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#yuvak_ mangal_dal युवक मंगल दल क्या होता है?

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#yuvak_ mangal_dal युवक मंगल दल क्या होता है?

सन् 2012 के बाद उत्तर प्रदेश में एक बार फिर युवक मंगल दल व महिला मंगल दल के दिन बहुरने लगे हैं। धन के अभाव में दम तोड़ चुके युवक व महिला मंगल दल को लगभग आठ वर्ष के लंबे अंतराल पश्चात् सरकार जीवित करने में लगी हुयी है। सन् 2019 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवक एवं महिला मंगल दलों को खेल सामग्री प्रदान कराने के लिए युवा कल्याण मंत्रालय को बजट उपलब्ध कराया था। इसके तहत प्रत्येक युवक मंगल दल व महिला मंगल दल को चार फुटबाल, चार वॉलीबाल, दो नेट, एक एयर पंप दिया गया था। जिससे ग्रामीण अंचल के युवाओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाने के साथ ही उनमें नेतृत्व की क्षमता का विकास किया जा सके। लेकिन क्या आप युवक एवं महिला मंगल दल के बारे में जानते हैं...? यदि नहीं जानते हैं, तो कोई बात नहीं है। चलिये हम आपको विस्तार से बताते हैं कि युवक और महिला मंगल दल क्या होते हैं और उनका गठन कैसे किया जाता है। हमारी वेबसाइट है: http://adhikarexpress.com/

नागरिक का मौलिक कर्तव्य

(क) संविधान का पालन करें और उसके आदर्शों, राष्ट्र ध्वज और राष्ट्र्गान का आदर करें। 

(ख) स्वतंत्रता के लिए हमारे राष्ट्रीय आन्दोलन प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शो को हृदय में संजोए रखें व उनका पालन करें।

(ग) भारत की प्रभुता एकता व अखंडता की रक्षा करें और उसे अक्षुण्ण बनाये रखें। 

(घ) देश की रक्षा करें और आवाह्न किए जाने पर राष्ट् की सेवा करें। 

(ङ) भारत के सभी लोग समरसता और सम्मान एवं भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करें जो धर्म, भाषा और प्रदेश या वर्ग के भेदभाव पर आधारित न हों, उन सभी प्रथाओं का त्याग करें जो महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध हों।

(च) हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्त्व समझें और उसका परिरक्षण करें। 

(छ) प्राकृतिक पर्यावरण जिसके अंतर्गत वन, झील,नदी वन्य प्राणी आदि आते हैं की रक्षा व संवर्धन करें तथा प्राणी मात्र के प्रति दयाभाव रखें।

(ज) वैज्ञानिक दृष्टिकोण मानवतावाद व ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करें । 

(झ) सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखें व हिंसा से दूर रहें। 

(ञ) व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में सतत उत्कर्ष की ओर बढ़ने का प्रयास करें, जिससे राष्ट्र प्रगति करते हुए प्रयात्न और उपलब्धि की नई ऊँचाइयों को छू ले।

(ट) यदि आप माता-पिता या संरक्षक हैं तो 6 वर्ष से 14 वर्ष आयु वाले अपने या प्रतिपाल्य (यथास्थिति) बच्चे को शिक्षा के अवसर प्रदान करें।

बंदी (कैदी) का अधिकार