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मतदान में गड़बड़ी की शिकायत कैसे करें

मतदान में गड़बड़ी की शिकायत कैसे करें

मतदान केंद्रों से संबंधित समस्याएं 

  • अगर मतदान केंद्र ऐसी जगह हो जहां पहुंचना संभव न हो या दूरी ज्यादा हो या आसपास अपराधियों का इलाका हो या राजनीतिक दलों के दफ्तर करीब हो या आस-पास कोई धार्मिक स्थल हो।
  • मतदान केंद्र बहुत तंग जगह पर हो और केंद्र में प्रवेश करने तथा निकलने के अलग-अलग रास्ते न हों।
  • एक ही इमारत में बहुत अधिक मतदान केंद्र हों, तो इसकी शिकायत करें।

मतदान केंद्रों से संबंधित शिकायतें

  • ऊपर उल्लिखित समस्याओं के बारे में जिला चुनाव अधिकारी या निर्वाचन अधिकारी या मुख्य चुनाव अधिकारी या निर्वाचन आयोग से शिकायत करें।
  • मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी से आग्रह करें कि आपकी राय अपनी डायरी में दर्ज करें।

मतदान केंद्रों में गड़बड़ी पर शिकायत

  • अगर मतदाताओं या उम्मीदवारों के एजेंटों या मतदान करवाने वाले कर्मचारियों को डराया- धमकाया जाता है, 
  • मतदान केंद्रों पर कब्जा और अथवा गड़बड़ी फैलाई जाती है ,
  • चुनाव प्रचार तथा लोगों से पैसा वसूलने के लिए गुंडों की मदद ली जाती है तो इसकी शिकायत करें। 

मतदान केंद्र के कर्चमारी के खिलाफ  शिकायत 

  • मतदान करवा रहा सरकारी कर्मचारी अगर अपने राजनैतिक झुकाव की वजह से अपना दायित्व ठीक से नहीं निभाता है तो आप पुलिस अथवा न्यायिक मजिस्ट्रेट से उसकी शिकायत कर सकते हैं।

मतदान केंद्र पर मौजूद पुलिस बल के खिलाफ शिकायत

  • कानून व्यवस्था के प्रभारी अथवा कर्मचारी आपको परेशान करते हैं तो...
  1. जिला चुनाव अधिकारी या निर्वाचन अधिकारी या मुख्य चुनाव अधिकारी या निर्वाचन आयोग से शिकायत करें,
  2. राज्य के पुलिस महानिदेश के शिकायत करें,
  3. राज्य के मुख्य सचिव से शिकायत करें,
  4. संघ सरकार के गृहमंत्रालय से शिकायत करें,

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आज जिस तरह मीडिया कारपोरेट ढर्रे पर चल रही है, इसी ने हमें यह संकल्प लेने पर मजबूर किया कि हमें चुपचाप मौजूदा मीडिया के रास्ते पर नहीं चलना है, बल्कि देश के उन करोड़ों लोगों के अधिकारों की आवाज बनना है, जो इस लोकतांत्रिक देश में हर रोज अपने अधिकारों को पाने के लिए पुलिस, अधिकारी और नेता की मनमानी का शिकार बन रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। हालांकि जब हमने इसे शुरु किया तो हमारे सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हो गयी, लेकिन हमने चुनौती को स्वीकार करते हुए थोड़े कम पैसों में ही एक कठिन रास्ते पर चलने की ठान ली और एक गैर-लाभकारी कंपनी बनाई। इंटरनेट का सहारा लिया और बिल्कुल अगल ही तरह का न्यूज पोर्टल बनाया। इसमें हमने अधिकारों की जानकारी देने के साथ ही अधिकारों से संबधित घटनाओं को लोगों तक पहुंचाने की शुरुआत की।

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