Main Menu

अब यातायात नियमों का उल्लंघन पड़ेगा 'महंगा'

अब यातायात नियमों का उल्लंघन पड़ेगा 'महंगा'

देहरादून (उत्तराखंड) । यदि आप वाहन चालक हैं तो सावधान हो जाएं, क्योंकि अब आपको यातायात नियमों का उल्लंघन करना महंगा पड़ेगा। प्रदेश शासन ने यातायात नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ जुर्माने की राशि को बढ़ा दिया है। अब खतरनाक ढंग से वाहन चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने पर वाहन चालक को 500 की जगह 1000 रुपये का जुर्माना भरना होगा। इतना ही नहीं इसके अलावा अन्य चालान के जुर्माने की राशि में भी बढ़ोतरी कर दी गयी है।

यातायात निदेशक केवल खुराना के अनुसार मोटरयान अधिनियम में दिए गए निर्देशों का अनुपालन न करने पर उप निरीक्षक को पांच सौ रुपये तक के चालान करने का अधिकार दिया गया है। खतरनाक ढंग से वाहन चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने पर 1000 रुपये का जुर्माना और जबकि नियमों के उल्लंघन में पकड़े जाने के दौरान गलत सूचना देने और जानकारी छिपाने पर भी 500 रुपये जुर्माना देना होगा। वहीं शारीरिक तौर से अक्षम होने की स्थिति में वाहन चलाते हुए पकड़े जाने पर 200 रुपये का चालान काटा जाएगा। हालांकि बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर जुर्माना अभी भी 100 रुपये ही निर्धारित है। हालांकि बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर जुर्माना राशि बढ़ाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। उप निरीक्षक स्तर के नीचे किसी को भी चालान करने का अधिकार नहीं दिया गया है। यह नियम सीपीयू पर भी लागू होगा।

हमें लिखें

यदि आप कोई सूचना, लेख, ऑडियो-वीडियो या प्रश्न हम तक पहुंचाना चाहते हैं तो हमें लिखें।

विज्ञापन

अधिकार एक्सप्रेस का सहयोग करें

लोकसेवा अधिकारों को सरकारी व कॉरपोरेट दबावों से बचाने और भ्रष्टाचार मुक्त सच्ची पत्रकारिता को जीवित रखने के लिए हमारा साथ दें। आर्थिक सहयोग करें: ♦ Rs.100 - Rs 9999.

Adhikar Express Foundation, Account No. 50200033861180, Branch: Amar Colony, Lajpat Nagar IV, New Delhi-24,  RTGS/NEFT/IFSC Code : HDFC0001409                                                ई-मेल: adhikarexpress@gmail.com

हर नागरिक का मौलिक कर्तव्य 

(क) संविधान का पालन करें और उसके आदर्शों, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्र्गान का आदर करें। 

(ख) स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शो को हृदय में संजोए रखें व उनका पालन करें।

(ग) भारत की प्रभुता एकता व अखंडता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण बनाये रखें। 

(घ) देश की रक्षा करें और आवाह्न किए जाने पर राष्ट् की सेवा करें। 

(ङ) भारत के सभी लोग समरसता और सम्मान एवं भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करें जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग के भेदभाव पर आधारित न हों, उन सभी प्रथाओं का त्याग करें जो महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध हों।

(च) हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्त्व समझें और उसका परिरक्षण करें। 

(छ) प्राकृतिक पर्यावरण जिसके अंतर्गत वन, झील,नदी वन्य प्राणी आदि आते हैं की रक्षा व संवर्धन करें तथा प्राणी मात्र के प्रति दयाभाव रखें।

(ज) वैज्ञानिक दृष्टिकोण मानवतावाद व ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें । 

(झ) सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखें व हिंसा से दूर रहें। 

(ञ) व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में सतत उत्कर्ष की ओर बढ़ने का प्रयास करें, जिससे राष्ट्र प्रगति करते हुए प्रयात्न और उपलब्धि की नई ऊँचाइयों को छू ले।

(ट) यदि आप माता-पिता या संरक्षक हैं तो 6 वर्ष से 14 वर्ष आयु वाले अपने या प्रतिपाल्य (यथास्थिति) बच्चे को शिक्षा के अवसर प्रदान करें।