Main Menu

पटना (बिहार) । मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पटना के ...

नई दिल्ली। बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार नए अवतार में देश के सामने आने वाले ...

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) । छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक पर्व ‘हरेली’ के अवसर पर ...

भागलपुर (बिहार) । भागलपुर जिले के शाहकुंड थाना क्षेत्र की पुलिस ने ...

इंदौर (मध्य प्रदेश)। एटीएम कार्ड क्लोन करके बैंक खातों से रुपए निकालने की ...

जयपुर (राजस्थान) । पुलिसवालों की रिश्वतखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है, ताजा ...

मुरैना (मध्य प्रदेश)। एक दुकानदार को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किया ...

नई दिल्ली। वाहन चालकों को अपने दस्तावेजों के खोने या खराब होने की चिंता ...

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने कई दिनों से टोल फ्री नंबर- ...

इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) । बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने संशोधित आदेश ...

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में हैरान कर देने वाले भ्रष्टाचार का ...

नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के प्रमुख आरएस शर्मा की आधार ...

इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) । मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी आदित्यनाथ की ...
Load More

हमें लिखें

यदि आप कोई सूचना, लेख, ऑडियो-वीडियो या प्रश्न हम तक पहुंचाना चाहते हैं तो हमें भेजें।

सहायता करें


आज जिस तरह मीडिया कारपोरेट ढर्रे पर चल रही है, इसी ने हमें यह संकल्प लेने पर मजबूर किया कि हमें चुपचाप मौजूदा मीडिया के रास्ते पर नहीं चलना है, बल्कि देश के उन करोड़ों लोगों के अधिकारों की आवाज बनना है, जो इस लोकतांत्रिक देश में हर रोज अपने अधिकारों को पाने के लिए पुलिस, अधिकारी और नेता की मनमानी का शिकार बन रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। हालांकि जब हमने इसे शुरु किया तो हमारे सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हो गयी, लेकिन हमने चुनौती को स्वीकार करते हुए थोड़े कम पैसों में ही एक कठिन रास्ते पर चलने की ठान ली और एक गैर-लाभकारी कंपनी बनाई। इंटरनेट का सहारा लिया और बिल्कुल अगल ही तरह का न्यूज पोर्टल बनाया। इसमें हमने अधिकारों की जानकारी देने के साथ ही अधिकारों से संबधित घटनाओं को लोगों तक पहुंचाने की शुरुआत की।

हमारा ऐसा मानना है कि यदि लोकसेवा अधिकारों को बचाए रखना है तो ऐसी पत्रकारिता को आर्थिक स्वतंत्रता देनी ही होगी। इसके लिए कारपोरेट घरानों और नेताओं की बजाय आम जनता को इसमें भागीदार बनना होगा। जो लोग भ्रष्टाचार मुक्त सच्ची पत्रकारिता को बचाए रखना चाहते हैं, वे सामने आएं और अधिकार एक्सप्रेस को चलाने में मदद करें। एक संस्थान के रूप में ‘अधिकार एक्सप्रेस’ लोकहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुसार चलने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा आपसे निवेदन है कि आप हमें पढ़ें और इस जानकारी को जन-जन तक पहुंचाएं, शेयर करें, और बेहतर करने का सुझाव दें।            (अधिकार एक्सप्रेस आपका, आपके लिए और आपके सहयोग से चलने वाला पत्रकारिता संस्थान है)