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वाहन दुर्घटना का मुआवजा



मुआवजा क्या है-

  • किसी व्यक्ति या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर जो राशि दी जाती है उसे मुआवजा कहते हैं।

मुआवजे का दावा कौन कर सकता है-

  1. वह व्यक्ति जिसे चोट आई है या
  2. संपत्ति का मालिक या
  3. मृतक(जहां मृत्यु हुई हो) उसके सगे-संबंधी या कोई भी कानूनी प्रतिनधि या
  4. घायल व्यक्ति द्वारा नियुक्त एजेन्ट या मृतक व्यक्ति का कानूनी प्रतिनिधि(मृतक की संपत्ति में हक रखने वाला उत्तराधिकारी)।
  • मुआवजे का आवेदन जिस क्षेत्र में दुर्घटना घटी हो उस क्षेत्राधिकार में आने वाली ट्राइब्यूनल को संबोधित की जानी चाहिए।

 मुआवजे के दावे के लिए फार्म-

  • दावेदार/दावेदारों का 
  • नाम व पता (यदि मालूम हो तो)
  1. मोटर चालक
  2. मोटर मालिक का नाम व पता(यदि मालूम हो तो)
  3. मोटर का बीमा करने वालों का नाम व पता (यदि मालूम हो तो)
  • घायल/मृतक की जानकारी जैसे- नाम, आयु, पता, व्यवसाय, आमदनी इत्यादि
  • दुर्घटना का स्थान, समय तथा तिथि
  • वह साधन जिसके द्वारा घायल/मृतक यात्रा कर रहे थे
  • चोट का नाम तथा इलाज 
  • इन सब की भी जानकारी-
  1. गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर तथा उसकी मिल्कियत
  2. वाहन का चालक
  3. बीमा कंपनी से संबंधित कवर-नोट
  4. दावे की राशि
  5. दावे का औचित्य
  6. राहत
  • दुर्घटना के बाद कभी भी मुआवजे के लिए दावा डाला जा सकता है ।
  • ट्राइब्यूनल द्वारा निर्धारित मुआवजे की राशि का भुगतान वाहन मालिक या चालक या जिस वाहन कंपनी ने वाहन का बीमा किया है। कोई भी कर सकते हैं।
  • कानून के अनुसार हर वाहन का तीसरे आदमी कोर्ट खतरे(थर्ड पार्टी रिस्क) के विरुद्ध बीमा होना आवश्यक है। इससे दावों की शीघ्र सुनवाई में मदद मिलती है ।
  • ट्राइब्यूनल के अवार्ड में से बीमा कंपनी में जितनी राशि का बीमा करवाया है, उतनी राशि देने के लिए जिम्मेदार होती है ।
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