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#gram_panchayat_bhawan प्रयागराज में 'पंचायत भवन' घोटाला !

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#gram_panchayat_bhawan प्रयागराज में 'पंचायत भवन' घोटाला !

योगी आदित्यनाथ की सरकार भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश के दावे करती रहती हैं, लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और ही है। ग्राम पंचायत स्तर पर हो रहे विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी मिलकर जनता की मेहनत की कमायी को खुलेआम लूट रहे हैं। ताजा मामला प्रयागराज जिले के विकासखंड श्रृंगवेरपुर के अंतर्गत कोरारी गांव का है। जहां पंचायत भवन के निर्माण में व्यापक गड़बड़ी की जानकारी मिलने पर जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक सिन्हा ने ग्राम पंचायत अधिकारी प्रदीप मौर्या को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अब धनूपुर विकास खंड के सहायक विकास अधिकारी प्रेमदास पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। चलिये आपको दिखाते हैं कि किस तरह से कोरारी के ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी ने पंचायत भवन के निर्माण में भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दी हैं,,,,। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/

नागरिक का मौलिक कर्तव्य

(क) संविधान का पालन करें और उसके आदर्शों, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्र्गान का आदर करें। 

(ख) स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शो को हृदय में संजोए रखें व उनका पालन करें।

(ग) भारत की प्रभुता एकता व अखंडता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण बनाये रखें। 

(घ) देश की रक्षा करें और आवाह्न किए जाने पर राष्ट् की सेवा करें। 

(ङ) भारत के सभी लोग समरसता और सम्मान एवं भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करें जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग के भेदभाव पर आधारित न हों, उन सभी प्रथाओं का त्याग करें जो महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध हों।

(च) हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्त्व समझें और उसका परिरक्षण करें। 

(छ) प्राकृतिक पर्यावरण जिसके अंतर्गत वन, झील,नदी वन्य प्राणी आदि आते हैं की रक्षा व संवर्धन करें तथा प्राणी मात्र के प्रति दयाभाव रखें।

(ज) वैज्ञानिक दृष्टिकोण मानवतावाद व ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें । 

(झ) सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखें व हिंसा से दूर रहें। 

(ञ) व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में सतत उत्कर्ष की ओर बढ़ने का प्रयास करें, जिससे राष्ट्र प्रगति करते हुए प्रयात्न और उपलब्धि की नई ऊँचाइयों को छू ले।

(ट) यदि आप माता-पिता या संरक्षक हैं तो 6 वर्ष से 14 वर्ष आयु वाले अपने या प्रतिपाल्य (यथास्थिति) बच्चे को शिक्षा के अवसर प्रदान करें।

बंदी (कैदी) का अधिकार