आपका अधिकार

Diyaa



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अगर आपके आस-पास अधिकार के लिए कोई अच्छा काम कर रहा है या फिर अधिकार का उल्लंघन कर रहा है, जिसे आप लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं, तो आप अपनी रिपोर्ट- info.adhikarexpress@gmail.com पर हमें भेजें |

सभी नागरिकों को आयकर का अधिकार



  • अगले साल में शामिल की गयी किसी कटौतीभत्ते औऱ राहत पर आयकर में छूट का दावा गलत होने पर निर्धारण अधिकारी दावे को नामंजूर कर सकता है। 
  • इस समायोजन के बाद रिटर्न जमा करने वाले करदाता के पास कर अथवा ब्याज जमा करने की सूचना भेजी जाती है । 
  • यह सूचना मिलने के बाद करदाता कर निर्धारण को ठीक करने के लिए आवेदन कर सकता है । 
  • करदाता का आवेदन मिलने के महीने के अंत से तीन महीने के भीतर निर्धारण अधिकारी को आदेश जारी कर देना होता है ।
  • कर निर्धारण संतुष्ट नहीं होने पर कर दाता कर आयुक्त (अपील) के पास अपील दायर कर सकता है ।
  • प्रारंभिक समायोजन से अंसतुष्ट करदाता इसमें संशोधन के लिए आयकर आयुक्त को भी आवेदन कर सकता है । 

आयकर प्रपत्रों को यहां से डाउनलोड करें 

http://www.incometaxindia.gov.in/hindi/Pages/downloads/most-used-forms.aspx

जांच का निर्धारण

  • ज्यादातर रिटर्न सरसरी तौर पर प्रारंभिक निर्धारण के बाद स्वीकार कर लिए जाते हैं । कुछ ही रिटर्नों की जांच की जाती है ।
  • जब किसी मामले को जांच के लिए चुना जाता है तो निर्धारण अधिकारी उस करदाता को नोटिस भेजता है ।
  • यह नोटिस या तो रिटर्न जमा करने के वित्त वर्ष के समाप्त होने से पहले या रिटर्न जमा करने के महीने के समाप्त होने के बाद छह महीने जो भी अवधि बाद की होतक भेजा जाना चाहिए।
  • इस नोटिस के मिलने के बाद करदाता को उसके द्वारा घोषित आय या हानि की पुष्टि में ऐसे बही खते तथा अन्य कागजात पेश करने होंगेजिन्हें पेश करने का निर्धारण अधिकारी उसे निर्देश दे ।
  • करदाता द्वारा खऱीदी गयी वस्तुओं या संपत्ति आदि की जांच की जा सकती है । इतना ही नहीं करदाता द्वारा खऱीदी गयी वस्तुओं या संपत्ति आदि को बेचने वालों के खातों की जांच भी की जा सकती है ।
  • कर निर्धारण अधिकारी करदाता से विस्तृत विवरण तथा जांच से हासिल जानकारी लेने के बाद  करदाता की वास्तविक आय का निर्धारण करता है ।
  • अगर करदाता ने अपनी आय छिपाई है या रिटर्न में गलत जानकारी दी हो तो उसके खिलाफ दंड-प्रक्रिया शुरु की जाती है ।
  • अगर करदाता समय-समय पर मांगी गयी जानकारी निर्धारण अधिकारी को नहीं देता है और संबंधित कागजात नहीं पेश करता है तो निर्धारण अधिकारी करदाता के देय कर का एतरफा निर्धारण कर सकता है ।

आयकर जांच में करदाता के अधिकार 

  • करदाता को आय विवरण बही खातेदस्तावेज आदि पेश करने का समुचित अवसर पाने का अधिकार है ।
  • जब तक निर्धारण अधिकारी को करदाता से जानकारी हासिल नहीं करनी होकरदाता को अपना मामला किसी अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए पेश करने का अधिकार है ।
  • करदाता की जानकारी के बिना निर्धारण अधिकारी ने करदाता के बारे में जो जानकारी तथा कागजात जमा किए हैंउनके बारे में करदाता को जानने का अधिकार है ।
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