Main Menu

सूचना न मिलने पर अपील कहां करें

सूचना न मिलने पर अपील कहां करें

प्रथम अपील की प्रक्रिया

  • यदि लोक सूचना अधिकारी ने सूचना उपलब्ध कराने वाली आपके आवेदन को अस्वीकार कर दिया हो,
  • लोक प्राधिकरण ने 30 दिन या 48 घंटे, जैसी भी स्थिति हो, की समय-सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध कराने में असफल रहा हो,
  • लोक प्राधिकरण ने आवेदन प्राप्ति हेतु अथवा वांछित सूचना उपलब्ध करवाने के लिए सहायक लोक सूचना अधिकारी/लोक सूचना अधिकारी नियुक्त नहीं किया हो,
  • सहायक लोक सूचना अधिकारी ने आपका आवेदन स्वीकार करने या उसे लोक सूचना अधिकारी को अग्रसारित करने से इन्कार कर दिया हो,
  • आप लोक सूचना अधिकारी के निर्णय से संतुष्ट नहीं हों,
  • आपको लगता है कि आपूर्त्ति की गई सूचना अधूरी, दिग्भ्रमित करने वाली या गलत है,
  • आपको लगता है कि सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत सूचना प्राप्त करने हेतु माँगी जा रही शुल्क अनुचित या ज्यादा है।

प्रथम अपील करने की समय-सीमा

  • सूचना आपूर्त्ति की समय-सीमा (30 दिन या 48 घंटे के बाद, जैसी भी स्थिति हो) खत्म होने या लोक सूचना अधिकारी से प्राप्त निर्णय या आवेदन अस्वीकृति की सूचना के 30 दिनों के भीतर,
  • यदि प्रथम अपीलीय प्राधिकरण इस बात से संतुष्ट हो जाता है कि अपीलकर्त्ता को पर्याप्त कारणों से अपील याचिका दायर करने से रोका गया है, तो वह 30 दिनों के बाद भी अपील आवेदन स्वीकार कर सकता है। 

प्रथम अपील के लिए आवेदन

  • आवेदन सादे कागज पर तैयार करें, जो हस्तलिखित या टाइप किया हो सकता है।
  • आवेदन केंद्रीय सूचना आयोग या संदर्भित राज्य की वेबसाईट से डाउनलोड किया जा सकता है।
  • डाउनलोड किये गये फॉर्मेट में सभी सूचनाएँ स्पष्ट रूप से भरें।
  • आवेदन अँग्रेजी, हिन्दी या क्षेत्र की राजकीय भाषा में तैयार होना चाहिए।
  • आवेदन के साथ संलग्न की जाने वाली दस्तावेज
  • प्रथम अपील आवेदन की मूल प्रति।
  • यदि आवेदन शुल्क जमा कर रहे हों तो उसका प्रमाण और नहीं कर रहे हों तो छूट प्राप्त करने हेतु प्रमाणपत्र।
  • लोक सूचना अधिकारी से प्राप्त निर्णय की प्रति या अस्वीकृति पत्र।
  • यदि निर्णय प्राप्त नहीं हुआ हो, तो सूचना के लिए की गई अनुरोध की स्व-हस्ताक्षरित छायाप्रति, लोक सूचना अधिकारी द्वारा आवेदनप्राप्त करने का साक्ष्य (पावती पत्र) या डाक से आवेदन भेजने की रसीद।

प्रथम अपील आवेदन कहाँ करें

  • प्रथम अपील आवेदन, उसी लोक प्राधिकरण में प्रथम अपीलीय प्राधिकरण के कार्यालय में करें,
  • पदानुक्रम में प्रथम अपीलीय प्राधिकरण, लोक सूचना अधिकारी से वरिष्ठ अधिकारी होता है। वह आवेदन स्वीकार करने, आवेदक द्वारा माँगी गई सूचना के अनुसार लोक सूचना अधिकारी को सूचना आपूर्त्ति का आदेश देने या सूचना के अधिकार अधिनियम- 2005 के किसी भाग के अंतर्गत आवेदन को अस्वीकृत करने के लिए उत्तरदायी होता है।
  • प्रथम अपील आवेदन सौंपने से पहले, प्रथम अपीलीय प्राधिकरण के नाम, शुल्क (कुछ राज्यों में प्रथम अपील के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता तो कुछ राज्यों में शुल्क लिये जाते हैं) और शुल्क भुगतान की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर लें।

आवेदन जमा करने की विधि:

  • आवेदन हाथों-हाथ या डाक के माध्यम से भेजा जा सकता है।
  • आवेदन, डाक से भेजने की स्थिति में केवल रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा का ही उपयोग करें। कूरियर सेवा का कभी प्रयोग न करें।
  • दोनों ही परिस्थितियों में आवेदन भेजने या जमा करने की पावती रसीद प्राप्त कर लें।

सूचना उपलब्ध कराने की समय-सीमा:

  • सामान्य स्थिति में निर्णय 30 दिनों में दिया जाना चाहिए, परन्तु अपवादस्वरूप उसमें 45 दिनों का भी समय लग सकता है।
  • निर्णय देने की समय-सीमा की गणना प्रथम अपीलीय प्राधिकरण द्वारा आवेदन पत्र प्राप्त करने की तिथि से आरंभ होती है।

नोटः प्रथम अपील आवेदन के साथ भेजे जाने वाले मूल आवेदन और सभी अनुलग्नकों की छायाप्रति बनाकर दो कॉपी बनाकर अपने पास सुरक्षित रख लें।

हमें लिखें

यदि आप कोई सूचना, लेख, ऑडियो-वीडियो या प्रश्न हम तक पहुंचाना चाहते हैं तो हमें भेजें।

सहायता करें


आज जिस तरह मीडिया कारपोरेट ढर्रे पर चल रही है, इसी ने हमें यह संकल्प लेने पर मजबूर किया कि हमें चुपचाप मौजूदा मीडिया के रास्ते पर नहीं चलना है, बल्कि देश के उन करोड़ों लोगों के अधिकारों की आवाज बनना है, जो इस लोकतांत्रिक देश में हर रोज अपने अधिकारों को पाने के लिए पुलिस, अधिकारी और नेता की मनमानी का शिकार बन रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। हालांकि जब हमने इसे शुरु किया तो हमारे सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हो गयी, लेकिन हमने चुनौती को स्वीकार करते हुए थोड़े कम पैसों में ही एक कठिन रास्ते पर चलने की ठान ली और एक गैर-लाभकारी कंपनी बनाई। इंटरनेट का सहारा लिया और बिल्कुल अगल ही तरह का न्यूज पोर्टल बनाया। इसमें हमने अधिकारों की जानकारी देने के साथ ही अधिकारों से संबधित घटनाओं को लोगों तक पहुंचाने की शुरुआत की।

हमारा ऐसा मानना है कि यदि लोकसेवा अधिकारों को बचाए रखना है तो ऐसी पत्रकारिता को आर्थिक स्वतंत्रता देनी ही होगी। इसके लिए कारपोरेट घरानों और नेताओं की बजाय आम जनता को इसमें भागीदार बनना होगा। जो लोग भ्रष्टाचार मुक्त सच्ची पत्रकारिता को बचाए रखना चाहते हैं, वे सामने आएं और अधिकार एक्सप्रेस को चलाने में मदद करें। एक संस्थान के रूप में ‘अधिकार एक्सप्रेस’ लोकहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुसार चलने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा आपसे निवेदन है कि आप हमें पढ़ें और इस जानकारी को जन-जन तक पहुंचाएं, शेयर करें, और बेहतर करने का सुझाव दें।            (अधिकार एक्सप्रेस आपका, आपके लिए और आपके सहयोग से चलने वाला पत्रकारिता संस्थान है)