेश)। गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय। बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय। संत कबीर अपने इस दोहे में गुरु का महत्व बताते हुए कहते हैं कि गुरू और गोविंद (भगवान) एक साथ खड़े हों तो गुरू के श्रीचरणों में शीश झुकाना चाहिए, जिनकी कृपा रूपी प्रसाद से गोविन्द का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। कुछ ऐसी ही घटना मध्य प्रदेश के कटनी जिले माध्यमिक स्कूल में देखने को मिली है, जहां स्कूल से शिक्षक के स्थानांतरण की जानकारी मिलते ही छात्र और छात्राएं शिक्षक से लिपटकर बिलख-बिलखकर रोने लगे। और उन्हें छोड़कर नहीं जाने की गुहार लगाने लगे। इन मासूम बच्चों को दिलासा देते समय शिक्षक भी खुद भी रोने लगे। इन भावनात्मक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील तिलमन गांव के सरकारी माध्यमिक स्कूल में गणित पढ़ाने वाले मंगलदीन पटेल का स्थानांतरण जिले के ही कुठला माध्यमिक स्कूल में हो गया है। सोमवार को जब वह स्कूल पहुंचे और बच्चों से स्थानांतरण की बात बतायी और स्कूल नहीं आने की बात कही तो कक्षा में बच्चे उनसे लिपटकर जोर-जोर से रोने लगे। मासूम बच्चे कहने लगे कि ''सर जी, आप हमें छोड़कर मत जाओ.'' छात्र-छात्राओं को रोता हुआ देखकर शिक्षक मंगलदीन पटेल भी भावुक हो गए और उनकी आंखे भी भर आई । और उन्होंने बच्चों से कहा कि वह फिर से लौटकर आएंगे। उनकी विदाई के दौरान गांव के लोगों के आंखों में भी आंसू थे।
बताया जा रहा है कि शिक्षक मंगलदीन पटेल स्कूल के छात्र-छात्राओं को बहुत बढ़िया तरीके से पढ़ाई-लिखाई करा रहे थे। वह स्कूल के बच्चों को इस योग्य बना चुके हैं कि यहां के कई बच्चे जिले का नाम रोशन कर चुके हैं। मंगलदीन पटेल की छात्रों को पढ़ाने की रुचि का नतीजा ही था कि 2017 में जूनियर ओलिंपियाड परीक्षा में जिले से सिर्फ इसी तिलमन गांव के स्कूल के 11 छात्र पास हुए थे। शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य के लिए मंगलदीन पटेल को तत्कालीन राज्यपाल आनंदी बेन और कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने सम्मानित किया था। शिक्षक मंगलदीन पटेल पिछले 17 वर्षों से तिलमन गांव में ही रहकर स्कूल में पदस्थ थे।
छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए जाति प्रमाण पत्र बनवाने की कुछ शर्तें सरकार द्वारा निर्धारित की गयी हैं, जिसे पूरा करने के बाद जाति प्रमाण पत्र बनवाया जा सकता है।
अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र
प्रमाण पत्र के लिए योग्यता :
प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज़:
निवास का प्रमाण के लिए दस्तावेज
जाति का प्रमाण के लिए दस्तावेज:
प्रमाण पत्र के लिए शुल्क :
प्रमाण पत्र जारी होने की अनुमानित तिथि :
समान्यतः आवेदन करने के 15 दिनों के उपरांत कोई भी प्रतिक्रिया दी जाएगी।
केंद्र सरकार सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाने के लिए नया और कठोर कानून बनाया है। सरकार बड़े जुर्माने लगाकर लोगों में नियमों को लेकर अनुशासन लाना चाहती है। नए कानून के बनने से यातायात नियमों में बड़े बदलाव हुए हैं, जिनका आपको ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं कि यातायात के नए नियम क्या हैं।
यातायात नियम के नए नियम-
जींद (हरियाणा)। सड़क राज्य परिवहन विभाग में चालक के पद पर भर्ती के नाम एक बार फिर फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। हैरान करने वाली बात यह है कि परीक्षा का फॉर्म न भरने के बावजूद युवकों को सड़क राज्य परिवहन विभाग के लेटर पैड पर रोडवेज में चालक के पद पर भर्ती के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र भेजे जा रहे हैं। हालांकि डिपो के महाप्रबंधक ने चालक पद पर किसी भी प्रकार की भर्ती से इनकार किया है।
आपको बता दें कि इस मामले का खुलासा तब हुआ जब जींद की राम कॉलोनी के राजेश और खोखरी गांव के जोगेंद्र जींद बस अड्डे पहुंचे और महाप्रबंधक कार्यालय में पूछा कि चालक के पदों पर भर्ती की जा रही है या नहीं, तो कार्यालय के द्वारा बताया गया कि इस तरह की कोई भर्ती नहीं हो रही है। इसके बाद उन्होंने डाक द्वारा उनके घर पर भेजे गए नियुक्ति पत्र को दिखाया। इस नियुक्ति पत्र में पता सड़क राज्य परिवहन विभाग, सेक्टर 148, बिल्डिंग नंबर 30, ग्रेटर नोएडा लिखा हुआ था। नियुक्ति पत्र में 2019 में आवेदन का हवाला देते हुए चालक पदों पर लंबित पड़े परिणाम को जारी कर सीधे सरकारी नौकरी पर चयन की बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि आवेदक का कोई साक्षात्कार या परीक्षा नहीं होगी, चालक को 28500 रुपये प्रतिमाह सेलरी दी जाएगी, जिसमें हर साल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। आवेदक का कार्यकाल 60 वर्ष की आयु तक होगा और अनुच्छेद 24-बी एक्ट के तहत पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा।
इस मामले में राजेश, जोगेंद्र सिंह, जिले सिंह ने जानकारी दी कि डाक के माध्यम से उनके घर के पते पर जो नियुक्ति पत्र पहुंचा है, उस पर मोबाइल नंबर भी दिया गया है। जब उन्होंने उस नंबर पर बात की तो उनसे कहा गया कि चालक पद पर नियुक्ति के लिए 15 से 20 हजार रुपये की रिश्वत देनी पड़ेगी। वहीं जींद डिपो के महाप्रबंधक आरएस पूनिया ने कहा कि इस तरह की कोई भी नियुक्ति जींद डिपो में नहीं हो रही है। चालक पदों पर भर्ती के नाम पर जो नियुक्ति पत्र भेजे जा रहे हैं, वह फर्जी हैं।
गौरतलब है कि परिचालक पदों पर भर्ती के लिए करीब चार महीने पहले भी इसी तरह ऐसे फर्जी नियुक्ति पत्र भेजे गए थे, जिसमें रोहतक, यमुनानगर, जींद सहित दूसरे जिलों में कई लोग ठगी का शिकार हुए थे। अब फिर से यह सिलसिला शुरू हो गया है।
बैंकिंग लोकपाल क्या होता है-
बैंकिंग लोकपाल एक ऐसा वरिष्ठ अधिकारी होता है, जो बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण करने के लिए आरबीआई अर्थात भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा नियुक्त किया जाता है। बैंकिंग लोकपाल को बैंकिंग ओंबड्समैन भी कहा जाता है। बैंकिंग लोकपाल , बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी ग्राहकों की सभी शिकायतों का निराकरण करते हैं।
बैंकिंग लोकपाल से शिकायत कैसे करें-
बैंकिंग लोकपाल से शिकायत करने से पहले ध्यान रखें -
बैंकिंग लोकपाल से आप निम्नलिखित मामलों में शिकायत दर्ज करा सकते हैं -
बैंकिंग लोकपाल आपकी शिकायत को खारिज भी कर सकता है -
नुकसान से मिलने वाले मुआवजा-
बैंकिंग लोकपाल से सहमत नहीं है, तो क्या करें -
बैंकिंग लोकपाल से ऑनलाइन शिकायत कैसे करें -
आप नीचे बताए गए आसान से स्टेप्स को फॉलो करके बैंकिंग लोकपाल के पास अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।


यदि आप भी किसी बैंक द्वारा प्रताड़ित किए जा रहे हैं अथवा बैंक द्वारा आप को मिलने वाली सुविधाएं प्रदान नहीं की जा रही हैं, तो आप भी अपनी शिकायत बैंक अथवा बैंक कर्मचारी के खिलाफ दर्ज करा सकते हैं और ऐसे बैंक कर्मचारियों अथवा बैंक को सबक सिखा सकते हैं।
बैंकिंग लोकपाल से ऑफलाइन शिकायत कैसे करें -
शिकायत दर्ज करने के लिए विभिन्न लोकपाल के नाम , इमेल आईडी, फैक्स नंबर और पता-
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1. Ahmedabad - Shri G J Raju C/o Reserve Bank of India La Gajjar Chambers, Ashram Road Ahmedabad-380 009 STD Code: 079 Tel. No. 26582357/26586718 Fax No. 26583325 Email : [email protected] Area - Gujarat, Union Territories of Dadra and Nagar Haveli, Daman and Diu |
2. Bengaluru - Ms. C R Samyuktha C/o Reserve Bank of India 10/3/8, Nrupathunga Road Bengaluru -560 001 STD Code: 080 Tel. No. 22210771/22275629 Fax No. 22244047 Email : [email protected] Area - Karnataka |
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3. Bhopal - Shri V K Nayak C/o Reserve Bank of India Hoshangabad Road Post Box No. 32, Bhopal-462 011 STD Code: 0755 Tel. No. 2573772/2573776 Fax No. 2573779 Email : [email protected] Area- Madhya Pradesh |
4. Bhubaneswar - Shri S Behera C/o Reserve Bank of India Pt. Jawaharlal Nehru Marg Bhubaneswar-751 001 STD Code: 0674 Tel. No. 2396207/2396008 Fax No. 2393906 Email : [email protected] Area - Odisha |
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5. Chandigarh - Shri J L Negi C/o Reserve Bank of India 4th Floor, Sector 17 Chandigarh Tel. No. 0172 - 2721109 Fax No. 0172 - 2721880 Email : [email protected] Area - Himachal Pradesh, Punjab, Union Territory of Chandigarh and Panchkula, Yamuna Nagar and Ambala Districts of Haryana. |
6. Chennai - Shri R. Lakshmi Kanth Rao C/o Reserve Bank of India Fort Glacis, Chennai 600 001 STD Code: 044 Tel No. 25395963 / 25395964 Fax No. 25395488 Email : [email protected] Area - Tamil Nadu, Union Territories of Puducherry (except Mahe Region) and Andaman and Nicobar Islands |
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7. Guwahati - Smt Anandita Bhattacharya C/o Reserve Bank of India Station Road, Pan Bazar Guwahati-781 001 STD Code: 0361 Tel.No.2542556/2540445 Fax No. 2540445 Email : [email protected] Area - Assam, Arunachal Pradesh, Manipur, Meghalaya, Mizoram, Nagaland and Tripura |
8. Hyderabad - Smt Reeny Ajit C/o Reserve Bank of India 6-1-56, Secretariat Road Saifabad, Hyderabad-500 004 STD Code: 040 Tel. No. 23210013/23243970 Fax No. 23210014 Email : [email protected] Area - Andhra Pradesh and Telangana |
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9. Jaipur Smt Madhavi Sharma C/o Reserve Bank of India, Ram Bagh Circle, Tonk Road, Post Box No. 12 Jaipur-302 004 STD Code: 0141 Tel. No. 0141-5107973 Fax No. 0141-2562220 Email : [email protected] Area - Rajasthan |
10. Kanpur Smt Supriya Pattnaik C/o Reserve Bank of India 1. G. Road, Post Box No. 82 Kanpur-208 001 STD Code: 0512 Tel. No. 2306278/2303004 Fax No. 2305938 Email : [email protected] Area - Uttar Pradesh (excluding Districts of Ghaziabad, Gautam Buddha Nagar, Saharanpur, Shamli (Prabudh Nagar), Muzaffarnagar, Baghpat, Meerut, Bijnor and Amroha (Jyotiba Phule Nagar) |
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11. Kolkata Smt. Reena Banerjee C/o Reserve Bank of India 15, Netaji Subhash Road Kolkata-700 001 STD Code: 033 Tel. No. 22304982 Fax No. 22305899 Email : [email protected] Area - West Bengal and Sikkim |
12. Mumbai Smt. Ranjana Sahajwala C/o Reserve Bank of India 4th Floor, RBI Byculla Office Building, Opp. Mumbai Central Railway Station, Byculla, Mumbai-400 008 STD Code: 022 Tel No. 23022028 Fax : 23022024 Email : [email protected] Area - Maharashtra and Goa |
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13. New Delhi (I) Smt. Anupam Sonal C/o Reserve Bank of India, Sansad Marg, New Delhi STD Code: 011 Tel. No. 23725445/23710882 Fax No. 23725218 Email : [email protected] Area - Delhi |
14. Patna Smt. Nandita Singh C/o Reserve Bank of India Patna-800 001 STD Code: 0612 Tel. No. 2322569/2323734 Fax No. 2320407 Email : [email protected] Area - Bihar |
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15. Thiruvananthapuram Shri H N Iyer C/o Reserve Bank of India Bakery Junction Thiruvananthapuram-695 033 STD Code: 0471 Tel. No. 2332723/2323959 Fax No. 2321625 Email : [email protected] Area - Kerala, Union Territory of Lakshadweep and Union Territory of Puducherry (only Mahe Region). |
16. New Delhi (II) Shri R S Amar C/o Reserve Bank of India Sansad Marg, New Delhi STD Code: 011 Tel. No. 23724856 Fax No. 23725218-19 Email : [email protected] Area - Haryana (except Panchkula, Yamuna Nagar and Ambala Districts) and Ghaziabad and Gautam Budh Nagar districts of Uttar Pradesh |
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17. Dehradun Shri H S Khitaulia C/o Reserve Bank of India 74/1 GMVN Building, 3rd floor, Rajpur Road, Dehradun - 248 001 STD Code : 0135 Telephone : 2742003 Fax : 2742001 Email : [email protected] Area - Uttarakhand and seven districts of Uttar Pradesh viz., Saharanpur, Shamli (Prabudh Nagar), Muzaffarnagar, Baghpat, Meerut, Bijnor and Amroha (Jyotiba Phule Nagar) |
18. Ranchi Shri Sanjiv Dayal C/o Reserve Bank of India 4th Floor, Pragati Sadan, RRDA Building, Kutchery Road, Ranchi Jharkhand 834001 STD Code : 0651 Telephone : 2210512 Fax : 2210511 Email : [email protected] Area - Jharkhand |
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19. Raipur Shri. Keshab Korkora C/o Reserve Bank of India 54/949, Shubhashish Parisar, Satya Prem Vihar Mahadev Ghat Road, Sundar Nagar, Raipur- 492013 STD Code : 0771 Telephone: 2242566 Fax : 2242566 Email : [email protected] Area - Chhattisgarh |
20. Jammu Shri P Shimrah C/o Reserve Bank of India, Rail Head Complex, Jammu- 180012 STD Code : 0191 Telephone: 2477617 Fax : 2477219 Email: [email protected] Area - State of Jammu and Kashmir |
अलवर (राजस्थान)। एक बार फिर पुलिस की लापरवाही के कारण दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी है। अलवर जिले के झिवाना गांव में एक नेत्रहीन पिता रत्तीराम जाटव ने अपने बेटे हरीश जाटव को उन्मादी हिंसा मामले में न्याय नहीं मिलने पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से नाराज परिजनों ने आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने की चेतावनी दी है। हालांकि लोगों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।
गौरतलब है कि अलवर जिले में भिवाड़ी तहसील के झिवाना गांव निवासी दलित युवक हरीश जाटव करीब 1 महीने पहले 16 जुलाई को अपनी बाइक से जा रहा था। इस दौरान चौपानकी थाना क्षेत्र के फलसा गांव में उसकी बाइक से टक्कर लगने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसकी बाद में मौत हो गई थी। इस दौरान मौके पर मौजूद उमरशेर ठेकेदार व अन्य लोगों ने हरीश जाटव को पकड़ लिया और उसको जमकर मारा-पीटा। जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गया। घटना की सूचना पर हरीश का भाई दिनेश जाटव मौके पर पहुंचा और उसे दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हरीश जाटव की हत्या के केस के मामले में पुलिस द्वारा धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था। और पीड़ित परिवार को 4 लाख 12 हजार की आर्थिक मदद भी दी गई थी।
रत्तीराम के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश की । परिजनों का कहना है कि रत्तीराम पुलिस के काम करने के तरीके से परेशान था। इस कारण उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने शुक्रवार को रतिराम का पोस्टमार्टम करवाने से इनकार कर दिया। दलित समाज के लोगों ने प्रभावित परिवार को मुआवजे सहित अन्य मांगों को लेकर टपूकड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में धरना प्रदर्शन किया। इस आक्रोश को देखते हुए मौके पर पुलिस फोर्स तैनात है। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस अधीक्षक अनिल परिस देशमुख का कहना है कि युवक की मौत के बाद इस मामले में हत्या से संबंध में धारा 302 जोड़ी गई थी और मामले में जांच चल रही है।
किसी भी व्यक्ति के लापता होने की तिथि से अर्थात जिस दिन प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गयी है, उस दिन से 7 वर्ष पूरा होने पर माना जायेगा कि उस व्यक्ति का देहान्त हो चुका है। हालांकि केवल कोई न्यायालय ही किसी लापता व्यक्ति को मृत घोषित कर सकता है।
हमारे देश में अधिकतर दुकानदार उपभोक्ताओं को सामान कम तौलकर देते हैं। जिसका खामियाजा उपभोक्ता को भुगतना पड़ता है। उपभोक्ता जानकारी और जागरुकता के अभाव में हमेशा कम तौल का शिकार होते रहते हैं। इसलिए जागरुक हों और बेईमानी से बचें।
नालंदा (बिहार)। सुशासन बाबू कहलाने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्य में गरीबी और बीमारी से जूझ रही एक महिला की दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी है। कुपोषण और टीबी की बीमारी से पीड़ित महिला ने इलाज करवाने के लिए अपने मासूम बच्चों को ही बेचने का फैसला कर लिया। हालांकि मीडिया में घटना के सामने आने के बाद नालंदा के जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने मामले का संज्ञान लिया और सदर अस्पताल के अधीक्षक को महिला की नि:शुल्क इलाज का निर्देश दिया है।
महिला सोनम नालंदा जिले के कल्याणबीघा की रहने वाली है। उसके पति का नाम संजय मांझी है। इस वर्ष की शुरुआत में उसे कुपोषण और टीबी की बीमारी का पता चला । जब उसने अपने पति से इस बीमारी के बारे में बताया तो उसने दवा करवाने की बजाय उसे छोड़कर फरार हो गया। सोनम को दो साल की बेटी और छह माह का एक बेटा है। टीबी की बीमारी से पीड़ित महिला के पास इलाज के पैसे नहीं थे। वहीं दूसरी ओर बच्चों को भी पालने की जिम्मेदारी उसके ऊपर आ गयी । जब महिला को कोई रास्ता नहीं सूझा तो उसने अपने बच्चों को ही बेचने का फैसला कर लिया। इस संबंध में महिला का कहना है कि जब कोई मदद कहीं से नहीं मिली, तो मैंने बच्चों को किसी और को सौंपने का फैसला कर लिया, क्योंकि मुझे खुद नहीं पता कि मेरी जिंदगी कब मेरा साथ छोड़ देगी। उसने वार्ड ब्वॉय से इस बात की चिंता जाहिर की कि या तो कोई उसका इलाज करा दे या बच्चों के भरण-पोषण का जिम्मा ले ले।
इसी बीच यह बात पत्रकारों के ज़रिए जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह तक पहुंची तो उन्होंने महिला का मुफ्त में समुचित इलाज़ कराने का निर्देश अस्पताल प्रभारी को दिया। महिला पहले कल्याणबीघा रेफरल अस्पताल में भर्ती थी। जहां से उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद महिला को सोमवार को पावापुरी मेडिकल कॉलेज शिफ्ट कर दिया गया है। जहां महिला व उसके दोनों बच्चों की जांच व इलाज़ की व्यवस्था कराई गई है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसी पीड़ादायक घटनाएं कब रुकेंगी।
पैन - (Permanent Account Number) कार्ड एक फोटो पहचान पत्र है, जिसमें हर कार्डधारी के लिए 10 अंकों वाला एक अल्फा न्यूमेरिक नंबर आवंटित किया जाता है । इस नंबर को भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है ।
खूंटी (झारखंड)। केंद्र सरकार ने सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार रोकने के लिए राशनिंग व्यवस्था को ऑनलाइन तो कर दिया है, लेकिन इस व्यवस्था के ठीक तरीके से काम न करने के चलते खूंटी के तिलमा पंचायत लोगों की जिंदगी मुश्किल में पड़ गयी है। ग्रामीण हर रोज राशन आस में राशन की दुकान पर पहुंचते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद उन्हें खाली हाथ निराश होकर लौटना पड़ता है, क्योंकि इंटरनेट नेटवर्क गायब होने की वजह से उनका अंगूठा स्कैन नहीं हो पाता है।
झारखंड के खूंटी जिले के तिलमा पंचायत में इंटरनेट नेटवर्क के गायब रहने के ग्रामीणों की जिंदगी मुश्किल में पड़ गयी है। वह हर रोज राशन की दुकान से राशन मिलने की उम्मीद में भरपेट भोजन करने का सपना तो देखते हैं, लेकिन शाम होते यह सपना चकनाचूर हो जाता है। और यूं ही उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। ऐसी ही दास्तां ग्रामीण करिया मुंडा की भी है, जो अनाज पाने की आस में रोज राशन की दुकान पर पहुंचते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें राशन नहीं मिलता है, क्योंकि बारिश के चलते तिलमा गांव समेत कई गावों का नेटवर्क गायब है। जिसकी वजह से सर्वर डाउन है। वहीं घर पर भरपेट भोजन करने का सपना संजोए उनका बेटा घर पहुंचने पर उनसे सवाल करता है कि बाबा भर पेट खाना कब मिलेगा। बेटे के इस सवाल से दु:खी और हताश करिया मुंडा जवाब देते हैं कि बेटा नेटवर्क आएगा तभी तो राशन मिलेगा।
वहीं तिलमा पंचायत के राशन की दुकान की डीलर सुनीता पूर्ति का कहना है कि जब तक अंगूठा नहीं लगेगा तब तक राशन कैसे दिया जा सकता है। क्योंकि ऑनलाइन में यह प्रावधान किया गया है कि राशन लेने के लिए संबंधित व्यक्ति को अंगूठा लगाना ही होगा, जो अनिवार्य है। इस कारण से तिलमा के ग्रामीण रोज की तरह राशन की आस में नेटवर्क के लिए अंगूठा लगाने वाली मशीन, तार और एंटीना लेकर सड़क पर टहलते नजर आते हैं। वह इस उम्मीद में यह प्रयास करते हैं, जिससे कि कहीं आसपास नेटवर्क पकड़ ले, और उन्हें उनका राशन मिल जाए, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगती है। नेटवर्क के अभाव में एक भी ग्रामीण को रविवार को भी राशन नहीं मिल पाया। इस व्यवस्था से आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है, और अनाज न मिलने से बच्चे घर में बिलख रहे हैं। इससे अच्छा तो मैनुअल काम ही ठीक था। महिलाओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें खेती-बाड़ी का काम छोड़कर रोज राशन दुकान के चक्कर काटना पड़ता है, न जाने ऐसा कितने दिन चलेगा। अब गौर करने वाली बात यह है कि आखिर प्रशासन कब नींद से जागेगा और इन ग्रामीणों को राशन के दर्शन होंगे।
वारंट न्यायालय द्वारा जारी किया गया तथा न्यायालय के पीठासीन अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित एक लिखित आदेश है। हर वारंट तब तक प्रवर्तन में रहेगा जब तक वह उसे जारी करने वाले न्यायालय द्वारा रद्द नहीं कर दिया जाता या जब तक वह निष्पादित नहीं कर दिया जाता है ।
सुकमा (छत्तीसगढ़)। आपने हिंदी फिल्मों में ऐसा सीन अवश्य देखा होगा, जिसमें एक भाई पुलिस अधिकारी बन जाता है और दूसरा भाई डकैती का रास्ता अपना लेता है, और कुछ समय बाद जब दोनों आमने-सामने पड़ते हैं तो हैरान-परेशान एक दूसरे को देखते रह जाते हैं। पुलिस अधिकारी डकैत बने भाई को डकैती के रास्ते को छोड़ देने की सलाह देता है, और इसी दौरान उसके साथी पुलिस टीम पर हमला कर देते हैं और वह अपने साथियों के साथ फरार हो जाता है। कुछ ऐसा ही सीन सुकमा जिले के जंगल में देखने को मिला जहां नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन कर रहे सेक्शन कमांडर वेट्टी राम और उसकी बहन सीपीआई माओवादी की शीर्ष सदस्य वेट्टी कन्नी से आमना सामना हो गया। दोनों हैरान-परेशान एक दूसरे को देख ही रहे थे, तभी नक्सलियों ने फायरिंग शुरु कर दी। इस गोलीबारी में दो नक्सली मारे गए। हालांकि वेट्टी कन्नी मौके से फरार होने में कामयाब हो गयी।
यह कहानी आपको फिल्मी अवश्य लग रही होगी, लेकिन यह पूरी तरह सच है। राम वेट्टी और कन्नी वेट्टी दोनों 1990 के शुरु में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के गगनपल्ली गांव के अन्य युवाओं के साथ माओवादी आंदोलन से जुड़े थे। राम वेट्टी का कहना है कि, 'हम दोनों बाल संघम के तौर पर शामिल हुए थे। हमसे कहा गया था कि यह आंदोलन क्षेत्र के गरीबों के लिए है। लेकिन अब चीजें बदल चुकी हैं। वर्तमान माओवादी आंदोलन में समर्पण का अभाव है और इसलिए मैंने 2018 में आत्मसमर्पण करने का फैसला किया। इसके बाद मुझे पुलिस में नौकरी मिली और अगले कुछ महीनो में मुझे पुलिस कांस्टेबल बना दिया जाएगा।' राम वेट्टी का कहना है कि उसने आत्मसमर्पण करने के बाद सुरक्षाकर्मियों के साथ 10 बड़े ऑपरेशनों को अंजाम दिया है। हालांकि राम वेट्टी के सिर पर आत्मसमर्पण करने से पहले 6.5 लाख का ईनाम था। इसके बाद राम वेट्टी ने अपनी बहन कन्नी वेट्टी को भी खुद को पुलिस के हवाले करने के लिए समझाया था। इतना ही नहीं उसने इसके लिए अपनी बहन को कई पत्र लिखे थे। लेकिन कन्नी ने उसकी बात को मानने की बजाय पत्र के जवाब में उसे गद्दार बताया था। कन्नी के इस जवाब से आहत राम वेट्टी ने भरी आंखों से कहा, 'मैं हमेशा उसे गिरफ्तार करने या आत्मसमर्पण कराने की कोशिश करता हूं, लेकिन मुठभेड़ में कुछ भी संभव है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि ऐसा कभी न हो।'
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के जंगलों में स्थित माओवादी कैंप की 29 जुलाई को शाम के करीब सात बजे 140 सुरक्षाकर्मी घेराबंदी कर रहे थे। इसकी अगुवाई सुकमा पुलिस और ऑपरेशन के सेक्शन कमांडर वेट्टी राम कर रहे थे, जो कि एक गोपनीय सैनिक हैं। उनका मुख्य शिकार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के कोंटा क्षेत्र समिति के शीर्ष माओवादी सदस्यों में से एक वेट्टी कन्नी और उनकी 30 सदस्यीय टीम थी। जब दोनों आमने-सामने आए तो राम और कन्नी एक-दूसरे को देखने लगे। उनकी नजरें मिलीं और अचानक कन्नी के सुरक्षाकर्मियों ने राम पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। इस भयंकर गोलीबारी में दो नक्सली मार गिराए गए था। हालांकि कन्नी किसी तरह भागने में कामयाब रही। राम ने कहा, 'मैं उस पर गोली नहीं चलाना चाहता था। मुझे ऐसा करना पड़ा क्योंकि कुछ सेंकेड में ही उसके गार्ड ने मेरी टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। जिसका मैंने जवाब दिया। कुछ मिनट बाद मैंने उसे गोलीबारी करते हुए और फिर अचानक से जंगल में गायब होते हुए देखा।' कन्नी कोंटा क्षेत्र के सीपीआई माओवाद (सीपीआईएम) की क्षेत्र समिति सदस्य है। उसके सिर पर पांच लाख रुपये का ईनाम है। वह माओवादियों के पोदारियों की इंजार्च है। जिसका मतलब है कि वह गिरफ्तार माओवादियों को कानूनी सहायता मुहैया कराती है और पुलिस मुठभेड़ों में मरने वाले सीपीआईएम के कैडर के परिवारों के पुनर्वास की भी समीक्षा करती है।
पूर्वी चंपारण (बिहार)। पटना के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने सिकरहना अनुमंडल कार्यालय में एसडीओ और कर्मचारियों के बीच चल रहे रिश्वतोखोरी के रैकेट का पर्दाफाश किया है। टीम ने कार्यालय के नाजिर सह पेशकार विनय कुमार सिंह को पच्चीस हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने एसडीएम के कहने पर जमीन के केस को खत्म करने के लिए विनय कुमार सिंह को रिश्वत दी ।
पूर्वी चंपारन के विनय चिरैया थाना के माधोपुर गांव निवासी सिद्दिकी अहमद का कहना है कि वह मोतीहारी के सिकरहना अनुमंडल कोर्ट में जमीन विवाद के एक मामले को खारिज करने के लिए एसडीओ से मिले थे। इसके लिए उन्होंने नाजिर सह पेशकार विनय कुमार सिंह मिलने के लिए कहा था। इस मुलाकात के दौरान नाजिर ने 25 हजार रूपये में मामले को खारिज कराने का भरोसा दिलाया था और कार्यालय के सहायक शहाबुद्दीन को राशि देने को कहा था। सिद्दिकी अहमद ने इस मामले की शिकायत 1 अगस्त 2019 को पटना के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में दर्ज कराई थी।
वहीं निगरानी टीम के डीएसपी गोपाल पासवान ने बताया कि शिकायतकर्ता के आवेदन में कहा गया था कि जमीन के केस को लेकर वह एसडीओ साहब से मिले थे तो उन्होंने केस को खारिज करने के लिए रिश्वत देने की बात कही थी। और कहा था कि रकम मिलने के बाद उसका काम करा दिया जाएगा। निगरानी टीम के मणिकांत सिंह ने 05 अगस्त को शिकायत का सत्यापन किया। और तय योजना के मुताबिक टीम मोतीहारी के सिकरहना अनुमंडल कार्यालय बुधवार को पहुंची, लेकिन उस समय शहाबुद्दीन कार्यालय में नहीं था। जिसके बाद नाजिर सह पेशकार विनय कुमार सिंह ने स्वयं तय राशि 25 हजार रुपये ले ली। इस दौरान मौके पर मौजूद निगरानी की टीम ने उन्हें रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। अब आरोपी को पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई के लिए मुजफ्फरपुर स्थित निगरानी की एक अदालत में पेश किया जायेगा। डीएसपी गोपाल पासवान ने बताया कि रिश्वत के इस मामले में एसडीओ और सहायक कर्मचारी शहाबुद्दीन का भी नाम सामने आया है। अब आगे इस मामले की भी जांच की जाएगी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि समय-समय पर निगरानी टीम द्वारा घूसखोर पदाधिकारियों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई के बावजूद जिले में भ्रष्टाचार नहीं थम रहा है।
फौजदारी या आपराधिक मामलों में शिकायतकर्ता का उद्देश्य अपराधी को सजा दिलवाना होता है ।
भारतीय दण्ड संहिता की धारा 96 से लेकर 106 तक की धारा में सभी व्यक्तियों को आत्मरक्षा का अधिकार दिया गया है । व्यक्ति स्वयं की रक्षा किसी भी हमले या अंकुश या स्वयं की संपत्ति की चोरी, डकैती, शरारत व अपराधिक अतिचार के खिलाफ कर सकता है।