Main Menu

राजस्थान सरकार ने डाक्टरों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाई

राजस्थान सरकार ने डाक्टरों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाई

जयपुर (राजस्थान)। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सरकार ने सरकारी चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने का तोहफा दिया है। चिकित्सकों की कमी से जूझ रही राजस्थान सरकार ने सरकारी डॉक्टर्स की सेवानिवृत्ति की उम्र 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी है। सर्विस रूल्स में संशोधन के बाद मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव को राज्यपाल कल्याण सिंह की अनुमति के लिए भेज दिया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव लागू हो जाएगा।

आपको बता दें कि राजस्थान में डाक्टरों की बहुत कमी है। जिसके चलते ही सरकार ने सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाए जाने के बाद विभिन्न विषयों के अनुभवी डॉक्टर्स पहले से अधिक उपलब्ध हो सकेंगे। 61 बड़े विशेषज्ञ और सर्जन आगामी दिनों में सेवानिवृत्ति होने वाले थे, अब वे इस फैसले के बाद अगले तीन वर्ष तक काम करेंगे। गौरतलब है कि काफी समय से डॉक्टर्स की भर्ती नहीं हो पाने के कारण प्रदेश में चिकित्सकों की काफी कमी थी। इस कमी को पूरा करने के लिए सरकार ने सीनियर डाक्टरों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाई है।

हमें लिखें

यदि आप कोई सूचना, लेख, ऑडियो-वीडियो या प्रश्न हम तक पहुंचाना चाहते हैं तो हमें भेजें।

सहायता करें


आज जिस तरह मीडिया कारपोरेट ढर्रे पर चल रही है, इसी ने हमें यह संकल्प लेने पर मजबूर किया कि हमें चुपचाप मौजूदा मीडिया के रास्ते पर नहीं चलना है, बल्कि देश के उन करोड़ों लोगों के अधिकारों की आवाज बनना है, जो इस लोकतांत्रिक देश में हर रोज अपने अधिकारों को पाने के लिए पुलिस, अधिकारी और नेता की मनमानी का शिकार बन रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। हालांकि जब हमने इसे शुरु किया तो हमारे सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हो गयी, लेकिन हमने चुनौती को स्वीकार करते हुए थोड़े कम पैसों में ही एक कठिन रास्ते पर चलने की ठान ली और एक गैर-लाभकारी कंपनी बनाई। इंटरनेट का सहारा लिया और बिल्कुल अगल ही तरह का न्यूज पोर्टल बनाया। इसमें हमने अधिकारों की जानकारी देने के साथ ही अधिकारों से संबधित घटनाओं को लोगों तक पहुंचाने की शुरुआत की।

हमारा ऐसा मानना है कि यदि लोकसेवा अधिकारों को बचाए रखना है तो ऐसी पत्रकारिता को आर्थिक स्वतंत्रता देनी ही होगी। इसके लिए कारपोरेट घरानों और नेताओं की बजाय आम जनता को इसमें भागीदार बनना होगा। जो लोग भ्रष्टाचार मुक्त सच्ची पत्रकारिता को बचाए रखना चाहते हैं, वे सामने आएं और अधिकार एक्सप्रेस को चलाने में मदद करें। एक संस्थान के रूप में ‘अधिकार एक्सप्रेस’ लोकहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुसार चलने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा आपसे निवेदन है कि आप हमें पढ़ें और इस जानकारी को जन-जन तक पहुंचाएं, शेयर करें, और बेहतर करने का सुझाव दें।            (अधिकार एक्सप्रेस आपका, आपके लिए और आपके सहयोग से चलने वाला पत्रकारिता संस्थान है)