आपका अधिकार

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अगर आपके आस-पास अधिकार के लिए कोई अच्छा काम कर रहा है या फिर अधिकार का उल्लंघन कर रहा है, जिसे आप लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं, तो आप अपनी रिपोर्ट- info.adhikarexpress@gmail.com पर हमें भेजें |

कैदियों के अधिकार



5-मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के अनुच्छेद 10(1) में कहा गया है कि सभी व्यक्तियों को , जिनसे उनकी स्वतंत्रता का अधिकार ले लिया गया हो , उनके आदर और मानवता की भावना से पूर्ण व्यवहार करना चाहिए।

वकील से परामर्श का अधिकार

1-कैदी को अधिकार है कि वह अपने फैसले से कानूनी सलाहकार से भेंट कर सके । ऐसा ना होने पर संविधान के अनुच्छेद 14 औऱ 21 का उल्लंघन होगा ।

2-सीआरपीसी की धारा 161(2) और आपीसी की धारा 179 के तहत  अभियुक्त परीक्षण अधवा जांच के दौरान अपने कानूनी सलाहकार अथवा वकील को बुला सकता है ।

खुद के विरुद्ध साक्ष्य के लिए बाध्यता नहीं

1-संविधान के अनुच्छेद 20(3) के अनुसार किसी भी अपराध में अभियुक्त को स्वयं के विरुद्ध साक्ष्य के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है ।

2-इसका अर्थ है कि न्यायिक प्रक्रिया से अधिक कहने के लिए किसी को भी बाध्य नहीं किया जा सकता है, फिर चाहे वह साक्ष्य के लिए हो या किसी भी सूचना देने के लिए हो।

नि:शुल्क विधिक सहायता का अधिकार

ऐसा अभियुक्त जो किसी कानूनी सलाहकार को नियुक्त करने में सक्षम ना हो, गरीब हो या अन्य कोई परिस्थिति हो ,  नि:शुल्क कानूनी  सहायता पाने का अधिकारी है

1-कोर्ट को निर्देश हैं कि वो किसी भी व्यक्ति को कारावास की सजा देते समय उसे फैसले की नि:शुल्क कॉपी दे।

2-यह कॉपी जेल अधिकारी कैदी को तुरंत दे औऱ उससे लिखित में उस कॉपी की प्राप्ति की सूचना ले।

3-अगर कैदी इस फैसले की अपील अथवा रिवीजन फाइल करना चाहता हो तो जेल प्रशासन उस कैदी के लिए सारी सुविधाएं प्रदान करे।

4-वकील की नियुक्ति में असमर्थ कैदी के लिए कोर्ट किसी भी सक्षम सलाहकार को नियुक्त कर सकता है ,लेकिन यह तभी हो सकता है जब अभियुक्त  को इस पर कोई आपत्ति ना हो ।

5-नियुक्त वकील का खर्च राज्य सरकार उठायेगी , जिसने कैदी को अभियु्क्त ठहराया है।

6- अभियुक्त को नि:शुल्क कानूनी सहायता मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के दौरान से ही प्रदान की जानी चाहिए ।

विचाराधीन कैदियों को सुविधाएं

1-अपने मित्रों तथा परिजनों से पत्र व्यवहार का अधिकार।

2-मित्रों औऱ परिजनों से मिलने का अधिकार ।

3-अपने वकील या उसके एजेंट से बातचीत या सलाह का अधिकार ।

4-रेडियो , संगीत या टेलीविजन की सुविधा का अधिकार ।

5-अपने घर में होने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं में भाग लेने का अधिकार।

6-व्यक्तित्व विकास के लिए सांस्कृतिक  शिक्षा पाने का अधिकार ।

उच्चतम न्यायालय के निर्देश-

  • कैदी को पढ़ने, लिखने, व्यायाम करने, योग करने और मैडिटेशन करने का अधिकार है।
  • कैदी के पैरों में बेड़ियां  नहीं डाली जानी चाहिए।
  • कैदी को अपने धार्मिक क्रिया कलापों को करने का अधिकार है।
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