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लुटेरे सिपाही और होमगार्ड को भेजा जेल

लुटेरे सिपाही और होमगार्ड को भेजा जेल

शाहजाहांपुर (उत्तर प्रदेश)। ठगी की साजिश रचने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस टीम 100 के सिपाही और होमगार्ड को अदालत ने भेजा जेल। इन पर ठगी के जरिए पांच लाख 80 हजार रुपये लूटने का आरोप है। पुलिस ने सिपाही और होमगार्ड के अलावा तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।और सभी को अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेश पर सभी को जेल भेज दिया गया। वहीं एसपी डॉ. एन चिनप्पा ने कहना है कि उन्होंने आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया है। और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया गया है। इस मामले में विभागीय जांच कराई जाएगी। जबकि होमगार्ड के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए होमगार्ड कमांडेंट को पत्र भेज दिया है। 

लखनऊ के सरोजनी नगर क्षेत्र निवासी अभिमन्यु को जमीन में गढ़ा सोना सस्ता सोना दिलाने के नाम पर बीती 24 मई को पुवायां गांव पसिया खेड़ा बुलाया गया था। इस मामले में अभिमन्यु ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि सीतापुर के थाना मछरेटा क्षेत्र के गांव मंसूरपुर निवासी शबीव, इसी गांव के असलत, पुवायां क्षेत्र के गांव अनावा निवासी मौलाना इस्बन, मुश्ताक मुसीर आदि ने सोना सस्ता दिलाने के नाम पर रुपये ठग लिए थे। घटना के थाना ¨सधौली क्षेत्र में तैनात यूपी 100 की टीम मौके पर पहुंच गई थी। अभिमन्यु ने टीम से इस मामले की शिकायत की थी। लेकिन यूपी 100 टीम ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा पीड़ित की पिटाई कर दी थी। पीड़ित ने यूपी 100 टीम में शामिल सिपाही कुलदीप और होगगार्ड रामकुमार पर ठगी में शामिल होने का शक जताया था। पहले तो पुलिस दोनों को बचाने का प्रयास कर रही थी। लेकिन मामले में दबाव बनने पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया था। पूछताछ में उनकी मिलीभगत सामने आने पर पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ ठगी की साजिश करने का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने इस मामले में आरोपित असलम और इसके दो साथी अकील और शकील को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। पुलिस टीमें अन्य आरोपितों की तलाश में दबिश दे रही हैं। 

हैरानी की बात यह है कि यूपी 100 टीम को किसी ने कॉल भी नहीं की। इसके बाद वह घटना स्थल पर कैसे पहुंच गई। टीम किसी प्रकार की घटना की जानकारी कंट्रोल रूम को नहीं दी। घटना के बाद पीड़ति अभिमन्यु ने यूपी 100 टीम पर मारपीट का आरोप भी लगाया था। इससे लग रहा है कि टीम को पहले ही पूरे मामले की जानकारी थी। आरोपित टीम से मिले हुए थे। पुलिस का डर दिखाकर पीड़ित पर दबाव बना चाह रहे थे। जांच के बाद पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। दोनों सिपाही और होमगार्ड घटना में संलिप्त पाए गए। पूछताछ में पकड़े गए असलम ने बताया कि उसके गिरोह में करीब 15 लोग शामिल हैं। जो बाहर के लोगों को गढ़ा हुआ सोना सस्ते दामों में दिलाने के नाम पर फांस लेते थे। रुपये ठगने के बाद वह निकल जाते थे। वह इससे पहले कई लोगों को शिकार बना चुके हैं।

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