Main Menu

सीकर (राजस्थान)। जिले के एक हॉस्पिटल में मानवता को शर्मशार कर देने वाली घटना ...

नई दिल्ली (उत्तर प्रदेश)। केंद्र सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं से आधार को ...

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने आंगनबाड़ी ...

नई दिल्ली। सरकार ने लोगों को अपनी स्थायी खाता संख्या (पैन) को बायोमीट्रिक ...

नई दिल्ली । सर्वोच्च न्यायालय आधार की कानूनी वैधता को लेकर दायर याचिकाओं की ...

इंदौर (मध्य प्रदेश)। लोकायुक्त पुलिस ने एक रिश्वतखोर कर्मचारी पंचायत सचिव ...

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को एक याचिका की सुनवाई के दौरान ...

जयपुर (राजस्थान)। वसुंधरा राजे सरकार ने शुक्रवार को राज्य कर्मचारियों को ...

रोहतक (हरियाणा)। प्रदेश सरकार ने टीबी मरीजों के हित में महत्वपूर्ण कदम ...

अजयगढ़, पन्ना (मध्य प्रदेश)। प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ...

जयपुर (राजस्थान)। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सरकार ने सरकारी चिकित्सकों की ...

डूंगरपुर (राजस्थान)। जिले में रिश्वतखोरी का एक अनोखा मामला सामने आया है, ...

इटावा (उत्तर प्रदेश)। सरकार के तमाम दावों के बावजूद एआरटीओ में रिश्वतखोरी ...

सीकर (राजस्थान)। जिले के एक हॉस्पिटल में मानवता को शर्मशार कर देने वाली घटना ...

नई दिल्ली (उत्तर प्रदेश)। केंद्र सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं से आधार को ...

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने आंगनबाड़ी ...

नई दिल्ली। सरकार ने लोगों को अपनी स्थायी खाता संख्या (पैन) को बायोमीट्रिक ...
Load More

सदस्यता लें

सहायता करें


आज जिस तरह मीडिया कारपोरेट ढर्रे पर चल रही है, इसी ने हमें यह संकल्प लेने पर मजबूर किया कि हमें चुपचाप मौजूदा मीडिया के रास्ते पर नहीं चलना है, बल्कि देश के उन करोड़ों लोगों के अधिकारों की आवाज बनना है, जो इस लोकतांत्रिक देश में हर रोज अपने अधिकारों को पाने के लिए पुलिस, अधिकारी और नेता की मनमानी का शिकार बन रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। हालांकि जब हमने इसे शुरु किया तो हमारे सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हो गयी, लेकिन हमने चुनौती को स्वीकार करते हुए थोड़े कम पैसों में ही एक कठिन रास्ते पर चलने की ठान ली और एक गैर-लाभकारी कंपनी बनाई। इंटरनेट का सहारा लिया और बिल्कुल अगल ही तरह का न्यूज पोर्टल बनाया। इसमें हमने अधिकारों की जानकारी देने के साथ ही अधिकारों से संबधित घटनाओं को लोगों तक पहुंचाने की शुरुआत की।

हमारा ऐसा मानना है कि यदि लोकसेवा अधिकारों को बचाए रखना है तो ऐसी पत्रकारिता को आर्थिक स्वतंत्रता देनी ही होगी। इसके लिए कारपोरेट घरानों और नेताओं की बजाय आम जनता को इसमें भागीदार बनना होगा। जो लोग भ्रष्टाचार मुक्त सच्ची पत्रकारिता को बचाए रखना चाहते हैं, वे सामने आएं और अधिकार एक्सप्रेस को चलाने में मदद करें। एक संस्थान के रूप में ‘अधिकार एक्सप्रेस’ लोकहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुसार चलने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा आपसे निवेदन है कि आप हमें पढ़ें और इस जानकारी को जन-जन तक पहुंचाएं, शेयर करें, और बेहतर करने का सुझाव दें।