आपका अधिकार

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भारतीय रेल सेवा



रेलवे स्टेशन पर समय सारणी का प्रदर्शन-

  • रेल अधिकारी हर स्टेशन पर समय सारणी तथा किराया चार्ट हिंदी, अंग्रेजी और संबंधित प्रांतीय भाषाओं में लगाते हैं।

रेल टिकट पर सूचना का विवरण-

  • रेल टिकट पर टिकट जारी करने की तिथि, यात्रा की श्रेणी, जाने और पहुंचने का स्थान, तथा राशि का विवरण होता है।

टिकट या पास का प्रदर्शन-

  • यात्रियों की जिम्मेदारी है कि वह यात्रा के दौरान या यात्रा समाप्त होने पर रेल अधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर टिकट या पास की जांच कराएं।
  • रेल अधिकारी से अनुमति लेने के बाद कोई भी व्यक्ति रेल में यात्रा कर सकता है, लेकिन उसे यात्रा के दौरान पूरे किराए का भुगतान करना होगा। 

संक्रामक रोग से ग्रस्त मरीज पर रोक-

  • संक्रामक रोग से ग्रस्त व्यक्ति रेलवे अधिकारी की आज्ञा के बिना रेल में यात्रा नहीं कर सकता है । वह अधिकारी मरीज के लिए अलग स्थान का प्रबंंध करेगा तथा रेलवे द्वारा निर्धारित अन्य शर्तों का भी पालन करेगा।
  • यदि कोई ऐसा व्यक्ति बिना उचित आज्ञा के सफर करता है तो उस व्यक्ति और उसके साथी के टिकट को जब्त कर लिया जायेगा तथा उन्हें रेल से उतार दिया जायेगा।

ऑनलाइन टिकट बुकिंग की व्यवस्था-

  • भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड के माध्यम से रेल टिकट बुक करें:

 

https://www.irctc.co.in/eticketing/loginHome.jsf

अग्रिम आरक्षण की व्यवस्था-

  • यात्री भारतीय रेल के 520 कंप्यूटर आरक्षण केंद्र में से किसी भी केंद्र से किसी भी रेल के लिये कहीं से भी कहीं तक के लिेए टिकट आरक्षित करवा सकता है ।
  • यात्री यात्रा की तिथि को छोड़कर 120 दिन पहले टिकट आरक्षित करवा सकता है । हालाकि किसी बीच के स्टेशन पर जहां से वह रेल गुजरती है 61 दिन पहले ही आरक्षण हो सकता है ।
  • रेल में पहले दर्जे और वातानुकूलित पहले दर्जे के टिकट पर जहां केवल कन्फर्म लिखा होता है वहीं अन्य टिकटों पर डिब्बा तथा सीट नंबर भी लिखा होता है।
  • जिस यात्री का टिकट कन्फर्म या आरएसी नहीं है , वह यात्री आरक्षित डिब्बे में सफर नहीं कर सकता है । ऐसा करने पर टीटीई उस पर जुर्माना कर सकता है और उसे रेल से भी नीचे उतार सकता है।
  • यात्री अपने टिकट की ताजा जानकारी के लिए नजदीक के कंप्युटराइज्ड रेलवे स्टेशन से संपर्क कर सकता है। या फिर मुख्य स्टेशनों पर प्राप्त इंटरएक्टिव वॉयस रेस्पॉन्स सिस्टम(IVRS) का फायदा उठा सकता है। इस सेवा के जरिए वह दस अंक के पीएनआर नंबर को कोट करके टिकट के स्टेट्स का पता लगा सकता है ।
  • अब 5 से 12 वर्ष के बच्चों का भी पूरा किराया लगेगा। हालांकि रिजर्वेशन न होने पर किराया आधा ही लगेगा। जबकि 5 वर्ष से छोटे बच्चे का टिकट नहीं लेना होता है।
  • आप यात्रा से चौबीस घंटे पहले तक अपने आरक्षित टिकट में परिवार-जनों के नाम बदल सकते हैं। इसके लिए मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक को आवेदन करना होगा।
  • कोई भी यात्री ट्रेन छूटने से 6 पहले  अतिरिक्त भुगतान करके अपनी यात्रा की तिथि आगे बढ़ा सकता है।
  • जबकि यात्रा को टालने के लिए ट्रेन छूटने के समय से 24 घंटे पहले टिकट को समर्पित करना पड़ता है। 
  • अधिकृत रेलवे एजेंटों को रेल विभाग द्वारा पहचान-पत्र दिए जाते हैं। वो आरक्षण आदि सेवाओं के लिए केवल निर्धारित शु्ल्क ही ले सकते हैं।
  • सुपरफास्ट गाड़ियों में कुछ अतिरिक्त अधिभार पड़ता है। इन गाड़ियों की संख्या प्राय: '2' से शुरु होती है।
  • अगर कोई यात्री अपना आरक्षित टिकट घऱ पर भूला आया है तो उसे स्टेशन मास्टर को यह बात बताकर ट्रेन पर चढ़ जाना चाहिए। स्टेशन मास्टर अगले स्टेशन तक यह संदेश पहुंचा देगा जहां उक्त यात्री को नया टिकट दिया जा सकता है। 
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