Main Menu

आवेदन के साथ लगाने वाले दस्तावेज

आवेदन के साथ लगाने वाले दस्तावेज

पासपोर्ट आवेदन के साथ कागजात

  1. पते का प्रमाणपत्र
  • राशनकार्ड
  •  मतदाता पहचान पत्र
  • बिजली का बिल
  •  पानी का बिल
  • बैंक खाते का स्टेमेंट
  • तीन साल के इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी
  • पति/पत्नी के पासपोर्ट की कॉपी
  • बच्चों के मामले में पैरेंट्स के पासपोर्ट की कॉपी
  • तहसीलदार द्वारा जारी प्रमाण पत्र
  • सरपंच/प्रधान द्वारा जारी प्रमाण पत्र

        2.  राष्ट्रीयता-जन्मतिथि प्रमाण पत्र

  • जन्म प्रमाण पत्र(नगर पालिका या जिले के कार्यालय द्वारा जारी)
  • स्कूल सर्टिफिकेट
  • तहसीलदार द्वारा सत्यापित एफिडेविट
  • सरपंच द्वारा सत्यापित एफिडेविट
  • मजिस्ट्रेट द्वारा सत्यापित एफिडेविट
  • 26.01.1989 के बाद सिर्फ जन्म प्रमाणपत्र मान्य

        3.अनापत्ति प्रमाण पत्र 

  • कर्मचारी अनापत्ति प्रमाण पत्र लगाएं

तत्काल पासपोर्ट योजना में तीन दस्तावेजों के साथ एफिडेविट दें

  • वोटर आई कार्ड
  • सरकार द्वारा जारी सेवा आई कार्ड
  • अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/ अन्य पिछड़े वर्ग का प्रमाण पत्र
  • स्वतंत्रता सेनानी आई कार्ड
  • हथियार लाइसेंस
  • संपत्ति दस्तावेज
  • राशन कार्ड
  • पेंशन दस्तावेज
  • रेलवे आई कार्ड
  • पैन कार्ड
  • बैंक/किसान डाकघऱ की पासबुक
  • मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान का स्टूटेंड आई कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • जन्म प्रमाण पत्र

ये दस्तावेज सेल्फ अटेस्टेड कॉपियों के साथ मूल रुप में पेश किए जाते हैं ।

पासपोर्ट री-इश्यू के लिए दस्तावेज

  1. मूल पासपोर्ट
  2. पासपोर्ट के पहले चार और बाद के चार पन्नों व ईसीआर/ईसीएनआर पेज की सेल्फ अटेस्टेड फोटोकॉपी

हमें लिखें

यदि आप कोई सूचना, लेख, ऑडियो-वीडियो या प्रश्न हम तक पहुंचाना चाहते हैं तो हमें भेजें।

सहायता करें


आज जिस तरह मीडिया कारपोरेट ढर्रे पर चल रही है, इसी ने हमें यह संकल्प लेने पर मजबूर किया कि हमें चुपचाप मौजूदा मीडिया के रास्ते पर नहीं चलना है, बल्कि देश के उन करोड़ों लोगों के अधिकारों की आवाज बनना है, जो इस लोकतांत्रिक देश में हर रोज अपने अधिकारों को पाने के लिए पुलिस, अधिकारी और नेता की मनमानी का शिकार बन रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। हालांकि जब हमने इसे शुरु किया तो हमारे सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हो गयी, लेकिन हमने चुनौती को स्वीकार करते हुए थोड़े कम पैसों में ही एक कठिन रास्ते पर चलने की ठान ली और एक गैर-लाभकारी कंपनी बनाई। इंटरनेट का सहारा लिया और बिल्कुल अगल ही तरह का न्यूज पोर्टल बनाया। इसमें हमने अधिकारों की जानकारी देने के साथ ही अधिकारों से संबधित घटनाओं को लोगों तक पहुंचाने की शुरुआत की।

हमारा ऐसा मानना है कि यदि लोकसेवा अधिकारों को बचाए रखना है तो ऐसी पत्रकारिता को आर्थिक स्वतंत्रता देनी ही होगी। इसके लिए कारपोरेट घरानों और नेताओं की बजाय आम जनता को इसमें भागीदार बनना होगा। जो लोग भ्रष्टाचार मुक्त सच्ची पत्रकारिता को बचाए रखना चाहते हैं, वे सामने आएं और अधिकार एक्सप्रेस को चलाने में मदद करें। एक संस्थान के रूप में ‘अधिकार एक्सप्रेस’ लोकहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुसार चलने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा आपसे निवेदन है कि आप हमें पढ़ें और इस जानकारी को जन-जन तक पहुंचाएं, शेयर करें, और बेहतर करने का सुझाव दें।            (अधिकार एक्सप्रेस आपका, आपके लिए और आपके सहयोग से चलने वाला पत्रकारिता संस्थान है)