Main Menu

कलेक्ट्रेट में चौबीस घंटे ऑनलाइन शिकायत

कलेक्ट्रेट में चौबीस घंटे ऑनलाइन शिकायत

रायपुर (छत्तीसगढ़) । आप जिले की किसी भी शासकीय सेवा को प्राप्त करने को लेकर कर्मचारियों और अधिकारियों से परेशान हैं तो, आपके लिए खुशी की खबर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिया है कि वह पंद्रह दिन के अंदर सभी जिलों के कलेक्ट्रेट में चौबीस घंटे ऑनलाईन शिकायतें दर्ज करने की सेवा आंरभ करने की कार्य योजना तैयार करके पेश करे। इसके अलावा उन्होंने सभी जिलों में कॉमन हेल्पलाइन नंबर निर्धारित करने के लिए कहा है। इसमें कोई भी नागरिक किसी भी शासकीय सेवा में हो रही देरी या फिर रिश्वत मांगे जाने की शिकायत कर सकेगा। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निर्देश में सामान्य प्रशासन विभाग को इस संबंध में संबंधित विभागों से विभिन्न बिन्दुओं पर 10 दिनों के भीतर जानकारी पेश करने के लिए कहा है। इसके तहत योजना का नाम, योजना आरंभ करने का उद्देश्य व आरंभ वर्ष, दी जा रही सेवायें, ऑनलाईन सेवायें उपलब्ध कराये जाने पर हुआ वर्षवार व्यय, विभिन्न सेवाओं पर लिया जा रहा सेवा शुल्क, कुल वार्षिक प्राप्तियां, सेवा प्रदाता का नाम, राज्य के विभिन्न मांगो में गुणवत्ता इंटरनेट सेवा की उपलब्धता की स्थिति, अवरोध की जानकारी, किसी कारणों से सेवा/ऑनलाईन उपलब्ध नहीं होने के स्थिति में सेवा प्रदाय किये जाने हेतु वैकल्पिक व्यवस्था, जनता से फीडबैक लिये जाने की व्यवस्था की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि राज्य सरकार का यह कदम नागरिकों के हित में बहुत ही सरहानीय कदम है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इसे प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। 

नागरिक का मौलिक कर्तव्य

(क) संविधान का पालन करें और उसके आदर्शों, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्र्गान का आदर करें। 

(ख) स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शो को हृदय में संजोए रखें व उनका पालन करें।

(ग) भारत की प्रभुता एकता व अखंडता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण बनाये रखें। 

(घ) देश की रक्षा करें और आवाह्न किए जाने पर राष्ट् की सेवा करें। 

(ङ) भारत के सभी लोग समरसता और सम्मान एवं भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करें जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग के भेदभाव पर आधारित न हों, उन सभी प्रथाओं का त्याग करें जो महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध हों।

(च) हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्त्व समझें और उसका परिरक्षण करें। 

(छ) प्राकृतिक पर्यावरण जिसके अंतर्गत वन, झील,नदी वन्य प्राणी आदि आते हैं की रक्षा व संवर्धन करें तथा प्राणी मात्र के प्रति दयाभाव रखें।

(ज) वैज्ञानिक दृष्टिकोण मानवतावाद व ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें । 

(झ) सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखें व हिंसा से दूर रहें। 

(ञ) व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में सतत उत्कर्ष की ओर बढ़ने का प्रयास करें, जिससे राष्ट्र प्रगति करते हुए प्रयात्न और उपलब्धि की नई ऊँचाइयों को छू ले।

(ट) यदि आप माता-पिता या संरक्षक हैं तो 6 वर्ष से 14 वर्ष आयु वाले अपने या प्रतिपाल्य (यथास्थिति) बच्चे को शिक्षा के अवसर प्रदान करें।

बंदी (कैदी) का अधिकार