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मतदाता इन बातों को ध्यान में रखें

मतदाता इन बातों को ध्यान में रखें

मतदाता इन बातों को ध्यान में रखें

  • कोई व्यक्ति एक से ज्यादा चुनाव क्षेत्रों में मतदाता के रुप में पंजीकृत नहीं  हो सकता है ।
  • कोई व्यक्ति एक ही चुनाव क्षेत्र के एक से ज्यादा हिस्सों में मतदाता नहीं हो सकता है ।
  • मतदाता कार्ड पर गलत जानकारी देने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है ।
  • जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के अंतर्गत गलत जानकारी देने के अपराध में एक साल की कैद या जुर्माना  या दोनों सजाएं हो सकती हैं।

फर्जी वोटर कार्ड बनाने पर दण्ड

अगर कोई व्यक्ति नकली दस्तावेज या वोटर कार्ड बनाने का काम करता है, तो उस पर आईपीसी की धारा 471 के तहत फर्जीवाड़ा, 467 के तहत धोखा देने व इस संबंध में उपयोग आने वाले उपकरण को रखना या कब्जे में रखने के आरोप में धारा 473 के तहत मुकदम चलाया जा सकता है । मामला साबित होने पर आरोपी को आजीवन कारावास या कम से कम दस वर्ष का कारावास व आर्थिक दण्ड लगाया जा सकता है।

फर्जी वोटर कार्ड के इस्तेमाल पर दण्ड

फर्जी वोटर कार्ड या अन्य नकली दस्तावेज को इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति यह जानते हुए कि वह नकली है, फिर भी उसका इस्तेमाल करता है, तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 471 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। मामला साबित होने पर व्यक्ति को आजीवन कारावास या कम से कम दस वर्ष की सजा या आर्थिक दण्ड हो सकता है ।  

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आज जिस तरह मीडिया कारपोरेट ढर्रे पर चल रही है, इसी ने हमें यह संकल्प लेने पर मजबूर किया कि हमें चुपचाप मौजूदा मीडिया के रास्ते पर नहीं चलना है, बल्कि देश के उन करोड़ों लोगों के अधिकारों की आवाज बनना है, जो इस लोकतांत्रिक देश में हर रोज अपने अधिकारों को पाने के लिए पुलिस, अधिकारी और नेता की मनमानी का शिकार बन रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। हालांकि जब हमने इसे शुरु किया तो हमारे सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हो गयी, लेकिन हमने चुनौती को स्वीकार करते हुए थोड़े कम पैसों में ही एक कठिन रास्ते पर चलने की ठान ली और एक गैर-लाभकारी कंपनी बनाई। इंटरनेट का सहारा लिया और बिल्कुल अगल ही तरह का न्यूज पोर्टल बनाया। इसमें हमने अधिकारों की जानकारी देने के साथ ही अधिकारों से संबधित घटनाओं को लोगों तक पहुंचाने की शुरुआत की।

हमारा ऐसा मानना है कि यदि लोकसेवा अधिकारों को बचाए रखना है तो ऐसी पत्रकारिता को आर्थिक स्वतंत्रता देनी ही होगी। इसके लिए कारपोरेट घरानों और नेताओं की बजाय आम जनता को इसमें भागीदार बनना होगा। जो लोग भ्रष्टाचार मुक्त सच्ची पत्रकारिता को बचाए रखना चाहते हैं, वे सामने आएं और अधिकार एक्सप्रेस को चलाने में मदद करें। एक संस्थान के रूप में ‘अधिकार एक्सप्रेस’ लोकहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुसार चलने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा आपसे निवेदन है कि आप हमें पढ़ें और इस जानकारी को जन-जन तक पहुंचाएं, शेयर करें, और बेहतर करने का सुझाव दें।