Main Menu

हिप्र में NOC न बनने पर कैसे अपील करें

Watch the video

हिप्र में NOC न बनने पर कैसे अपील करें

हिमाचल प्रदेश में अपील कैसे करें 

अधिकार एक्सप्रेस के इस नए वीडियो में आपका स्वागत है। आज हम इस वीडियो में आपको बताएँगे कि हिमाचल प्रदेश में बहुमंजिले भवन, उद्योग, स्कूल, कालेज, विश्वविद्यालय, नर्सिंग होम और हास्पिटल जैसे भवनों की अग्नि सुरक्षा के लिए यदि आप अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना चाहते हैं, लेकिन अग्निशमन अधिकारी समय पर आपको NOC नहीं देते हैं तो आप क्या करेंगे।  

  1. लोकसेवा अधिकार अधिनियम के अनुसार आप जिस कार्य दिवस के दिन आप  एनओसी के लिए आवेदन करते हैं, उसके सातवें दिन डिविजनल आफीसर या स्टेशन फायर आफीसर या सब फायर आफीसर फायर रिपोर्ट जारी कर देगा।
  2. यदि ये अधिकारी सात कार्य दिवस के अंदर फायर रिपोर्ट जारी नहीं करते हैं तो आप इन अधिकारियों के खिलाफ सबसे पहले प्रथम अपील प्राधिकारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी के यहां लिखित अपील कर सकते हैं। इस अपील के बावजूद यदि फायर रिपोर्ट जारी नहीं की जाती है तो आप उसी मुख्य अग्निशमन अधिकारी से मामले की दोबारा अपील कर सकते हैं।
  3. NOC के लिए आवेदन के बाद 30 दिन के अंदर आपकी NOC जारी कर दी जानी चाहिए। यदि मुख्य अग्निशमन अधिकारी 30 दिन के अंदर आपकी NOC जारी नहीं करता है तो आप सबसे पहले डायरेक्टर फायर सर्विसेज के यहां NOC जारी न करने वाले मुख्य अग्निशमन अधिकारी के खिलाफ अपील कर सकते हैं।
  4. इस अपील के बावजूद यदि आपकी सुनवाई नहीं होती है तो आप दोबारा डायरेक्टर फायर सर्विसेज से दोषी अधिकारी के खिलाफ अपील कर सकते हैं। आपके आरोप को सच पाए जाने पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी या डायरेक्टर फायर सर्विसेज दोषी अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करेंगे ।

 

 

 

हमें लिखें

यदि आप कोई सूचना, लेख, ऑडियो-वीडियो या प्रश्न हम तक पहुंचाना चाहते हैं तो हमें भेजें।

सहायता करें


आज जिस तरह मीडिया कारपोरेट ढर्रे पर चल रही है, इसी ने हमें यह संकल्प लेने पर मजबूर किया कि हमें चुपचाप मौजूदा मीडिया के रास्ते पर नहीं चलना है, बल्कि देश के उन करोड़ों लोगों के अधिकारों की आवाज बनना है, जो इस लोकतांत्रिक देश में हर रोज अपने अधिकारों को पाने के लिए पुलिस, अधिकारी और नेता की मनमानी का शिकार बन रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। हालांकि जब हमने इसे शुरु किया तो हमारे सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हो गयी, लेकिन हमने चुनौती को स्वीकार करते हुए थोड़े कम पैसों में ही एक कठिन रास्ते पर चलने की ठान ली और एक गैर-लाभकारी कंपनी बनाई। इंटरनेट का सहारा लिया और बिल्कुल अगल ही तरह का न्यूज पोर्टल बनाया। इसमें हमने अधिकारों की जानकारी देने के साथ ही अधिकारों से संबधित घटनाओं को लोगों तक पहुंचाने की शुरुआत की।

हमारा ऐसा मानना है कि यदि लोकसेवा अधिकारों को बचाए रखना है तो ऐसी पत्रकारिता को आर्थिक स्वतंत्रता देनी ही होगी। इसके लिए कारपोरेट घरानों और नेताओं की बजाय आम जनता को इसमें भागीदार बनना होगा। जो लोग भ्रष्टाचार मुक्त सच्ची पत्रकारिता को बचाए रखना चाहते हैं, वे सामने आएं और अधिकार एक्सप्रेस को चलाने में मदद करें। एक संस्थान के रूप में ‘अधिकार एक्सप्रेस’ लोकहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुसार चलने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा आपसे निवेदन है कि आप हमें पढ़ें और इस जानकारी को जन-जन तक पहुंचाएं, शेयर करें, और बेहतर करने का सुझाव दें।            (अधिकार एक्सप्रेस आपका, आपके लिए और आपके सहयोग से चलने वाला पत्रकारिता संस्थान है)