आपका अधिकार

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विकलांग व्यक्तियों के अधिकार



  • विकलांग व्यक्तियों को अविकलांग व्यक्तियों की तरह समान अवसर का अधिकार और कानूनी अधिकारों की सुरक्षा का अधिकार है ।
  • जीवन के कार्यों में अविकलांग व्यक्तियों के बराबर पूर्ण भागीदारी का अधिकार है ।
  • विकलांगों को देखभाल और जीवन की मुख्यधारा में उन्हें पुनर्वासित किए जाने का अधिकार है।
  • केन्द्र और राज्य सरकारों का यह कर्त्तव्य है कि वे रोकथाम संबंधी उपाय करें ताकि विकलांगताओं को रोका जा सके, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर कर्मचारियों को प्रशिक्षित करें, स्वास्थ्य और सफाई संबंधी सेवाओं में सुधार करें, वर्ष में कम से कम एक बार बच्चों की जांच करें, जोखिम वाले मामलों की पहचान करें, प्रसवपूर्व और प्रसव के बाद मां और शिशु के स्वास्थ्य की देखभाल करें और विकलांगता की रोकथाम के लिए विकलांगता के कारण और बचावकारी उपायों के बारे में जनता को जागरुक करें ।
  • हर विकलांग के बच्चे को 18 वर्ष की आयु तक उपयुक्त वातावरण में निःशुल्क शिक्षा का अधिकार है । सरकार को विशेष शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष स्कूल स्थापित करने चाहिए, सामान्य स्कूलों में विकलांग छात्रों के एकीकरण को बढ़ावा देना चाहिए और विकलांग बच्चों के व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए अवसर मुहैया कराने चाहिए ।
  • पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई कर चुके विकलांग बच्चे मुक्त स्कूल या मुक्त विश्वविद्यालयों के माध्यम से अंशकालिक छात्रों के रुप में अपनी शिक्षा जारी रख सकते हैं और सरकार से विशेष पुस्तकें और उपकरणों को निःशुल्क प्राप्त करने का उन्हें अधिकार है ।
  • सरकार का यह कर्त्तव्य है कि वह नए सहायक उपकरणों, शिक्षण सहायक साधनों और विशेष शिक्षण सामग्री का विकास करें ताकि विकलांग बच्चों को शिक्षा में समान अवसर प्राप्त हों ।
  • विकलांग बच्चों को पढ़ाने के लिए सरकार को शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करेंविस्तृत शिक्षा संबंधी योजनाएं बनाएंविकलांग बच्चों को स्कूल जाने-आने के लिए परिवहन सुविधाएं देनी हैंउन्हें पुस्तकेंवर्दी और अन्य सामग्रीछात्रवृत्तियांपाठ्यक्रम और नेत्रहीन छात्रों को लिपिक की सुविधाएं दें ।
  • केंद्र सरकार के कार्यालयों व इसके अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के निचले वर्गों (वर्ग ’ व ’) के पदों में से 3 प्रतिशत विकलांग व्यक्तियों के लिए आरक्षित हों। यह आरक्षण दृष्टि कीश्रवण की तथा अन्य शारीरिक अक्षमताओं से प्रभावित व्यक्तियों के बीच समान रुप से बंटा हो।
  • सरकारी और सरकार से अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्थाओं को कम से कम 3 प्रतिशत सीटें विकलांगों के लिए आरक्षित करनी होती हैं।
  • ऐसे कर्मचारी को जो सेवाकाल में विकलांग हो गया हैइस विकलांगता की वजह से काम से नहीं निकाला जा सकता है या पदावनत नहीं किया जा सकता हैलेकिन उसे उसकी वेतन और भत्तों के साथ दूसरे पद पर भेजा जा सकता है। सेवाकाल में शारीरिक क्षति होने पर किसी कर्मचारी को पदोन्नति के अधिकार  से वंचित नहीं किया जा सकता है।
  • सभी गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों में इस बात की व्यवस्था है कि कम से कम तीन फीसदी लाभार्थी विकलांग वर्ग के हों।
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