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भारत में पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए शु्ल्क

भारत में पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए शु्ल्क

तत्काल पासपोर्ट के लिए फीस

  • तत्काल पासपोर्ट के लिए फीस सामान्य फीस से ज्यादा है। इसका भुगतान नगर या संबंधित पासपोर्ट अधिकारी के नाम डिमांड ड्रॉफ्ट द्वारा किया जाता है ।
  • आवेदन की तारीख से 1-7 दिन के अंदर -1500 रुपया + 1000 रुपए पासपोर्ट फीस
  • आवेदन की तारीख से 8-14 दिन के अंदर- 1000+ 1000 रुपए पासपोर्ट फीस

डुप्लीकेट पासपोर्ट के लिए फीस

  • आवेदन की तारीख से 1-7 दिन के अंदर -2500 रुपए + 2500 रुपए पासपोर्ट की फीस
  • आवेदन की तारीख से 8-14 दिन के अंदर - 1500 रुपए + 2500 रुपए पासपोर्ट फीस
  • 10 साल की वैधता वाले 36 पेज के डुप्लीकेट पासपोर्ट के लिए -2500 रुपए फीस
  • 10 साल की वैधता वाले 60 पेज के डुप्लीकेट पासपोर्ट के लिए - 3000 रुपए फीस

नए पासपोर्ट की फीस

  • 10 साल की वैधता वाला 36 पेजों के पासपोर्ट (15 से 18 साल के बच्चे भी शामिल)-1000 रुपए फीस
  • 10 साल की वैधता वाला 60 पेजों के पासपोर्ट -1500 रुपए फीस
  • 5 साल की वैधता अथवा नाबालिगों के 18 साल के होने तक -600 रुपए फीस
  • पते में नाम, जन्मतिथि, जन्म का स्थान, पति-पत्नी का नाम,अभिभावक/वैध संरक्षक का नाम बदलवाने पर नई पासपोर्ट पुस्तिका के लिए - 1000 रुपए फीस

दस साल की अवधि खत्म होने पर पासपोर्ट फीस

  • आवेदन की तारीख से तीन कार्यदिवसों के अंदर- 1500 रुपए + 100- रुपए पासपोर्ट फीस

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आज जिस तरह मीडिया कारपोरेट ढर्रे पर चल रही है, इसी ने हमें यह संकल्प लेने पर मजबूर किया कि हमें चुपचाप मौजूदा मीडिया के रास्ते पर नहीं चलना है, बल्कि देश के उन करोड़ों लोगों के अधिकारों की आवाज बनना है, जो इस लोकतांत्रिक देश में हर रोज अपने अधिकारों को पाने के लिए पुलिस, अधिकारी और नेता की मनमानी का शिकार बन रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। हालांकि जब हमने इसे शुरु किया तो हमारे सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हो गयी, लेकिन हमने चुनौती को स्वीकार करते हुए थोड़े कम पैसों में ही एक कठिन रास्ते पर चलने की ठान ली और एक गैर-लाभकारी कंपनी बनाई। इंटरनेट का सहारा लिया और बिल्कुल अगल ही तरह का न्यूज पोर्टल बनाया। इसमें हमने अधिकारों की जानकारी देने के साथ ही अधिकारों से संबधित घटनाओं को लोगों तक पहुंचाने की शुरुआत की।

हमारा ऐसा मानना है कि यदि लोकसेवा अधिकारों को बचाए रखना है तो ऐसी पत्रकारिता को आर्थिक स्वतंत्रता देनी ही होगी। इसके लिए कारपोरेट घरानों और नेताओं की बजाय आम जनता को इसमें भागीदार बनना होगा। जो लोग भ्रष्टाचार मुक्त सच्ची पत्रकारिता को बचाए रखना चाहते हैं, वे सामने आएं और अधिकार एक्सप्रेस को चलाने में मदद करें। एक संस्थान के रूप में ‘अधिकार एक्सप्रेस’ लोकहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुसार चलने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा आपसे निवेदन है कि आप हमें पढ़ें और इस जानकारी को जन-जन तक पहुंचाएं, शेयर करें, और बेहतर करने का सुझाव दें।            (अधिकार एक्सप्रेस आपका, आपके लिए और आपके सहयोग से चलने वाला पत्रकारिता संस्थान है)