आपका अधिकार

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अगर आपके आस-पास अधिकार के लिए कोई अच्छा काम कर रहा है या फिर अधिकार का उल्लंघन कर रहा है, जिसे आप लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं, तो आप अपनी रिपोर्ट- info.adhikarexpress@gmail.com पर हमें भेजें |

कैदियों के अधिकार



सूचना प्राप्त करने का अधिकार

कैदियों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में सूचना प्राप्त करने का अधिकार है ।

कैदियों का मौलिक अधिकार

कैदियों को अनुच्छेद 14,19 और 21 में दिए गये मौलिक अधिकार प्राप्त करने के अधिकार हैं।

  • अनुच्छेद 14- विधि के समक्ष समता- राज्य , भारत के राज्यक्षेत्र में किसी व्यक्ति को विधि के समक्ष समता  या विधियों के समान संरक्षण से वंचित नहीं करेगा
  • अनुच्छेद 19-(क)  वाक-स्वातंत्र्य औऱ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार ।
  • अनुच्छेद 21- प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण-किसी व्यक्ति को , उसके प्राण या दैहिक स्वतंत्रता से विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अनुसार ही वंचित किया जायेगा, अन्यथा नहीं ।

चिकित्सा सुविधा का अधिकार

1-कैदियों को चिकित्सा सुविधा पाने का अधिकार है ।

2-अगर इसकी उपेक्षा की जाती है तो सरकार द्वारा कर्तव्यों की उपेक्षा मानी जायेगी ।

केस के जल्दी निपटारे का अधिकार

अनुच्छेद 21 के तहत कैदियों को केस के जल्दी निपटारे का अधिकार है ।

समय से अधिक बंदी नहीं

1-न्यायालयों में बिना किसी परिसीमा के निर्णय औऱ देर से विचार मौलिक अधिकारों का अतिक्रमण है । केस का जल्दी से निपटारा होना चाहिए।

2-अगर कैदी न्यायालय द्वारा सुनाई गयी सजा, पहले ही जेल में काट चुका हो तो उसे छोड़ दिया जाना चाहिए।

विचाराधीन कैदी को जमानत

1-जिन कैदियों पर मुकदमा अभी विचाराधीन है वो दोष सिद्ध होने से पहले जमानत के लिए आवेदन कर सकते  हैं ।

2-अगर न्यायालय को यह संतुष्टि हो जाती है कि अभियोगी पर पारिवारिक जिम्मेदारी है। और यह संतुष्टि हो कि वह इन सामाजिक बंधनों के कारण पलायन नहीं करेगा तब उसे एक बंध पत्र पर रिहा किया जा सकता है ।

कैदियों को मतदान का अधिकार

जेल में बंद सभी विचाराधीन कैदियों को अपना वोट डालने का अधिकार  है।

कैदियों को वेतन अथवा मजदूरी

1-कैदियों को जेल में उनके किए गए कार्य के लिए न्यूनतम मजदूरी मिलनी चाहिए।

2-मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के अनुच्छेद 4 में कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति से गुलामी नहीं करवाई जा सकती है ।

3-मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के अनुच्छेद 23(1) में कहा गया है कि हर व्यक्ति को काम करने का , काम चुनने का , कार्य करने के स्थान पर न्यायपूर्वक और अनुकूल परिस्थितियों  के साथ ही बेरोजगारी से सुरक्षा का अधिकार होना चाहिए।

4-मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के अनुच्छेद 23(3) में कहा गया है कि सही वेतन जो स्वयं औऱ परिवार के गरिमामय अस्तित्व को आश्वस्त करता हो ।


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