आपका अधिकार

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अगर आपके आस-पास अधिकार के लिए कोई अच्छा काम कर रहा है या फिर अधिकार का उल्लंघन कर रहा है, जिसे आप लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं, तो आप अपनी रिपोर्ट- info.adhikarexpress@gmail.com पर हमें भेजें |

भारतीय रेल सेवा



  • अगर आपका आरक्षण ट्रेन के पहले स्टेशन से है और आप आगे के किसी स्टेशन से बैठना चाहते हैं तो आप शुरु के स्टेशन पर ट्रेन  चलने से चौबीस घंटे पहले सूचना देकर ऐसा कर सकते हैं। अगर  संभव हो तो आरक्षण कराते समय ही यह सूचना दे दें। आपको यात्रा के उसे हिस्से के लिए कोई रकम वास नहीं मिलेगी, जिसकी यात्रा आपने नहीं की है। 
  • अगर आपका टिकट 500 किलोमीटर से ज्यादा लंबे सफर का है तो आप बीच में दो दिन यात्रा रोककर बाद में फिर आगे की यात्रा कर सकते हैं। पहला 'ब्रेक' कम से कम 300 किलोमीटर की यात्रा के बाद होना चाहिए ।
  • आप टिकट चेक करने वाले स्टाफ के पास जाकर अपनी यात्रा के गन्तव्य स्थान के समाप्त होने से पहले या फिर समाप्त होने के बाद भी यात्रा का विस्तार कर सकते हैं। आपसे इसका किराया लिया जायेगा।
  • अगर उच्च श्रेणी में सीट खाली है तो आप नीचे की श्रेणी के लिए आरक्षित टिकट को उच्च श्रेणी के लिए अपग्रेड करवा सकते हैं। इसके लिए आपको आरक्षण चार्ज तथा जो अंतर दोनों श्रेणी के किराए में है वह वसूला जायेगा।
  • आरक्षित टिकट के खो जाने पर भी आप उसी आरक्षण पर यात्रा कर सकते हैं। इसके लिए आपको निम्नलिखित अतिरिक्त किराया देना होगा-
  1. 500 किलोमीटर तक के सफर के लिए 25 फीसदी किराया।
  2. 500 किलोमीटर से ज्यादा सफर करने पर 10 फीसदी किराया, लेकिन 500 किलोमीटर के सफर के किराए की 25 फीसदी राशि के बराबर न्यूनतम किराया आपको अवश्य देना होगा।
  3. राजधानीएक्सप्रेस जैसी किराए के भिन्न स्वरुप वाली गाड़ियों में किराये का 25 प्रतिशत देना होगा। चाहे सफर कितनी ही दूरी का हो।
  • आरक्षण हस्तांतरिणीय नहीं है। इसलिये किसी दूसरे के नाम आरक्षित टिकट पर यात्रा नहीं करें।

आरक्षण न होने पर व्यवस्था-

  • अगर आपको जल्दी से गाड़ी पकड़ना है तो आप केवल प्लेटफॉर्म टिकट खरीदकर ट्रेन में चढ़ सकते हैं, लेकिन अपना टिकट खरीदने के लिए आपको ट्रेन में टीटीई के पास खुद जाना होगा।
  • अगर आपका नाम आरएसी सूची में तो आप आरक्षित डिब्बे में चढ़ सकते हैं और आपको बैठने की सीट अवश्य मिलेगी। बर्थ खाली होने पर प्राथमिकता क्रम के अनुसार आपको बर्थ मिल सकेगी, लेकिन अगर आपका टिकट प्रतीक्षा सूची का है तो आपको डब्बे में जाने का अधिकार नहीं है। 

सामान ढुलाई की व्यवस्था-

  • विभिन्न श्रेणियों में आप प्रति टिकट आगे बताए गए वजन का सामान नि:शुल्क ले जा सकते हैं-
  1. वातानुकूलित (एसी) प्रथम श्रेणी- 70 किलोग्राम
  2. वातानुकूलित दो-टियर स्लीपर/प्रथम श्रेणी- 50 किलोग्राम
  3. वातानुकूलित तीन-टियर स्लीपर/ वातानुकूलित चेयर कार - 40 किलोग्राम
  4. साधारण/शयन श्रेणी-                40 किलोग्राम
  5. द्वितीय श्रेणी -                        35 किलोग्राम
  6. जबकि बच्चे के टिकट पर विभिन्न श्रेणियों में ऊपर दिए गए वजन का आधा वजन नि:शुल्क ले जाया जा सकता है ।
  • यदि किसी के सामान की मात्रा निर्धारित मात्रा से थोड़ी आगे हो जाती है तो यात्री को उस श्रेणी के साधारण किराए का भुगतान करना होगा।
  • सामान चोरी, डकैती की स्थिति में यात्री को ट्रेन कंडक्टर/कोच प्रबंधक/गार्ड या जीआरपी से मिले। और इनसे एफआईआऱ का फॉर्म मांगें। एफआईआऱ फॉर्म को भरकर इन्हें वापस कर दें।
  • अगर आपने अपने पार्सल सामान का मूल्य घोषित किया है और प्रभार दिया है तो सामान गायब होने पर पूरा पैसा मिलेगा है।
  • अगर रेलवे का कोई पोर्टर (सामान उठाने वाला) दुर्व्यवहार करे या ज्यादा किराया मांगे तो स्टेशन मास्टर से शिकायत की जा सकती है। शिकायत सही पाए जाने पर पोर्टर का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। पोर्टर का नंबर नोट करना जरुरी है जो उसकी बांह में लगे बैच पर लिखा होता है ।
  • आप स्टेशन के सामान कक्ष में अपना सामान रख सकते हैं। इसके लिए निर्धारित शुल्क देना होता है ।
  • वातानुकूलित प्रथम श्रेणी तथा प्रथम श्रेणी में यात्रा करते समय आप अपना पालतू कुत्ता ले जा सकते हैं बशर्ते आपके सहयात्रियों को आपत्ति नहीं हो। अन्य श्रेणियों में यात्रा करते समय आपको अपने कुत्ते को पिंजरे में रखना होगा जो गार्ड से आपको मिल सकता है।  

 

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