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अदालत ने जिसे दी बेल उसे मिली जेल !

अदालत ने जिसे दी बेल उसे मिली जेल !

सीवान (बिहार)। बिहार के सीवान जेल के पुलिस अधिकारियों ने लापरवाही की हद ही कर दी। यहां की न्यायालय ने जिस कैदी को जमानत दी थी, जेल प्रशासन ने उस कैदी के हम नाम वाले दूसरे कैदी को जमानत के आधार पर छोड़ दिया। जब जेल में बंद कैदी ने अपनी रिहाई की सूचना पुलिस को दी तब मामले का खुलासा हुआ। इस गलती का पता चलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके बाद आनन-फानन में छोड़े गए कैदी को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी शुरु कर दी। 

बताया जा रहा है कि बिहार की सीवान जेल में गुल मोहम्मद नाम के दो कैदी सजा काट रहे त थे। सीजेएम न्यायालय ने इनमें से एक कैदी की जमानत मंजूर कर ली थी। रिलीज ऑर्डर जारी होने के बाद जेल प्रबंधन ने गुल मोहम्मद नाम के दूसरे कैदी को जमानत पर रिहा कर दिया। जिस कैदी को जमानत पर रिहा कर दिया गया वो डकैती कांड में गिरफ्तार हुआ पेशेवर अपराधी है। जेल से बाहर आने के बाद से ही वह फरार चल रहा है। वहीं न्यायालय ने जिस गुल मोहम्मद की जमानत मंजूर की थी वह सहसरांव गांव का रहने वाला है। गुल मोहम्मद ने जब जमानत पर अपनी रिहाई की सूचना जेल अधिकारियों को दी, तब इस मामले का खुलासा हुआ। वहीं इस घटना के बाद जेल में बंद गुल मोहम्मद के वकील एमए खान ने कहा "ये लिपीकीय गलती है। ये कोई इरादतन की गई गलती नहीं है। हम इसे 'स्लिप ऑफ पेन' कह सकते हैं।" जबकि जेल प्रशासन का कहना है कि, "पेशकार की गलती से रिलीज ऑर्डर जेल को भेज दिया गया था।" हालांकि पुलिस जेल से छोड़े गए कैदी गुल मोहम्मद को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है।

नागरिक का मौलिक कर्तव्य

(क) संविधान का पालन करें और उसके आदर्शों, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्र्गान का आदर करें। 

(ख) स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शो को हृदय में संजोए रखें व उनका पालन करें।

(ग) भारत की प्रभुता एकता व अखंडता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण बनाये रखें। 

(घ) देश की रक्षा करें और आवाह्न किए जाने पर राष्ट् की सेवा करें। 

(ङ) भारत के सभी लोग समरसता और सम्मान एवं भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करें जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग के भेदभाव पर आधारित न हों, उन सभी प्रथाओं का त्याग करें जो महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध हों।

(च) हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्त्व समझें और उसका परिरक्षण करें। 

(छ) प्राकृतिक पर्यावरण जिसके अंतर्गत वन, झील,नदी वन्य प्राणी आदि आते हैं की रक्षा व संवर्धन करें तथा प्राणी मात्र के प्रति दयाभाव रखें।

(ज) वैज्ञानिक दृष्टिकोण मानवतावाद व ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें । 

(झ) सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखें व हिंसा से दूर रहें। 

(ञ) व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में सतत उत्कर्ष की ओर बढ़ने का प्रयास करें, जिससे राष्ट्र प्रगति करते हुए प्रयात्न और उपलब्धि की नई ऊँचाइयों को छू ले।

(ट) यदि आप माता-पिता या संरक्षक हैं तो 6 वर्ष से 14 वर्ष आयु वाले अपने या प्रतिपाल्य (यथास्थिति) बच्चे को शिक्षा के अवसर प्रदान करें।

बंदी (कैदी) का अधिकार