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अब नहीं बंद होंगे 50 करोड़ मोबाइल नंबर: UIDAI

अब नहीं बंद होंगे 50 करोड़ मोबाइल नंबर: UIDAI

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर देश के पचास करोड़ मोबाइल नंबर बंद होने की खबर वायरल होने से अब डरने की कोई जरुरत नहीं है। बृहस्पतिवार को आधार नंबर जारी करने वाली संस्था यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआइडीएआइ) और दूरसंचार विभाग ने अपने एक संयुक्त बयान जारी किया है। जिसमें कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने आधार में दिये अपने निर्णय में कहीं नहीं कहा है कि आधार नंबर के जरिए जिन सिम कार्डो का ईकेवाइसी हुआ है वे बंद हो जाएंगे। इसलिए घबड़ाने की कोई जरुरत नहीं है। 

यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कहा है कि मोबाइल फोन धारकों को तभी नया केवाइसी कराने की आवश्यकता है, जब वो अपने सिम कार्ड को आधार से डीलिंक कराना चाहते हैं। वहीं दूरसंचार विभाग और यूआइडीएआइ मिल कर एक व्यवस्था तैयार करने की प्रक्रिया में हैं, जिसके तहत एक मोबाइल एप के जरिए नए सिम कार्ड जारी करने के लिए ईकेवाइसी की सरल प्रक्रिया होगी। इसके तहत फोटो के जरिए व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित की जाएगी।

आपको बता दें कि पिछले माह सुप्रीम कोर्ट ने आधार की संवैधानिकता पर सुनवाई करते हुए अहम फैसला सुनाया था, जिसमें आधार की संवैधानिकता को बरकरार रखते हुए निजी कंपनियों की ओर से आधार डाटा को इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी थी। आदेश दिया था कि मोबाइल कंपनियां यूजर्स की पहचान के लिए आधार नंबर का वेरीफिकेशन नहीं कर सकती हैं। इसके बाद यूआइडीएआइ ने टेलीकॉम कंपनियों को 15 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के निर्देश दिए थे।

 

नागरिक का मौलिक कर्तव्य

(क) संविधान का पालन करें और उसके आदर्शों, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्र्गान का आदर करें। 

(ख) स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शो को हृदय में संजोए रखें व उनका पालन करें।

(ग) भारत की प्रभुता एकता व अखंडता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण बनाये रखें। 

(घ) देश की रक्षा करें और आवाह्न किए जाने पर राष्ट् की सेवा करें। 

(ङ) भारत के सभी लोग समरसता और सम्मान एवं भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करें जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग के भेदभाव पर आधारित न हों, उन सभी प्रथाओं का त्याग करें जो महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध हों।

(च) हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्त्व समझें और उसका परिरक्षण करें। 

(छ) प्राकृतिक पर्यावरण जिसके अंतर्गत वन, झील,नदी वन्य प्राणी आदि आते हैं की रक्षा व संवर्धन करें तथा प्राणी मात्र के प्रति दयाभाव रखें।

(ज) वैज्ञानिक दृष्टिकोण मानवतावाद व ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें । 

(झ) सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखें व हिंसा से दूर रहें। 

(ञ) व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में सतत उत्कर्ष की ओर बढ़ने का प्रयास करें, जिससे राष्ट्र प्रगति करते हुए प्रयात्न और उपलब्धि की नई ऊँचाइयों को छू ले।

(ट) यदि आप माता-पिता या संरक्षक हैं तो 6 वर्ष से 14 वर्ष आयु वाले अपने या प्रतिपाल्य (यथास्थिति) बच्चे को शिक्षा के अवसर प्रदान करें।

बंदी (कैदी) का अधिकार