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दिल्ली में राशन कार्ड के कार्यों की समय सीमा

दिल्ली में राशन कार्ड के कार्यों की समय सीमा

यदि आपके राशन कार्ड का कार्य सरकार द्वारा निर्धारित समयसीमा में नहीं होता है तो आप आप नीचे दिए गए अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। 

  • यदि नया राशनकार्ड 45 दिन के अंदर जारी नहीं किया जाता है तो आप सहायक आयुक्त से शिकायत कर सकते हैं, अगर फिर भी आपकी सुनवाई नहीं होती है तो आप मामले की शिकायत आयुक्त से कर सकते हैं।
  • आपके कार्ड को 1 दिन के अंदर वापस नहीं किया जाता है तो आप एसएफओ जोनल से शिकायत कर सकते हैं, अगर फिर भी आपकी सुनवाई नहीं होती है तो आप सहायक आयुक्त से मामले की शिकायत कर सकते हैं। 
  • यदि राशन कार्ड से किसी सदस्य का नाम 10 दिन में नहीं काटा जाता है तो आप एसएफओ जोनल से शिकायत कर सकते हैं, अगर फिर भी आपकी सुनवाई नहीं होती है तो आप सहायक आयुक्त से मामले की शिकायत कर सकते हैं। 
  • यदि राशन कार्ड में किसी सदस्य का नाम 10 दिन में नहीं जोड़ा जाता है तो आप एसएफओ जोनल से शिकायत कर सकते हैं, अगर फिर भी आपकी सुनवाई नहीं होती है तो आप सहायक आयुक्त से मामले की शिकायत कर सकते हैं। 
  • यदि उसी सर्कल में पते में बदलाव 10 दिन में नहीं किया जाता है तो आप एसएफओ जोनल से शिकायत कर सकते हैं, अगर फिर भी आपकी सुनवाई नहीं होती है तो आप सहायक आयुक्त से मामले की शिकायत कर सकते हैं। 
  • यदि उसी सर्कल में राशन की दुकान या तेल डिपो में 10 दिन में परिवर्तन नहीं किया जाता है तो आप एसएफओ जोनल से शिकायत कर सकते हैं, अगर फिर भी आपकी सुनवाई नहीं होती है तो आप सहायक आयुक्त से मामले की शिकायत कर सकते हैं।

सहायता करें


आज जिस तरह मीडिया कारपोरेट ढर्रे पर चल रही है, इसी ने हमें यह संकल्प लेने पर मजबूर किया कि हमें चुपचाप मौजूदा मीडिया के रास्ते पर नहीं चलना है, बल्कि देश के उन करोड़ों लोगों के अधिकारों की आवाज बनना है, जो इस लोकतांत्रिक देश में हर रोज अपने अधिकारों को पाने के लिए पुलिस, अधिकारी और नेता की मनमानी का शिकार बन रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। हालांकि जब हमने इसे शुरु किया तो हमारे सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हो गयी, लेकिन हमने चुनौती को स्वीकार करते हुए थोड़े कम पैसों में ही एक कठिन रास्ते पर चलने की ठान ली और एक गैर-लाभकारी कंपनी बनाई। इंटरनेट का सहारा लिया और बिल्कुल अगल ही तरह का न्यूज पोर्टल बनाया। इसमें हमने अधिकारों की जानकारी देने के साथ ही अधिकारों से संबधित घटनाओं को लोगों तक पहुंचाने की शुरुआत की।

हमारा ऐसा मानना है कि यदि लोकसेवा अधिकारों को बचाए रखना है तो ऐसी पत्रकारिता को आर्थिक स्वतंत्रता देनी ही होगी। इसके लिए कारपोरेट घरानों और नेताओं की बजाय आम जनता को इसमें भागीदार बनना होगा। जो लोग भ्रष्टाचार मुक्त सच्ची पत्रकारिता को बचाए रखना चाहते हैं, वे सामने आएं और अधिकार एक्सप्रेस को चलाने में मदद करें। एक संस्थान के रूप में ‘अधिकार एक्सप्रेस’ लोकहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुसार चलने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा आपसे निवेदन है कि आप हमें पढ़ें और इस जानकारी को जन-जन तक पहुंचाएं, शेयर करें, और बेहतर करने का सुझाव दें।