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किसान महिलाओं ने अऩाज बेचने कि लिए बनाई कंपनी

Apr 04, 2016

देवास (मध्य प्रदेश)। खुद को ही कर बुलंद इतना कि खुदा खुद बंदे से पूछे कि बता तेरी रजा क्या है? इसी बात को साकार कर कर दिखाया है देवास जिले की करीब ढाई हजार किसानों की पत्नियों ने। इऩ महिलाओं ने अपना अनाज मंडी, साहूकार या व्यापारियों की बेचने की बजाय अपनी ही कंपनी बना डाली है।

देवास जिले की बागली तहसील के 100 से अधिक गांवों की ढाई हजार महिलाओं ने मिलकर 2012 में एनसीएडेक्स (नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज) में अपनी कंपनी रजिस्टर कराई। जो आज राम-रहीम किसान उत्पादक कंपनी के नाम से जानी जाती है। इसके जरिए महिलाएं अब इंदौर की मंडी, साहूकारों या व्यापारियों को सोयाबीन और मोटा अनाज बेचने की बजाय ऑनलाइन सौदा करती हैं। इसके चलते इन्हें मंडी और सरकार के समर्थन मूल्य से ज्यादा कीमत मिल रही है। इस कंपनी में 2500 महिला सदस्य स्टॉक होल्डर हैं। हालांकि कुछ पुरुषों को भी कंपनी में कामकाज संभालने के लिए रखा गया है। 

इस सराहनीय काम को शुरु करने में सबसे बड़ा योगदान दिल्ली यूनिवर्सिटी से सोशल साइंस में एमए अनिमेष मंडल का है, जो समाजिक काम के लिए देवास आए थे और उन्होंने ही महिलाओं के छोटे स्वयं सहायता समूह बनाकर खेती से जुड़ा काम शुरु करवाया था। मंडल कंपनी के सीईओ हैं। इसके बाद धीरे-धीरे महिलाओं में खेती को लेकर जागरुकता बढ़ी और उन्होंने इसके बारे में सोचना शुरु किया। और सभी ने मिलकर 2012 में राम-रहीम किसान उत्पादक कंपनी बनाई। कंपनी के चर्चा में आने के बाद 2013 में कर्नाटक के इंजीनियर राघवन भी जुड़ गए और उन्होंने कंपनी को एनसीडेक्स में रजिस्टर कराया। और फिर महिलाओं के बहुमत वाले बोर्ड ने अनाज के सौदे का मूल्य तय करना शुरु किया। इसके चलते किसानों मध्य प्रदेश सरकार के गेहूं समर्थन मूल्य 1525 रुपए प्रति क्विंटल की बजाय अनाज की कीमत 1575 रुपए मिलने लगा है। अब सभी किसानों को हर क्विंटल पर 50 रुपए का फायदा हो रहा है। खास बात यहा है कि कंपनी ने हर गांव में अनाज के संग्रह केंद्र बनाए हैं। कंपनी की सदस्य महिलाएं अपना गेहूं तुलवाकर एक जगह एकत्र करवा देती हैं  और कंपनी के जरिए अनाज का ऑनलाइन सौदा हो जाता है। इसके बाद कंपनी की बोर्ड की बैठक में कंपनी के खर्चे को निकालकर पूरी राशि अऩाज के अनुपात में किसानों को वितरित कर दी जाती है। वहीं राघव राघवन का कहना है कि वे लोग अब 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महू में ई-मंडी योजना की शुरुआत करेंगे। जिससे किसानों को बहुत फायदा होगा। 

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