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मृत्यु प्रमाणपत्र का अधिकार



2.चिकित्सालय का जन्म /मृत्यु प्रमाण पत्र अथवा जहाँ पर चिकित्सालय नहीं है अथवा चिकित्सालय होते हुए भी चिकित्सालय में बच्चे का जन्म/मृत्यु नहीं हुई है ऐसी दशा में आवेदक को जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र के सम्बन्ध में ग्राम प्रधान/क्षेत्रीय पार्षद/सांसद /एम .बीबी. एस डॉक्टर में से किसी एक का हस्ताक्षर एवं मोहर सहित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

मृत्यु प्रमाणपत्र के लाभ

1-जन्म प्रमाणपत्र बहुत महत्वपूर्ण पहचान का दस्तावेज है । इसके होने पर नागरिक सरकार की बहुत सारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं ।

2-यह सभी प्रयोजनों के लिए किसी की मृत्यु की तारीख और तथ्य को प्रमाणित करता है ।

राजस्थान में मृत्यु पंजीकरण- 

प्रत्‍येक ग्राम पंचायत /  नगरपालिका /  नगर परिषद /  नगर निगम मुख्‍यालय पर स्थित मृत्यु पंजीयक कार्यालय रजिस्‍ट्रार के कार्यालय में मृत्‍यु की सूचना घटना घटित होने के 21 दिवस की अवधि में परिवार के सदस्‍य या नजदीकी रिश्‍तेदार द्वारा प्रपत्र-1 में प्रपत्र-2 में (मृत्‍यु की सूचना) भरकर देने पर मृत्यु प्रमाण-पत्र निःशुल्‍क प्राप्‍त किया जा सकता है।

मृत्यु की सूचना निर्धारित अवधि 21 दिवस पश्‍चात् परन्‍तु 30 दिवस के अन्‍दर देने पर दो रूपये विलम्‍ब शुल्‍क जमा करवाकर मृत्‍यु प्रमाण पत्र प्राप्‍त किया जा सकता है।

मृत्यु की सूचना 30 दिवस से अधिक परन्‍तु 1 वर्ष के भीतर स्‍थानीय पंजीयक को देने पर आवेदक द्वारा निर्धारित प्रारूप में नोटरी पब्लिक से प्रमाणित एवं संबंधित जिला पंजीयक (जिला संख्यिकी अधिकारी)/  अतिरिक्‍त जिला पंजीयक ( विकास अधिकारी) से लिखित अनुज्ञा प्राप्‍त एक शपथ पत्र देकर तथा सम्‍बन्धित पंजीयक कार्यालय में पॉंच रूपये विलम्‍ब शुल्‍क जमा करवाकर मृत्‍यु प्रमाण पत्र प्राप्‍त किया जा सकता है।

मृत्यु पंजीकरण अधिनि‍यम 1969 के नियम 9(3) के अनुसार मृत्यु की घटना चाहे कितनी पुरानी हो, उसका पंजीयक कराया जा सकता है। इसके लिये आवेदक को पॉंच रूपये के नॉन ज्‍यूडिशियल स्‍टाम्‍प पेपर पर शपथ पत्र प्रस्‍तुत करना होगा एवं मृत्यु की घटना घटित होने के क्षेत्र के कार्यकारी मजिस्‍ट्रेट यथा जिला कलेक्‍टर एवं जिला मजिस्‍ट्रेट/ अतिरिक्‍त जिला कलेक्‍टर एवं जिला मजिस्‍ट्रेट/ सिटी मजिस्‍ट्रेट/उपखण्‍ड अधिकारी/ सहायक कलेक्‍टर एवं मजिस्‍ट्रेट/ तहसीलदार आदि में से किसी एक से उक्‍त घटना के पंजीकृत करवाने हेतु अनुज्ञा प्राप्‍त करेगा अनुज्ञा प्राप्‍त कर आवेदक स्‍थानीय पंजीयक कार्यालय में 10 रूपये विलम्‍ब शुल्‍क जमा करवाकर जन्‍म के पंजीयन हेतु आवेदन कर मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्‍त करेगा। 

  उत्तर प्रदेश में मृत्यु का पंजीकरण- 

परिवार में किसी शिशु के जन्‍म होने पर इसकी सूचना अपने क्षेत्र के जन्‍म रजिस्‍ट्रार कार्यालय (ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत कार्यालय एवं शहरी क्षेत्र में नगर पालिका / नगर परिषद / नगर निगम कार्यालय) को देकर जन्‍म का पंजीकरण कहलाता है। जन्‍म का रजिस्‍ट्रीकरण कराना कानूनी रुप से अनिवार्य है। 

उत्तर प्रदेश में मृत्यु पंजीकरण के लाभ- 

  • सम्‍पति के उतराधिकारी के लिए।
  • पेंशन एवं बीमा आदि के मामलों को निपटाने के लिए।
  • सम्‍पति दावों को निपटाने के लिए।
  • भूमि के नामान्‍तरण के लिए।
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