आपका अधिकार

Diyaa



Diyaa
अगर आपके आस-पास अधिकार के लिए कोई अच्छा काम कर रहा है या फिर अधिकार का उल्लंघन कर रहा है, जिसे आप लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं, तो आप अपनी रिपोर्ट- info.adhikarexpress@gmail.com पर हमें भेजें |

वाहन दुर्घटना का मुआवजा



  •  मोटर व्हीकल एक्ट ने मोटर यान दुर्घटना दावों के संबंध में यह प्रावधान दिया गया है कि क्षतिपूर्ति का दावा करने वाला व्यक्ति उस की इच्छा से तीन तरह के स्थानों पर स्थित मोटर यान दुर्घटना दावा अधिकरणों में से किसी एक में अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है। ये तीन स्थान निम्न प्रकार हैं- 
  1. वहाँ जहाँ दुर्घटना घटित हुई हो;
  2. वहाँ जहाँ दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु हुई होतथा
  3. जहाँ दावे के विरोधी पक्षकारों में से किसी एक का कार्यालय हो या जहाँ वह व्यापार करता हो।

ट्राइब्यूनल की प्रक्रिया-

  • दावा ट्राइब्यूनल को मोटर दुर्घटना से संबंधित केसों पर एकमात्र क्षेत्राधिकार प्राप्त है।
  • ट्राइब्यूनल निर्णय सुनाते समय यह स्पष्ट करती है कि मुआवजे की राशि कितनी होगी तथा किन लोगों के द्वारा उसका भुगतान किया जायेगा।

ट्राइब्यूनल का क्षेत्राधिकार-

  1. जहां दुर्घटना हुई हो
  2. जहां दावेदार रहते हों
  3. जहां बचाव पक्ष रहते हों 
  • ट्राइब्यूनल को दीवानी अदालत की शक्तियां प्राप्त होती हैं।
  • ट्राइब्यूनल मुआवजे की राशि पर ब्याज भी लगा सकतीहै । यह ब्याज दावे की तिथि से लेकर राशि के भुगतान तक के लिए लगाया जा सकता है ।
  • यदि कोई व्यक्ति ट्राइब्यूनल द्वारा निर्धारित मुआवजे की राशि से संतुष्ट नहीं है तो वह ट्रायब्यूनल के निर्णय की तिथि से 90 दिन के भीतर उच्च न्यायालय में अपील कर सकता है,
  •  यदि अपील 90 दिन के बाद की जाती है उसे बिलंब के संतोषजनक कारण ट्रायब्यूनल को बताने होंगे।
  • यदि राशि 2,000 रुपए से कम की है तो उच्च न्यायालय अपील को दाखिल नहीं करेगा।
  • मुआवजे की राशि के लिए ट्राइब्यूनल से एक प्रमाणपत्र लेना होता है जो जिला कलेक्टर को संबोधित करता है । इस प्रमाणपत्र में मुआवजे की राशि अंकित होती है। कलेक्टर मुआवजे की राशि को ठीक उसी तरह इकट्ठा करने का अधिकार रखता है जिस तरह वह जमीन का राजस्व वसूलता है तथा दावेदार को उसके मुआवजे का भुगतान करता है।

अधिकार के हीरो

जनमत

फोटो गैलरी

वीडियो

अन्य